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तुम ब्रा नहीं पहनती हो, तुम्हारे बूब्स लटक जाएंगे : : भारत के पूर्व गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के कुकर्मों की दास्तां : रिपोर्ट

 

Journalist Jafri
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चिन्मयानंद केस: लड़की ने कहा- बाथरूम में मेरा नहाते हुए बनाया था वीडियो , पिता ने एसआईटी को सौंपीं 43 क्लिप

शाहजहांपुर. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रेप और यौन शोषण के आरोपों में घिरे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पीड़ित लॉ छात्रा का इस मामले में ताजा बयान सामने आया है. पीड़िता का कहना है कि चिन्मयानंद ने मेरे नहाते हुए वीडियो बनाये थे. इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसने उसके साथ रेप किया था. यही नहीं पीड़िता का कहना है कि चिन्मयानंद ने रेप करते हुए भी वीडियो बनाए थे. उसने आरोप लगाया है कि हॉस्टल के मेरे कमरे से सभी साक्ष्यों (सबूतों) को गायब कराया.

उधर पीड़ित छात्रा के पिता का कहना है कि उन्होंने चिन्मयानंद के 43 अश्लील वीडियो एसआईटी को सौंप दिए हैं. उन्होंने कहा कि बेटी की आपत्तिजनक वीडियो गायब की गई है. उन्होंने चिन्मयानंद के खिलाफ धारा 376 और सबूतों को नष्ट करने की धाराएं बढ़ाने की मांग की है. साथ ही कहा कि एसआईटी की जांच सही दिशा में बढ़ रही है.

इससे पहले पीड़िता पिछले दिनों अपने जिस दोस्त के साथ राजस्थान से मिली थी, उसने सामने आते हुए पहली बार एक न्यूज चैनल से बात की. उसने कहा कि लड़की को ब्लैकमेल कर के चिन्मयानंद ने उसके साथ रेप किया. लड़की ने इससे तंग आकर अपने चश्मे में लगे हिडन कैमरे से उसका वीडियो बनाया है.

उसने बताया कि चिन्मयानंद के लॉ कॉलेज में ही वो और लड़की साथ पढ़ते थे. उसका कहना है कि लड़की से उसकी दोस्ती हुई तो वो उससे अपने दुख-सुख साझा करने लगी. पीड़िता ने उसे स्वामी के बारे में बताया. लड़की के दोस्त ने कहा कि स्वामी जी ने उसको नौकरी दी, हॉस्टल में उसको कमरा भी दिया. खाना-रहना भी फ्री करवा दिया. इससे वो खुश थी. लेकिन उसको पता नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है? उसने बताया कि लड़की जब बाथरूम में नहाने गई तो चिन्मयानंद ने अपने ही किसी आदमी से गुपचुप तरीके से उसका वीडियो बनवा लिया. इसे ही दिखा कर चिन्मयानंद पीड़िता का लगातार शोषण करता रहा. उसने कहा कि उसने (पीड़ित छात्रा) जो आरोप लगाए हैं, वो सत्य हैं.

 

 

Journalist Jafri
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स्वामी चिन्मयानंद मामले में छात्रा की मां और लॉ कॉलेज के नान टीचिंग स्टाफ से एसआईटी ने की पूछताछ

शाहजहांपुर में पोस्ट ग्रेजुएशन की एक छात्रा के शारीरिक शोषण के गंभीर आरोपों से घिरे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के मामले में जांच में जुटी एसआईटी ने शनिवार को छात्रा की मां के बयान दर्ज किए।

एसआईटी ने शनिवार को छात्रा की मां को पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय बुलाया गया, जहां उनसे घटना से जुड़े सवाल-जवाब करते हुए उनके बयान दर्ज किए गए। दोपहर लगभग दो बजे छात्रा के माता-पिता पुलिस लाइन पहुंचे थे, जहां मां से देर शाम तक पूछताछ होती रही।

वहीं एसआईटी ने एसएस लॉ कॉलेज के शिक्षक आदेश पांडेय के अलावा नान टीचिंग स्टाफ में अमित सिंह, साकेत, गौरव गुप्ता, अमित सैनी के बयान दर्ज किए गए हैं।

दोपहर लगभग दो बजे छात्रा के माता-पिता पुलिस लाइन पहुंचे थे, जहां मां से शाम छह बजे तक पूछताछ होती रही। इधर छात्रा ने बताया कि उसने शुक्रवार रात 64 जीवी की पेन ड्राइव में 43 वीडियो एसआईटी को सौंपे हैं।

वहीं उसके पिता का कहना है कि आपत्तिजनक वीडियो गायब है। उनकी मांग है कि मुकदमे में दुष्कर्म के साक्ष्यों को भी नष्ट करने की धाराएं बढ़ाई जाएं। छात्रा और उसके पिता ने एसआईटी की जांच पर भरोसा जताया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रही स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण की जांच रिपोर्ट एसआईटी 23 सितंबर को हाईकोर्ट में सौंपेगी। संभावना जताई जा रही है कि जांच रिपोर्ट पेश करने के दौरान छात्रा के 164 के बयान कोर्ट में दर्ज कराए जाएंगे। कोर्ट के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई होने की बात कही जा रही है। वहीं शाहजहांपुर में स्वामी पर शिंकजा कसा हुआ है।

Journalist Jafri
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शाहजहांपुर मामले पर बोलीं प्रियंका गांधी- यूपी पुलिस सुस्त है क्योंकि आरोपी का संबंध भाजपा से है

पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छात्रा के मामले में शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस इसलिए सुस्त है क्योंकि आरोपी का संबंध भाजपा से है.

प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, “यूपी की भाजपा सरकार ने अपनी हरकतों से साफ कर दिया है कि उसका महिला सुरक्षा से कोई वास्ता नहीं. आखिर क्यों शिकायतकर्ता लड़की को दोबारा प्रेस के सामने सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ रही है. आखिर यूपी पुलिस सुस्त क्यों है? क्योंकि आरोपी का संबंध भाजपा से है.”

उन्होंने इससे पहले एक ट्वीट में लिखा था कि “पत्रकार केवल आंख पर पट्टी बांध कर वाहवाही के लिए नहीं होते. उनका काम होता है जनता के मुद्दों पर खबरें बनाना और सरकार से जवाब लेना. लेकिन यूपी भाजपा सरकार ऐसे पत्रकारों पर लगातार हमला बोल रही है. क्या भाजपा को आम जनता के मुद्दों का डर सता रहा है.”

ज्ञात हो कि शाहजहांपुर की छात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा नेता चिन्मयानंद ने उसके साथ दुष्कर्म किया और एक वर्ष तक प्रताड़ित किया. छात्रा ने दिल्ली में शिकायत दर्ज करवाई है. उसने आरोप लगाया कि शाहजहांपुर में पुलिस उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही.

Journalist Jafri
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तो क्या ब्लैकमेलिंग-वसूली के धंधे में पीड़िता का होना था क़त्ल ?

शाहजहांपुर: भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की अब तक हुई जांच से यह तकरीबन सामने आने लगा है कि पूरे षडयंत्र की जड़ में मुख्य वजह ‘ब्लैकमेलिंग-वसूली’ रही है. एसआईटी को अब सिर्फ यह सिद्ध करना है कि इनमें पीड़ित और मुलजिम कौन है? इस षडयंत्र की तह तक जाने पर ऐसा महसूस होता है कि क्या स्वामी से मोटी रकम वसूले जाने के बाद लड़की को ठिकाने लगाने का षडयंत्र भी रचा गया था? थाने में स्वामी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर ने मगर पूरे षडयंत्र को तहस-नहस कर दिया.

उत्तर प्रदेश पुलिस के एक आला-पुलिस अफसर ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर स्वीकारा, “कोई बड़ी बात नहीं कि इस मामले में किसी एक मुकाम पर दोनों ही पक्ष पीड़ित और दोनों ही पक्ष मुलजिम के रूप में सामने आकर खड़े हो जाएं. ऐसे में सबसे बड़ी मुश्किल खड़ी होगी एसआईटी के सामने..उस मुश्किल घड़ी में एसआईटी के लिए मददगार साबित होगी, जांच की निगरानी के लिए गठित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय विशेष पीठ.” मामले की जांच एसआईटी के हवाले होने से पहले, पड़ताल से जुड़े एक महत्वपूर्ण आला-पुलिस अफसर ने नाम उजागर न करने की शर्त पर आईएएनएस को जो कुछ बताया, उसमें दम तो है मगर पहली नजर में वो सब अविश्वसनीय सा भी लगता है, मसलन, “ये पूरा मामला ब्लैकमेलिंग और वसूली से जुड़ा हुआ है. ब्लैकमेल कौन किसको कर रहा था? इसका जवाब तलाशने में ही जुटी है एसआईटी.”

