साहित्य

माँ-पापा की साड़ी

‎Lavanya Naidu‎
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जब से आंखें खोली है मां को बस साड़ी में देखा है। एक से बढ़कर एक साड़ियां है मां के पास, हर साड़ी की एक कहानी भी होती है मां के पास कौन सी शादी कब ली, किस उपलक्ष में खरीदी, खरीदते समय कौन था साथ में सब कुछ।

वैसे ही एक कहानी है पीली साड़ी की जिसे माँ जब भी सुनाती आंखों में खुशी के आंसू और होठों पर मुस्कान होती। हम भी हर बार वो कहानी उतने ही चाव से सुनते जैसे पहली बार सुन रहे हो। माँ इतने प्यार से वर्णन करती मानो सब अभी आँखों के सामने घटित हो रहा है।

मां को वो साड़ी मेरे पापा ने दी थी। शादी के बाद का उनका पहला करवा चौथ का व्रत था। वे जानते थे कि मां को पीला रंग बहुत पसंद है और हल्की साडी पहनना पसंद करती है। पापा मां को सरप्राइज गिफ्ट देना चाहते थे, पापा ने पीले रंग की प्लेन जॉर्जेट साड़ी खरीदी अब इतनी साधी साड़ी थोड़ी देते, उसके लिए उन्होंने एक चौडा सा हरी जरी का बॉर्डर(पट्टी) लिया। पापा उसे खुद लगाना चाहते थे। उनकी मां और चाची ने कहा भी हम लगा देते हैं पर पापा ने मना कर दिया, बस कैसे लगाते हैं ये सिखाने को कहा। रात मे किसी परीक्षा की तैयारी करनी है कहकर दूसरे कमरे में चले जाते थे। उस समय हमारे घर मे भंडार घर हुआ करता था वैसे अब उसे स्टडी रूम बना दिया गया है, पापा वहाँ पढ़ाई का बोलकर चले जाते। मां बोलती भी थी कि आप यहीं पढ़ लो मैं डिस्टर्ब नहीं करूंगी पर पापा मना कर देते थे।आखिर उन्होंने साड़ी मे हरा जरी पट्टा लगा ही दिया।

करवा चौथ के दिन पापा ने जब मां को साड़ी दी मां बहुत खुश हुई और जब उनकी सास ने साड़ी की कहानी सुनाई तो मां की आंखों में खुशी के आंसू थे। मां के लिए वो साड़ी अनमोल हो गई थी। इतनी मेहनत करके पापा ने प्यार से उस साड़ी को अपनी पत्नी के लिए सजाया जो था। माँ बोलती है तुम्हारे पापा चाहते तो दुकान से कोई भी साड़ी खरीद लाते पर उन्होंने मेरे लिये सर्वोत्तम करने का सोचा अौर किया भी। चांद देखते समय माँ ने वही साड़ी पहनी थी, पापा ने मां से कहा तुम आज चांद से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही हो।

माँ तो आज भी शर्मा जाती है, जब भी उस साड़ी का जिक्र होता है। कभी-कभी ही निकालती है पहनने के लिये, कहती है खराब हो गई तो? बड़ी सहेज कर रखी है माँ ने वो साड़ी, उतने ही प्यार और जतन से जितनी अपनी शादी को सहेजा है दोनों ने अपने प्यार, तालमेल और समझदारी से।

यही सीखा है मैंने अपने मां पापा से, साड़ी हो या रिश्ते जितने प्यार और समझदारी से सहेजोगे उतनी ही लंबी उनकी उम्र होगी।

स्वरचित
लावण्या नायडू

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