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पुतीन ने नेतनयाहू को ढाई घंटे करवाया इंतेज़ार : रिपोर्ट

इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने कहा है कि ईरान की ओर से लगातार बढ़ते ख़तरे पर अब सब्र नहीं होता।

नेतनयाहू के कार्यालय ने इस्राईली प्रधानमंत्री के ट्वीटर एकाउंट पर एक बयान प्रकाशित किया है जिसके अनुसार नेतनयाहू ने गुरुवार को रूस के शहर सूची में रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन से मुलाक़ात की।

इस मुलाक़ात से पहले नेतनयाहू को ढाई घंटे प्रतीक्षा करनी पड़ी जिसका कारण नहीं बताया गया है लेकिन इससे पहले भी यह हो चुका है कि पुतीन जब किसी नेता को कठोर संदेश देना चाहते हैं तो मुलाक़ात के लिए उसे घंटों प्रतीक्षा करवाते हैं।

पुतीन से नेतनयाहू ने कहा कि ईरान के बढ़ते ख़तरे पर सब्र नहीं होता।

टीकाकारों का कहना है कि नेतनयाहू की बेचैनी स्वाभाविक है क्योंकि ईरान तो बार बार एलान कर रहा है कि इस्राईल ग़ैर क़ानूनी शासन है जिसे ख़त्म हो जाना चाहिए। यही नहीं ईरान की इस रणनीति का आज नतीजा यह है कि गज़्ज़ा, लेबनान और सीरिय ही नहीं बल्कि पश्चिमी तट के इलाक़े में भी इस्राईल के विरुद्ध बहुत मज़बूत मोर्चा खुल गया है। इस स्थिति पर इस्राईल को सब्र हो या न हो बहरहाल उसे इसका सामना है।

रूस व इस्राईल के हवाई टकराव ने नेतनयाहू को माॅस्को पहुंचाया

इस्राईल से प्रकाशित होने वाले एक समाचारपत्र ने कहा है कि सीरिया में तैनात रूसी सैनिकों ने कम से कम दो बार इस्राईल के युद्धक विमानों पर फ़ायरिंग की है।

यदीऊत अहारनूत ने शुक्रवार को रिपोर्ट दी है कि रूसी व इस्राईली युद्धक विमानों के टकराव के कारण इस्राईल के प्रधानमंत्री बेनयामिन नेतनयाहू ने रूस की औचिक यात्रा की। पत्र के अनुसार नेतनयाहू ने रूस के साथ इस्राईल के सैन्य समन्वय को मज़बूत बनाने के उद्देश्य से यह यात्रा की है। इस इस्राईली समाचारपत्र ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की ओर कोई संकेत नहीं किया है कि रूस के विमानों ने कब और कहां इस्राईल के लड़ाकू विमानों पर फ़ायरिंग की है।

इस बीच इस्राईल के टीवी चैनल-10 ने भी बताया है कि सीरिया के तटों के निकट रूस का एक युद्धक विमान, इस्राईल के एक लड़ाकू विमान के बहुत क़रीब आय गया था। ज़ायोनी सेना के प्रवक्ता ने इस बारे में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया जबकि इस्राईली प्रधानमंत्री के कार्यालय और फ़िलिस्तीन में रूस के दूतावास ने भी इस समाचार पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। नेतनयाहू ने अपनी माॅस्को यात्रा में कहा है कि वे रूस के साथ इस्राईल के सुरक्षा समन्वय को मज़बूत बनाने और निरर्थक टकराव व ग़लत फ़हमियों से बचने के लिए रूस आए हैं।

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