हां, इतना जरूर है कि स्वामी चिन्मयानंद पक्ष द्धारा 25 अगस्त को दर्ज कराई गई एफआईआर को कोरा कागज भर नहीं माना जा सकता. इसी एफआईआर में चिन्मयानंद ने आरोप लगाया कि उनकी आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरों के बलबूते उनसे कुछ लोग 5 करोड़ की वसूली करना चाहते हैं. अतीत में झांक कर देखा जाए तो, स्वामी की इस एफआईआर से पहले कहीं कोई बवाल नहीं शुरू होता है. इसके दो दिन बाद ही यानी 27 अगस्त को लड़की का पिता एक और एफआईआर दर्ज करवाता है. इस एफआईआर में लड़की के गायब हो जाने की और स्वामी चिन्मयानंद से जान के खतरे का मजमून दर्ज करवाया जाता है.

रहस्यमय तरीके से गायब लड़की, बाद में जिस नाटकीय तरीके से एक वीडियो (फेसबुक पर अपलोड) के जरिए खुद के सुरक्षित होने का सबूत पेश करती है, वह पूरे मामले को पलट देता है. इस एपिसोड से तय हो जाता है कि लड़की स्वामी के चंगुल में नहीं थी. न ही स्वामी चिन्मयानंद ने उसे कहीं छिपाया या फिर कथित रूप से ‘ठिकाने’ लगवा दिया था. पूरे घटनाक्रम में हैरतंगेज मोड़ तब आता है जब, गायब लड़की संजय नाम के किसी अपने भाई के साथ दौसा (राजस्थान) में, शाहजहांपुर की पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अपर्णा गौतम के हाथ सकुशल लग जाती है. मतलब साफ हो जाता है कि लड़की स्वामी की गिरफ्त से कोसों दूर थी, जबकि उसकी बरामदगी से पहले तक हर किसी की नजर में चिन्मयानंद खटक रहे थे.

सवाल यह है कि चिन्मयानंद ने जैसे ही पांच करोड़ की वसूली की एफआईआर दर्ज कराई वैसे ही आखिर, लड़की और उसका कथित भाई संजय क्यों और कैसे अचानक गायब हो गए? पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक जो कुछ एसआईटी के सामने आया है, उसके नजरिये से ब्लैकमेलिंग-वसूली के इस मामले में कौन किस पर भारी पड़ रहा था? यह सवाल बाद का है. यह तय है कि, जिस तरीके से अब तक की जांच की कड़ियां जुड़-निकल कर सामने आ रही हैं. उससे संदेह पैदा होता है कि ब्लैकमेलिंग और वसूली के इस घिनौने खेल में, कहीं लड़की महज ‘मोहरा’ भर तो नहीं थी.

कहीं ऐसा तो नहीं था कि आपत्तिजनक वीडियो के बलबूते एक तरफ स्वामी से मोटी रकम वसूल ली जाती और उसके बाद मोहरा बनी (फिलहाल पीड़िता) कानून की छात्रा को खतरनाक षडयंत्र के तहत यूपी से दूर राजस्थान के दौसा या उसके आसपास (जहां छात्रा यूपी पुलिस को एक लड़के के साथ होटल में मिली) इलाके में कथित रूप से ‘ठिकाने’ लगा दिया जाता.

जब स्वामी चिन्मयानंद से मोटी रकम मिल ही जाती तो फिर, लड़की को आखिर नुकसान क्यों पहुंचाया जाता? जैसे सवाल के जवाब में यूपी पुलिस में उप-महानिरीक्षक स्तर के एक आला-अफसर का तर्क है, “करोड़ों रुपये की वसूली से बौखलाये स्वामी चिन्मयानंद कहीं लड़की के करीब पहुंचकर पूरे मामले का भंडाफोड़ न कर दें. पहली तो यह शंका रही होगी. दूसरी वजह, स्वामी से रुपये झटकने के बाद, लड़की ही कहीं कोई तमाशा या बवाल न खड़ा कर दे.”

ऐसे में रुपये वसूलने के बाद लड़की को ठिकाने लगा देना ही सबसे कारगर रास्ता अपराधियों-ब्लैकमेलरों को नजर आ रहा हो! इसी योजना के तहत युवती को बहला-फुसलाकर यूपी से दूर राजस्थान ले जाया गया हो. ताकि दूर-दराज इलाके में लड़की के साथ अनहोनी घटने पर उसका ठीकरा भी स्वामी के सिर पर ही फूटता! और स्वामी से वसूली करने वालों के रास्ते का कांटा (पीड़ित लड़की) भी हमेशा-हमेशा के लिए साफ हो जाता. फंसते तो किसी न किसी कांड को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले स्वामी चिन्मयानंद!

एक आला-पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “अच्छा यह हुआ कि रुपये वसूलने की कोशिश में जुटा गैंग स्वामी से रकम ऐंठते ही लड़की को कोई नुकसान पहुंचा पाता, उससे पहले ही 25 अगस्त को स्वामी चिन्मयानंद ने थाने में ब्लैकमेल करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी. मामला हाईप्रोफाइल था. सो पुलिस भी आनन-फानन में उसके खुलासे में लग गई. अचानक शाहजहांपुर पुलिस के मामले में उतर जाने से, हड़बड़ाये षडयंत्रकारियों की पूरी स्क्रिप्ट का ही मटियामेट हो गया.”

Journalist Jafri
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चिन्मयानंद केस: लड़की के दोस्त का खुलासा- स्वामी ने बाथरूम में बना लिया था वीडियो,करता था ब्लैकमेल

शाहजहांपुर: यूपी के शाहजहांपुर के चिन्मयानंद प्रकरण में रेप का आरोप लगाने वाली लड़की अपने जिस दोस्त संजय के साथ भागी-भागी फिर रही थी उसने पहली बार एक न्यूज चैनल से बात की. उसने कहा कि लड़की को ब्लैकमेल करके चिन्मयानंद ने उसके साथ रेप किया है. लड़की ने तंग आकर चश्मे में लगे हिडन कैमरे से उसका वीडियो बनाया है.

दोस्त ने उन आरोपों को गलत बताया जिसमें वीडियो पांच साल पुराना बताया जा रहा है. दोस्त ने बताया कि यह वीडियो इसी साल जनवरी का है लेकिन कैमरे में डेट सेट न होने की वजह से 2014 की तारीख रेकॉर्ड हुई. चिन्मयानंद के लॉ कॉलेज में ही संजय और लड़की साथ पढ़ते थे. संजय का कहना है कि लड़की से उसकी दोस्ती हुई तो वो अपने दुख-सुख साझा करने लगी.

लड़की ने उसे स्वामी के बारे में बताया. लड़की के दोस्त संजय सिंह ने कहा कि स्वामी जी ने उसको नौकरी दी, हॉस्टल में उसको कमरा भी दिया. खाना भी फ्री करवा दिया. वह खुश थी. उसको पता नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है? उसने बताया कि लड़की जब बाथरूम में नहाने गई तो स्वामी जी ने अपने ही किसी आदमी से वीडियो बनवा लिया. स्वामी जी उसी वीडियो से उसका शोषण करते रहे. संजय ने कहा कि उसने जो आरोप लगाए हैं, वे सत्य हैं.

संजय का दावा है कि लड़की ने तंग आकर अपने शोषण का वीडियो बनाने के लिए गूगल में सर्च करके चश्मे में लगा हिडन कैमरा ऑनलाइन खरीदा. उसी से चिन्मयानंद का वीडियो बनाया. वीडियो इसी साल जनवरी का है. चूंकि कैमरे में तारीख सेट नहीं थी इसलिए जनवरी 2014 की तारीख दर्ज हो गई.

संजय सिंह ने कहा कि लड़की के दिमाग में स्वामी जी के साक्ष्य बनाने का विचार आया होगा लेकिन वहां पर फोन ले जाने की इजाजत नहीं है. वहां मना कर देते थे कि फोन लेकर मत आना. उसने खुफिया कैमरा मंगाया और उससे स्वामी जी की सब करतूतें रिकॉर्ड कीं.

 

बेबाक पत्रकार
@VoiceofmyBharat
तुम ब्रा नहीं पहनती हो?
तुम्हारे बूब्स लटक जाएंगे।

ये अपनी बेटी की उम्र की लड़कियों से ढ़ोंगी हिंदू संत #चिन्मयानंद कह रहा है।
छात्रा नहा रही थी, स्वामी चिन्मयानंद ने न सिर्फ देखा बल्कि उसका वीडियो भी बनाया फिर उसी वीडियो की धमकी देकर पूरे एक साल तक छात्रा का बलात्कार करता रहा।


Preeti Chobey
@preeti_chobey
“बेटी बचाओ अभियान” जोरों पर
बीजेपी,बीसपी की मिलीभगत से
स्वामी चिन्मयानंद और बसपा सांसद अतुल राय से दोनों रेप पीड़िता को जान से मारने की धमकियां मिल रही है!
उन्नाव जैसे हाल होगा तुम्हारा और तुम्हारे परिवार का,सत्ता के संरक्षण मे हो रहा बेटियों का चीरहरण!!

Ajit Anjum
@ajitanjum
गेरुआधारी स्वामी से ‘नागा’ स्वामी बनकर मसाज करा रहे चिन्मयानंद महाराज पर मैं तब तक कुछ नहीं बोलूंगा,जब तक कोई मौलवी यही सब करते पकड़ा न जाए ..जो चुप हैं वो फिलहाल ऐसे ही किसी मौलवी या इमाम का वीडियो खोजने में लगे हैं काउंटर करने के लिए.
देशहित को देखते हुए मैं भी उनका साथ दूंगा

Pooja Nagar
@PoojaNagar_
– BJP कठुआ गैंगरेप में बलात्कारियों को बचाती रही।
– BJP उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के साथ गैंगरेप और परिजनों की हत्या के साथ में पीड़िता की कार को कुचलने का प्रयास करने वालों को अंत तक बचाती रही।
– अब BJP स्वामी चिन्मयानंद को बलात्कार के जुर्म में बचाने का प्रयास कर रही है।

Gully Boy 2.0
@Gully_Boy19
JNU में कंडोम ढूंढती गोदी मीडिया को
नंगे होकर लड़कियों से मालिश कराता भाजपाई सांसद स्वामी चिन्मयानंद अभी तक नहीं दिखा???? ?

Ajit Anjum
@ajitanjum
चिन्मयानंद का बचाव करने वाले उनके वीडियो को 5/7 बार देख लें. फिर ‘भक्तावस्था’ से निकलकर सोचें कि क्या किसी स्वामी को यही सब करना चाहिए ..?फिर भी आप किसी भी तर्क से इस ‘मसाज मास्टर नागा स्वामी ‘ को सही मानते हैं तो आपको सिर्फ नमस्कार है ..मैं नतमस्तक हूं


S.N.TIWARI??
@ISNTiwari
? ? कि वे स्वामी चिन्मयानंद को बेदाग साबित करने में भरपूर सहयोग करें, जैसाकि अन्य मामलों में करते आएं हैं! देशभक्त मीडिया आपना काम कर रही है, लेकिन उसे इस मामले में चुप्पी लगाने की जगह, लड़की के आरोपों को निराधार साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत जुटाने चाहिए ?

Pooja Nagar
@PoojaNagar_

अब चिन्मयानंद द्वारा अपनी बेटी की उम्र की लड़की से पूरा नंगा होकर मालिश कराना शायद भाजपाई संस्कार हो गये हैं।

आज़म ख़ान पर टूट पड़ने वाला समूह की ओर से इस वीडियो के विरोध में कहीं से कोई आवाज़ नहीं है।
शायद उनके लिए ये अश्लीलता नहीं है, क्योंकि वो मुसलमान नही भगवा स्वामी है।


संत समाज से लेकर राजनीति तक में मज़बूत रही है स्वामी चिन्मयानंद की पकड़

 

लड़की के अपहरण और धमकाने के मामले में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद संत समाज से लेकर राजनीतिक क्षेत्र तक में मज़बूत पकड़ रही है.

तीन बार सांसद और केंद्र में गृह राज्य मंत्री रहने के अलावा वो ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन और राम मंदिर आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं.

स्वामी चिन्मयानंद फ़िलहाल हरिद्वार में हैं और ख़ुद पर लगे आरोपों पर उन्होंने अब तक कुछ नहीं कहा है.

पत्रकारों से बातचीत में सिर्फ़ इतना कहा है कि सारे आरोपों के जवाब वो शाहजहांपुर पहुंच कर ही देंगे.

वहीं, शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक एस चिनप्पा ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि अभी तक इस मामले में स्वामी चिन्मयानंद से कोई पूछताछ नहीं की गई है क्योंकि पुलिस के पास अभी सबसे अहम काम आरोप लगाने वाली लड़की का पता लगाना है.

स्वामी चिन्मयानंद पर शाहजहांपुर के एक लॉ कॉलेज की छात्रा ने शोषण और धमकी देने का आरोप लगाया है.

लड़की के पिता की शिकायत पर चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

पुलिस अधीक्षक का दावा है कि लड़की की लोकेशन पता चल गई है और जल्द ही उसे सुरक्षित तरीक़े से अपहरणकर्ताओं के चंगुल से रिहा करा लिया जाएगा.

उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले के रहने वाले कृष्णपाल सिंह यानी स्वामी चिन्मयानंद ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की है.

मुमुक्षु शिक्षा संकुल ट्रस्ट
स्वामी चिन्मयानंद अविवाहित हैं और कई धार्मिक किताबें भी लिख चुके हैं.

अस्सी के दशक में वो शाहजहांपुर आ गए और स्वामी धर्मानंद के शिष्य बन कर उन्हीं के आश्रम में रहने लगे.

शाहजहांपुर के स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक़, इस मुमुक्षु आश्रम की स्थापना धर्मानंद के गुरु स्वामी शुकदेवानंद ने की थी.

बताया जाता है कि अस्सी के दशक में स्वामी धर्मानंद के बाद स्वामी चिन्मयानंद ने इस आश्रम और उससे जुड़े संस्थानों का प्रबंधन सँभाला.

चिन्मयानंद ने ही शाहजहांपुर में मुमुक्षु शिक्षा संकुल नाम से एक ट्रस्ट बनाया जिसके ज़रिए कई शिक्षण संस्थाओं का संचालन किया जाता है.

इनमें पब्लिक स्कूल से लेकर पोस्ट ग्रैजुएट स्तर के कॉलेज तक शामिल हैं.

यही नहीं, मुमुक्षु आश्रम में ही स्वामी शुकदेवानंद ट्रस्ट का मुख्यालय है जिसके माध्यम से परमार्थ निकेतन ऋषिकेश और हरिद्वार स्थित परमार्थ आश्रम संचालित किए जाते हैं.

ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के प्रबंधन और संचालन की ज़िम्मेदारी चिदानंद मुनि के हाथों में है जबकि हरिद्वार वाले आश्रम का ज़िम्मा चिन्मयानंद के पास है.


राजनीति में प्रवेश
अस्सी के दशक के अंतिम हिस्से में देश में राम मंदिर आंदोलन ज़ोर पकड़ रहा था.

विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े तमाम साधु-संत पहले इस आंदोलन से जुड़े और फिर भारतीय जनता पार्टी के ज़रिए राजनीति से.

स्वामी चिन्मयानंद भी उन्हीं संतों में से एक थे जिन्होंने वैराग्य के साथ राजनीतिक को भी साथ लेकर चलने का फ़ैसला किया.

राम मंदिर आंदोलन को कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह बताते हैं, “मंदिर आंदोलन के समय चिन्मयानंद ने महंत अवैद्यनाथ के साथ मिलकर राम मंदिर मुक्ति यज्ञ समिति बनाई थी और इसी के ज़रिए इन लोगों ने मंदिर आंदोलन में अपने पैर जमाए. बाद में रामविलास वेदांती और रामचंद्र परमहंस को भी जोड़ लिया गया. इसके अलावा अपने मुमुक्षु आश्रम के ज़रिए स्वामी चिन्मयानंद ने बड़ी संख्या में संतों को राम मंदिर आंदोलन से जोड़ा.”

अरविंद कुमार सिंह बताते हैं कि महंत अवैद्यनाथ के बेहद क़रीबी होने के कारण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी उनके बहुत अच्छे संबंध हैं.

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ मुमुक्षु युवा महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए शाहजहांपुर के मुमुक्षु आश्रम भी गए थे, जबकि उस वक़्त स्वामी चिन्मयानंद मुमुक्षु आश्रम की ही एक पूर्व साध्वी के यौन शोषण के केस का सामना कर रहे थे.

इस महोत्सव के दौरान ही एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें शाहजहांपुर के कुछ प्रशासनिक अधिकारी स्वामी चिन्मयानंद की आरती उतार रहे थे.

राम मंदिर आंदोलन के दौरान बीजेपी ने कई साधु-संतों को सक्रिय राजनीति में उतारा और लोकसभा चुनाव में टिकट भी दिए.

1991 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उस बदायूं की सीट से स्वामी चिन्मयानंद को टिकट दिया जहां से उनका न तो कोई नाता था और न ही सामाजिक समीकरण उनके माफ़िक़ थे.

बावजूद इसके उन्होंने जनता दल के शरद यादव को हराकर बीजेपी को जीत दिलाई.

1996 में उन्होंने शाहजहांपुर से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए.

1998 में पूर्वी यूपी की मछलीशहर सीट से बीजेपी ने उन्हें टिकट दिया और 1999 में पड़ोस की जौनपुर सीट से.

इन दोनों चुनावों में उन्होंने जीत हासिल की और फिर 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में गृह राज्य मंत्री बने.

बीजेपी के एक बड़े नेता नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि साल 2014 में भी उन्होंने जौनपुर से चुनाव लड़ने के लिए काफ़ी प्रयास किया लेकिन टिकट पाने में असफल रहे.

बीजेपी के इन नेता के मुताबिक़, स्वामी चिन्मयानंद पार्टी से बग़ावत करके भी चुनाव लड़ने को तैयार थे लेकिन वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद इरादा बदल दिया.

जानकारों के मुताबिक़, सेक्स स्कैंडल जैसे विवादों की वजह से उन्हें टिकट नहीं मिला, अन्यथा पार्टी में उनकी इतनी मज़बूत पकड़ थी कि टिकट न मिलने का सवाल ही नहीं था.

अरविंद कुमार सिंह के मुताबिक़, “केंद्रीय मंत्री रहते हुए वो लालकृष्ण आडवाणी के बेहद क़रीब आ गए थे लेकिन राजनाथ सिंह के विरोधी के तौर पर उनकी पहचान बनी. मगर योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के दूसरे ठाकुर नेताओं से उनके बहुत ही क़रीबी रिश्ते हैं. महंत अवैद्यनाथ पर जब डाक टिकट जारी हो रहा था, उस कार्यक्रम में स्वामी चिन्मयानंद सबसे आगे की पंक्ति में रहने वालों में से थे.”


आठ साल पहले लगा था यौन शोषण का आरोप
जानकारों के मुताबिक़, स्वामी चिन्मयानंद बीजेपी में किसी पद पर भले ही न हों लेकिन पार्टी में उनके प्रभाव में कोई कमी नहीं है.

बीजेपी के कुछ नेताओं की मानें तो उन्नाव से साक्षी महराज को दोबारा टिकट दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका थी.

हां, पार्टी में उनका सक्रिय प्रभाव तब कम हो गया जब आठ साल पहले उन पर यौन शोषण के आरोप लगे और मुक़दमा दर्ज हुआ.

आरोप लगाने वाली महिला शाहजहांपुर में स्वामी चिन्मयानंद के ही आश्रम में रहती थी.

हालांकि राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद, सरकार ने उनके ख़िलाफ़ लगे इस मुक़दमे को वापस ले लिया था लेकिन पीड़ित पक्ष ने सरकार के इस फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी थी. फ़िलहाल हाईकोर्ट से स्वामी चिन्मयानंद को इस मामले में स्टे मिला हुआ है.

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समीरात्मज मिश्र
बीबीसी हिंदी के लिए

another bjp leader pushing from back

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