देश

#Uttarakhand : उत्तरकाशी में बारिश और बादल फटने से अब तक 17 लोगों की मौत

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में रविवार को कहर बरपाने के बाद अब भी बादल शांत होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी सहित देहरादून, चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल और पौड़ी जिले के लिए अगले 24 घंटे भारी बताए हैं। उत्तरकाशी में करीब 13 गांव आपदा से प्रभावित हुए हैं। रविवार देर शाम तक उत्तरकाशी के आराकोट और माकुड़ी से आठ लोगों के शव बरामद हो चुके थे। सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है और छह लोग अभी भी लापता हैं। लेकिन एएनआई अब तक आपदा में 17 लोगों की मौत होने की बात कह रहा है।

ANI

@ANI
Secretary (Incharge) Disaster Management, S A Murugesan, to ANI: 17 people have died in the cloud burst in Mori tehsil of Uttarkashi. #Uttarakhand

उत्तरकाशी जिले के मोरी आराकोट क्षेत्र में आपदा सचिव अमित नेगी, आईजी संजय गुंजयाल और उत्तरकाशी डीएम आशीष चौहान सोमवार को मौके पर हालात का जायजा लेने पहुंचे। सचिव आपदा अमित नेगी ने निर्देश दिए हैं कि गाड़, गदेरों (बरसाती नालों) में पानी बढ़ने से प्रभावित हुए किराणु, टिकोची, मोलडी में एसडीआरएफ की मदद से वैकल्पिक ब्रिज बनाया जाए। वहीं आराकोट आपदा में घायल सोहन लाल पुत्र राथू लाल उम्र 48 साल, राधा पत्नी बालदास उम्र 42 साल, जालम पुत्र मधु उम्र 20 साल और राजेंद्र सिंह पुत्र मोहर सिंह उम्र 26 साल को हेलीकॉप्टर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड पर लाया गया। घायलों को यहां से 108 के माध्यम से दून अस्पताल भेजा गया है। सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है।

Uttarakhand Congress
@INCUttarakhand
उत्तरकाशी के आराकोट, मकोड़ी, डगोली, और त्यूणी में भारी बारिश के कारण कई लोगों के लापता व कई लोग मलबे में दबे होने की दुखद खबर आरही है, ईश्वर से सभी के कुशलक्षेम की प्रार्थना करते हैं। सरकार और जिला प्रशासन से अनुरोध करते हैं इस आपदा से पीड़ितों को हर संभव मदद तत्काल प्रदान की जाए

 

 

देहरादून अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को मरीजों के लिए सभी सुविधाओं से तैयार रखा गया है। सामान्य घायलों को एयरलिफ्ट कर मोरी पीएचसी लाया जा रहा है। आराकोट के लिए हेलीकॉप्टर द्वारा हेलीड्रॉप पैकेट व आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं। इसके साथ ही वहां तीन मेडिकल टीमें भेजी गई हैं। मकोड़ी और दगोली में हेलीपैड बनाया जा चुका है। जहां जल्द ही राहत बचाव टीम के साथ जरूरी सामान भेजा जाएगा। वहीं राहत बचाव कार्य के लिए एयरफोर्स से भी मदद मांगी गई है।

केदारनाथ यात्रा सुचारू, बदरीनाथ यात्रा रुकी
चारधाम यात्रा की बात करें तो केदारनाथ यात्रा सुचारू है। बदरीनाथ यात्रा रोकी गई है। हाईवे पर कई जगह मलबा आने से यात्रा रुकी है। चमोली जिले में मौसम सामान्य है। रात से हो रही बारिश थम गई है। बदरीनाथ हाईवे अभी भी कंचनगंगा और लामबगड़ में बंद है। सैकड़ों यात्री हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। आज दोपहर तक हाईवे खुलने की संभावना है। रुद्रप्रयाग में रातभर मौसम सामान्य रहा। सुबह से घने बादल छाये रहे और हल्की बारिश हुई। आज सुबह केदारनाथ में भी बारिश हुई। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग अति संवेदनशील हो गया है। कई जगहों पर पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरने से यातायात प्रभावित हो रहा है। ऋषिकेश-बदरीनाथ व कुंड-ऊखीमठ-चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात जारी है।

वहीं यमुनोत्रीधाम सहित यमुनाघाटी मे मौसम साफ है। चटख धूप खिली हुई है। हाईवे पर आवाजाही सुचारु रूप से हो रही है। नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से बादल छाए हैं। यहां बारिश होने की संभावना है। ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से जारी है। टिहरी जिले की 15 ग्रामीण सड़कें बाधित हैं। श्रीनगर में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। राज्य में फिलहाल नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।

हरिद्वार में गंगा का जलस्तर कम हुआ
हरिद्वार में आज सुबह दस बजे तक गंगा की जलस्तर 293.75 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। रात तीन बजे के बाद खतरे के निशान से ऊपर 295.50 मीटर पर गंगा बह रही थी। आज सुबह जलस्तर कम हुआ। वहीं विकासनगर में यमुना नदी कई किसानों के खेत लील गई। अंबाडी से लेकर कुल्हाल तक जगह-जगह खेतों में मलबा घुसा है। जिस कारण काश्तकारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं।


ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर बना आरती स्थल डूबा
रविवार को देर रात ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि त्रिवेणी घाट पर बना आरती स्थल डूब गया। यहां चंद्रेश्वर नगर गली नंबर 10/1, 10/2,10/3 के घरों में गंगा का पानी घुस गया। पार्षद प्रियंका यादव ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के करीब डेढ़ सौ परिवार घर के अंदर फंस गए। इन्हें एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला।

प्रदेश के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के छह जिलों में अगले 24 घंटे भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की वजह से नुकसान भी हो सकता है। बता दें, शनिवार की रात से ही देहरादून सहित प्रदेशभर में बारिश हो रही है।

रातभर बारिश के बाद रविवार को भी सुबह से शाम तक बारिश होती रही। इसकी वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने सोमवार सुबह से अगले 24 घंटे तक देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल और पौड़ी जिले में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अत्यधिक भारी बारिश को देखते हुए सभी महकमों को अलर्ट किया गया है। बारिश के दौरान लोगों को खतरनाक पहाड़ी रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

दून में 24 घंटे में 44.4 मिमी बारिश, जगह-जगह जलभराव
देहरादून राजधानी में 24 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने शहर में 24 घंटे में 44.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की है। वहीं, मसूरी, चकराता, कालसी में भी जमकर मेघा बरसे। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे जिले में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

शनिवार की रात से राजधानी में बारिश शुरू हुई तो रातभर होती रही। रविवार को भी दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग ने जहां पूरे शहर में 44.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की है, वहीं मोहकमपुर में 5.6 मिमी, चकराता में 26.5 मिमी, मसूरी में 17.1 मिमी और कालसी में 12.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश की वजह से राजधानी की कई कालोनियों में पानी भर गया। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सामान्य से चार डिग्री नीचे पहुंचा तापमान
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे देहरादून जिले में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन को भी भारी बारिश के प्रति सचेत कर दिया गया है। ताकि बचाव के आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

राजधानी में लगातार बारिश से तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जहां शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री था, वहीं रविवार को तापमान 26.1 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विभाग ने इसे सामान्य से चार डिग्री नीचे आंका है। न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को न्यूनतम तापमान 24 डिग्री था जो कि रविवार को 22.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

मसूरी: बिल्डिंग का एक हिस्सा गिरा, नौ परिवारों को किया शिफ्ट
मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन होने से कई मार्ग बंद हो गए। इसके अलावा छावनी परिषद क्षेत्र में भूस्खलन से खतरे की जद में आए नौ परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मार्ग बाधित होने से यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालुओं को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

रविवार को तेज बारिश में लंढ़ौर क्षेत्र की कोहनूर बिल्डिंग का एक भाग गिर गया। इससे वहां रह रहे लोगों में दहशत का माहौल रहा। मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम ने लोगों को वहां से निकाला और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसके अलावा सुबह मसूरी कैंपटी मार्ग यमुनोत्री यमुना पुल के पास भारी भूस्खलन होने से मार्ग बाधित हुआ, जिसे पांच घंटे की मशक्कत के बाद खोला गया।

इधर, भटोली मनद्रसू में भारी भूस्खलन होने से बंद हुए मार्ग को खोलने के लिए कोई प्रशासनिक टीम पहुंचती इससे पहले वहां बच्चों ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। एसडीएम मसूरी राम बिनवाल ने बताया कि भारी बारिश के बाद कई जगह मार्ग बंद हुए थे, जिन्हें रविवार शाम तक सुचारु कर दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *