इतिहास

30 अगस्त का इतिहास : 30 अगस्त 1569 को महान मुग़ल बादशाह अकबर के सबसे बड़े पुत्र सुल्तान सलीम मिर्ज़ा उर्फ़ जहांगीर का जन्म हुआ!

ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 30 अगस्त वर्ष का 242 वाँ (लीप वर्ष में यह 243 वाँ) दिन है। साल में अभी और 123 दिन शेष हैं।

30 अगस्त की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
1659 – दारा शिकोह को औरंगजेब द्वारा फाँसी दी गयी।
1682 – विलियम पेन इंग्लैंड से रवाना हुए और बाद में उन्होंने अमेरिका में पेनसिल्वेनिया कॉलोनी की स्थापना की।
1780 – जनरल बेनेडिक्ट अर्नोल्ड ने वेस्ट प्वाइंट फोर्ट में ब्रिटिश सेना के सामने आत्मसमर्पण करने का वादा किया।
1806 – न्यूयॉर्क शहर का दूसरा दैनिक समाचार पत्र ‘डेली एडवर्टाइजर’ आखिरी बार प्रकाशित किया गया।
1928 – द इंडिपेंडेंस ऑफ़ इंडिया लीग की भारत में स्थापना।
1947- भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए डॉ भीमराव आम्बेडकर के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया।
1951 – फिलीपींस और अमेरिका ने एक रक्षा संधि पर हस्ताक्षर किये।
1984 – अंतरिक्ष यान ‘डिस्कवरी’ ने पहली बार उड़ान भरी।
1991 – अजरबैजान ने सोवियत संघ से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।
1999 – पूर्वी तिमोर की स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह सम्पन्न।
1999 – पूर्वी तिमोर के निवासियों ने इंडोनेशिया से आजादी के लिए भारी मतदान किया।
संयुक्त राष्ट्र ने चार सितंबर को परिणाम की घोषणा की।
2002 – ताइवान में भूकम्प के झटके महसूस किये गए।
2002 – कोनोको इंक और फिलिप्स पेट्रोलियम ने विलय कर कोनोकोफिलिप्स बनायी।
यह अमेरिका की तीसरी सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी और दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनी थी।

2003-रूसी पनडुब्बी बेरेंट्स सागर में डूबी, नौ मरे, आस्ट्रेलिया ने विश्व नौकायन में स्वर्ण पदक जीता।
समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव तीसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
2007 – जर्मनी के दो वैज्ञानिक गुंटर निमित्ज और आल्फ़ोंस स्टालहोफ़ेन ने अल्बर्ट आइंसटीन के सापेक्षता के सिद्धान्त को ग़लत ठहराने का दावा किया। नेपाल की कोईराला सरकार ने चार माओवादी विद्रोहियों को फ़्रांस, डेनमार्क, आस्ट्रेलिया और मलेशिया का राजदूत नियुक्त किया। बांग्लादेश सरकार ने नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद युनुस के सम्मान में डाक टिकट जारी किया।
2014 – दक्षिण अफ्रीकी देश लेसोथो के प्रधानमंत्री टॉम थबाने सेना द्वारा कथित तौर पर तख्तापलट के प्रयासों के बाद दक्षिण अफ्रीका भाग गये।

30 अगस्त को जन्मे व्यक्ति
1923 – शैलेन्द्र गीतकार
1903 – भगवतीचरण वर्मा, हिन्दी जगत् के प्रमुख साहित्यकार।
1895 – सरदार हुकम सिंह, भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष
1888 – कनाईलाल दत्त – भारत की आज़ादी के लिए फाँसी के फंदे पर झूलने वाले अमर शहीदों में से एक।
1559 – जहाँगीर (सलीम)- अकबर का पुत्र एवं मुग़ल वंश का शासक।

30 अगस्त को हुए निधन
2014 – बिपिन चन्द्र – प्रसिद्ध इतिहासकार
2008- कृष्ण कुमार बिड़ला, प्रख्यात उद्योगपति
1659 – दारा शिकोह – मुग़ल बादशाह शाहजहाँ और मुमताज़ महल का सबसे बड़ा पुत्र था।
1952 – ओसबोर्न स्मिथ – भारतीय रिज़र्व बैंक के पहले गवर्नर।
1976 – जी.पी. श्रीवास्तव – हिन्दी साहित्यकार थे।

30 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
लघु उद्योग दिवस

30 अगस्त 1569 को मुग़ल बादशाह अकबर के सबसे बड़े पुत्र सुल्तान सलीम मिर्ज़ा उर्फ़ जहांगीर का जन्म हुआ।

30 अगस्त 1659 को दारा शिकोह को औरंगज़ेब ने मौत की सज़ा दी।
30 अगस्त 1806 को न्यूयॉर्क शहर का दूसरा दैनिक समाचार पत्र “डेली एडवर्टाइज़र” अंतिम बार प्रकाशित किया गया।
30 अगस्त 1947 को भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में एक प्रारूप समिति का गठन किया गया।
30 अगस्त 1981, ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद अली रजाई और प्रधान मंत्री मोहम्मद जवाद बाहुनर को आतंकवादी गुट एमकेओ ने एक बम धमाके में शहीद कर दिया।
30 अगस्त 1984 को अंतरिक्ष यान “डिस्कवरी” ने पहली बार उड़ान भरी।
30 अगस्त 1991 को आज़रबाइजान ने सोवियत संघ से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।
2007, जर्मनी के दो वैज्ञानिक गुंटर निमित्ज़ और आल्फ़ोंस स्टालहोफ़ेन ने अल्बर्ट आइंसटीन के सापेक्षता के सिद्धान्त को ग़लत ठहराने का दावा किया।
2007, बांग्लादेश सरकार ने नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद युनुस के सम्मान में डाक टिकट जारी किया।

30 अगस्त 1999 को पूर्वी तिमोर के निवासियों ने इंडोनेशिया से आजादी के लिए भारी मतदान किया। पूर्वी तिमोर, आधिकारिक रूप से लोकतांत्रिक गणराज्य है तिमोर दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित एक देश है। ऑस्ट्रेलिया से 640 किलोमीटर उत्तर पश्चिमी में स्थित इस देश का कुल क्षेत्रफल 15,410 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 1511 ईसवी में पूर्वी तिमोर सहित इन्डोनेशिया के अन्य द्वीप पर पुर्तगाल ने क़ब्ज़ा कर लिया और 19वीं शताब्दी में इन्डोनेशिया पर हालैंड के अतिग्रहण के बाद केवल पूर्वी तिमोर पुर्तगाल के नियंत्रण में बाक़ी रहा। वर्ष 1945 में इन्डोनेशिया स्वतंत्र हुआ और वर्ष 1976 तक पूर्वी तिमोर पुर्तगाल के नियंत्रण में रहा यहां तक कि इंडोनेशिया ने इस पर हमला कर कब्जा कर लिया और इसे अपना 27वां प्रांत घोषित कर दिया। वर्ष 1998 में जनरल सोहार्तो के शासन के पतन और इन्डोनेशिया में राजनैतिक संकट उत्पन्न होने के बाद पूर्वी तिमोर में स्वतंत्रता प्रेमी आंदोलन तेज़ हो गये और 1999 में संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित आत्म-निर्णय क़ानून के बाद इंडोनेशिया ने क्षेत्र पर से अपना नियंत्रण हटा लिया और यह देश स्वतंत्र हो गया। पूर्वी तिमोर एशिया के दो रोमन कैथोलिक बहुल देशों में से एक है। दूसरा देश फ़िलीपीन्स है।

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8 शहरीवर सन 1360 हिजरी शम्सी को ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री मोहम्मद अली रजाई तथा प्रधान मंत्री मोहम्मद जवाद बाहुनर की आतंकवादी गुट एम के ओ ने तेहरान में प्रधानमंत्री कार्यालय में बम विस्फोट करके हत्या कर दी। शहीद रजाई ने अपनी सामाजिक गतिविधियां एक शिक्षक के रुप में आरंभ कीं। इसी के साथ ही उन्होंने शाह की अत्याचारी सरकार के विरुद्ध संघर्ष भी किया। इस्लामी क्रान्ति की सफलता तक वे कई बार जेल भेजे गये। इस्लामी क्रान्ति की सफलता के पश्चात उन्होंने शिक्षा मंत्री संसद के प्रतिनिधि, प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति पदों पर आसीन होकर जनता की सेवा की । अपने राष्ट्रपति काल में उन्होंने इस्लामी क्रान्ति के संघर्षकर्ता और अनुभवी व्यक्ति मोहम्मद जवाद बाहुनर को प्रधानमंत्री बनाया। चूँकि यह दोनों ही इस्लामी शासन व्यवस्था के प्रति निष्ठावान जनसेवक थे। इस लिए क्रान्ति के शत्रुओं की नज़र में हमेशा खटकते थे। इसी कारण क्रान्ति के शत्रु आतंकवादी गुट एम के ओ ने इन दोनों को बम विस्फोट करके शहीद कर दिया। इस घटना के बाद इमाम ख़ुमैनी ने कहा था कि श्री रजाई और श्री बाहुनर की महानता यह है कि वे सदा जनता के साथ रहे।

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28 ज़िलहिज्जा सन 63 हिजरी क़मरी को इमाम हुसैन अ के आंदोलन के बाद हर्रा नामक घटना घटी। इस वर्ष जो उमवी शासक मुआविया के पुत्र यज़ीद के अत्याचार से ऊब चुके मदीने के लोगों ने थे मरवान को मदीने से निकाल बाहर किया जिसे यज़ीद ने इस नगर का अधिकारी बनाया था। इस घटना के बाद यज़ीद ने अत्यंत ख़ूंख़ार सेनापति मुस्लिम बिन अक़बा के नेतृत्व में एक बड़ी सेना मदीना भेजी। और मदीनावासियों का बुरी तरह से जनंसहार करवाया तथा उनकी धन सम्पत्ति को लूट लिया। इसलाम धर्म के उदय के बाद से उस समय तक यह जनसंहार अनुदाहरणीय था। कुछ इतिहासकारों के अनुसार इस जनसंहार में 10 हज़ार से अधिक लोग मौत के घाट उतार दिए गये।

उल्लेखनीय है कि यज़ीद का शासन काल साढ़े तीन वर्ष था और इस अवधि में उसने जनता पर हर वो अत्याचार किया जो एक शासक जनता पर कर सकता है। यज़ीद ने अपने शासन काल के पहले वर्ष में पैग़म्बरे इस्लाम स के नानी हज़रत इमाम हुसैन अ और उनके 72 साथियों को शहीद किया दूसरे वर्ष में मदीना वासियों का जनसंहार किया और तीसरे वर्ष में उसने मक्के पर आक्रमण किया।

28 ज़िल्हिज्जा सन 1289 हिजरी क़मरी को तेहरवीं शताब्दी हिजरी क़मरी के प्रख्यात दर्शनशास्त्री और धर्मगुरू मुल्ला हादी सबज़वारी का निधन हुआ। उनका जन्म 1212 हिजरी क़मरी में हुआ था। उनकी पूरी आयु ईश्वरीय भय और ईश्वर की उपासना में व्यतीत हुई। उनके द्वारा लिखी गयी पुस्तकें इस बात की सूचक है कि यह विख्यात धर्म गुरू एक दर्शनशास्त्री होने के साथ साथ धर्मशास्त्र, उसूले फ़िक्ह, क़ुरआन की व्याख्या, तर्क शास्त्र, गणित, साहित्य और चिकित्सा के क्षेत्र में भी निपुण थे। वे अपने काल के प्रसिद्ध शायरों में से एक थे। उनके द्वारा कहे गये शेरो में दर्शनशास्त्र, अंतर्ज्ञान के सूक्ष्म एवं सुन्दर अर्थ निहित हैं। उनकी महत्त्वपूर्ण पुस्तकों में असरारुल हेकम और अलजब्र व अलअख़्तियार का नाम लिया जा सकता है।

1615 A.D :: Thomas Roe Was Ambassador of King James of England In Court of Mughal Emperor Jahangir


One of the beautiful historical places in Pakistan is Hiran Minar in Sheikhpura.The 4th Mughal King Jahangir built this Hiran Minar in a beautiful lake. People say that it is a monument of a deer it is known as a deer tomb with the height of 100 feet.


On the coin the Name is …… ”NOOR UDDIN JAHANGIR SHAH AL AKBAR” …………He was a Mughal King incriptions in urdu / persian… Script is same …


Shalimar Bagh, the magnificent Mughal Garden!

Built-in 1619 by Jahangir as a token of love for his wife Nur Jahan.
But later this beauty was modified by King Praversena ll in the 2nd century by enlarging the cottage & garden.

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