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अंकारा में ईरान, रूस और तुर्की की शिखर बैठक : पुतीन, रूहानी, अर्दोग़ान की प्रेस वार्ता का पूरा वीडियो!

एक महत्वपूर्ण सवाल जो ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन अपने तुर्क समकक्ष रजब तैयब अर्दोग़ान से ज़रूर पूछेंगे वह यह होगा कि सीरिया के उत्तरी इलाक़े इदलिब का वर्तमान संकट समाप्त समाप्त करवाने के लिए उनके पास क्या प्रस्ताव है?

क्योंकि सीरियाई सेना तो इस इलाक़े को हर हाल में वापस लेगी अगर तुर्की अपने घटक चरमपंथी संगठनों को इस इलाक़े से बाहर निकालने का कोई प्रस्ताव पेश करता है तब तो ठीक है वरना सेना इस इलाक़े पर हमले करके इसे वापस ले लेगी।

हमें नहीं मालूम कि राष्ट्रपति अर्दोग़ान के पास अपने ईरानी और रूसी समकक्षों के सामने पेश करने के लिए कोई समाधान है या नहीं विशेषकर इसलिए भी कि रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन ने अर्दोग़ान के कहने पर इदलिब में सैनिक कार्यवाही रुकवा दी थी ताकि उन्हें इस मामले का कोई समाधान निकालने का मौक़ा मिल जाए। मगर हम इतना ज़रूर जानते हैं कि सीरिया और रूस की फ़ोर्सेज़ पूरी तरह तैयार हैं और वह किसी भी समय इदलिब पर हमला शुरू करके इसे वापस ले लेंगी उन्हें आलाकमान से केवल आदेश मिलने की प्रतीक्षा है। यदि सेना ने स्ट्रैटेजिक शहर ख़ान शैख़ून तथा मूरक और कफ़र ज़ैता शहरों से चरमपंथियों को खदेड़ देने के बाद इदलिब पर हमला रोका तो केवल इसलिए रोका कि अंकारा में प्रस्तावित शिखर सम्मेलन में इदलिब के मसले का हल निकल सके। यदि इस शिखर सम्मेलन में कोई हल न निकला तो इदलिब पर हमला शुरू हो जाएगा और अन्नुस्रा फ़्रंट तथा अन्य विद्रोही संगठनों के ख़िलाफ़ कार्यवाही व्यापक रूप धारण कर लेगी।

सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने 14 सितम्बर से पहले किए गए अपराधों की आम माफ़ी का एलान किया और हमा, हुम्स तथा अन्य इलाक़ों के दरवाज़े इदलिब में मौजूद लोगों के लिए खोलने की बात कही तो यह इदलिब में मौजूद आम नागरिकों को आश्वस्त करने की कार्यवाही थी और उन्हें हथियार डालकर सामान्य जीवन गुज़ारने का एक मौक़ा देने की ओर इशारा है। इससे अर्दोग़ान को भी संतुष्टि हुई होगी क्योंकि वह डर रहे थे कि यदि इदलिब में लड़ाई होती है तो लाखों की संख्या में शरणार्थी सीरिया से तुर्की में घुसेंगे और सीरियाई शरणार्थियों का मुद्दा अर्दोगान सरकार के लिए गंभीर संकट बन चुका है।

रूसी राष्ट्रपति के विशेष दूत इलेग्ज़ेंडर लावरेन्तीएफ़ ने रविवार को दमिश्क़ का दौरा किया और राष्ट्रपति बश्शार असद से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में निश्चित रूप से अंकारा में सोमवार को हो रहे शिखर सम्मेलन के पूरे एजेंडी की विस्तृत जानकारी दमिश्क़ सरकार को दी गई होगी।

यह पांचवा तीन पक्षीय शिखर सम्मेलन है जो बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अब सीरिया में पुनरनिर्माण और राजनैतिक प्रक्रिया की शुरुआत होने वाली है।

जब रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कह दिया कि सीरिया का युद्ध समाप्त हो चुका है और यह देश धीरे धीरे अपने सामान्य हालात की ओर लौट रहा है तो इसका मतलब यह है कि इदलिब भी और पूर्वी फ़ुरात का इलाक़ा भी बहुत जल्द सीरियाई सरकार के नियंत्रण में वापस आने वाला है। लावरोफ़ के पास बड़े राज़ हैं यदि वह कोई बयान दें तो उसे ध्यान से सुनना चाहिए।

साभार रायुल यौम

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