देश

UN मानवाधिकार संस्था ने कश्मीर के हालात पर कहा, प्रेस/मीडिया की आज़ादी बाक़ी नहीं बची है, पत्रकारों को काम करने की आज़ादी नहीं है!

कश्मीर मामले को लेकर भारत – पाकिस्तान के बीच तनातनी जारी है, दोनों देश दुनियांभर में अपना समर्थन तलाश रहे हैं, भारत के लिए कश्मीर की अहमियत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां पर भारत ने 6 लाख सेना तैनात की हुई है, कश्मीर की भौगोलिक स्थिति इस इलाके की अहमियत को दर्शाती है

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर मामले में अमेरिका चोर रास्ते से भारत के साथ खड़ा हुआ है, यही वजह है कि भारत ने बिना किसी की परवाह किये बगैर कश्मीर से विवादित 370 और 35A को एक झटके में ख़त्म कर दिया, वहीँ इस्राईल ने मुकम्मल तौर पर भारत का साथ देने का इशारा दे रखा है, जानकारों के मुताबिक इस वक़्त अमेरिका और इस्राईल के आलावा फ्रांस भी खुल कर भारत के साथ खड़ा है

मीडिया सूत्रों से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ भी सक्रिय हो चुका है, साथ ही PoK के प्रधानमंत्री कोशिश कर रहे हैं कि युद्ध जैसी इस्थिति पैदा न हो, अब जानकारों की नज़र संयुक्त राष्ट्र के ऊपर लगी हुई हैं कि वो भविष्य में क्या कदम उठाता है

जानकार सूत्रों के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार संस्था ने कश्मीर के अंदर पैदा हुए हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि निहत्ते कश्मीरियों पर ताक़त का इस्तेमाल, आम लोगों पर सेना की तरफ से कायम पाबंदियां, लोगों के अधिकारों से उनको वंचित करने में सरकार का दखल है, साथ ही कहा कि भारत नियंत्रित कश्मीर में बोलने की आज़ादी ख़त्म हो चुकी है, साथ ही प्रेस/मीडिया की आज़ादी भी बाकी नहीं बची है, पत्रकारों को काम करने की आज़ादी नहीं है, कश्मीरी मुसलमानों को कश्मीर से बाहर भी निशाना बनाया जाता है, संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार संस्था ने कश्मीर की जनता के साथ जारी प्रतिबंधों को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की है, इस मामले में पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की तरफ से आयी इस रिपोर्ट का स्वागत किया है!

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *