इतिहास

5 सितम्बर का इतिहास : 5 सितम्बर 1997 को मदर टेरेसा का कोलकाता मे निधन हुआ : 1910 में भारतीय क्रिकेटर फ़िरोज़ पलिया का जन्म हुआ!

ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 5 सितंबर वर्ष का 248 वाँ (लीप वर्ष में यह 249 वाँ) दिन है। साल में अभी और 117 दिन शेष हैं।

5 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
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1666 – लंदन में लगी भीषण आग में 13,200 घर क्षतिग्रस्त हो गये और आठ लोगों की मौत हो गयी।
1798 – फ्रांस में अनिवार्य सैन्य सेवा कानून प्रभाव में आया।
1836 – सैम ह्यूस्टन टेक्सास गणराज्य के राष्ट्रपति निर्वाचित।
1839 – चीन में पहला अफ़ीम युद्ध शुरू हुआ।
1914 – ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम और रूस के बीच लंदन समझौता हुआ।
1944 – ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने अपनी स्कॉटलैंड यात्रा शुरू की।
1972 – म्यूनिख ओलंपिक के दौरान फिलीस्तीनी समूह ब्लैक सितम्बर ने 11 इजरायली एथलीटों को बंधक बना लिया और बाद में उनकी हत्या कर दी।
1975 – पुर्तग़ाल के प्रधानमंत्री गोंसालवेज़ ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
1987 – अमेरिका के टेनिस खिलाड़ी जॉन मैकनरॉय पर उनके बयान के लिये 17,500 डॉलर का जुर्माना ठोका गया।
1991 – नेल्सन मंडेला अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गये।
1997 – अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति ने सन् 2004 में होने वाले ग्रीष्म ओलम्पिक खेलों का आयोजन एथेन्स में कराने का निश्चय किया।
1999 – वाई नदी समझौते को कार्यान्वित करने तथा रुकी हुई पश्चिमी एशिया शांति वार्ता को आगे बढ़ाने हेतु इस्रायल के प्रधानमंत्री एहुद बराक तथा यासिर अराफ़ात के मध्य शर्म अल शेख़ (मिस्र) में शांति समझौते पर हस्ताक्षर।
2000 – नील्जिमालम्बा रूस में अंतर्राष्ट्रीय महिला संगठन की अध्यक्ष नियुक्त, वे इस पद को सुशोभित करने वाली पहली एशियाई महिला हैं।
2001 – फिजी में महेन्द्र चौधरी, जार्ज स्पेट और लाइसेनिया करासे संसद हेतु चुने गये।
2002 – अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई पर जानलेवा हमला, पर वे सुरक्षित रहे।
2005 – मंडला एयरलाइंस का विमान 091 इंडोनेशिया में सुमात्रा के एक आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उसमें सवार 104 लोगों के अलावा आवासीय क्षेत्र के 39 लोगों की मौत हो गई।
2008- रतन टाटा के नेतृत्व में सोसायटी ऑफ़ इण्डियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेंट की।
2009- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने दस कम्पनियों पर शेयर बाज़ार में क़ारोबार करने पर प्रतिबंध लगाया।
2014 – विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के मुताबिक, गिनी, लाइबेरिया, नाइजीरिया, सेनेगल और सिएरा लियोन में इबाेला वायरस से संक्रमित 3500 लोगों में से 1900 लोगों की मौत हो गयी।

5 सितंबर को जन्मे व्यक्ति
1986 – प्रज्ञान ओझा, भारतीय क्रिकेटर
1933 – लक्ष्मीनारायण रामदास – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने के लिए ‘रेमन मैग्सेसे पुरस्कार’ पाने वाले भारतीय।
1910 – फ़िरोज़ पलिया, भारतीय क्रिकेटर
1905 – वाचस्पति पाठक – प्रसिद्ध उपन्यासकार।
1888 – सर्वपल्ली राधाकृष्णन -भारत के दूसरे राष्ट्रपति
1872 – चिदंबरम पिल्लई – तमिल भाषा के विद्वान् और प्रख्यात समाज-सुधारक।

5 सितंबर को हुए निधन
1997 – मदर टेरेसा, विश्व प्रसिद्ध समाज सेविका
1995 – सलिल चौधरी – हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध भारतीय संगीतकार।
1986 – नीरजा भनोट, अशोक चक्र विजेता विमान परिचारिका
1986 – अम्बिका प्रसाद दिव्य – भारत के जाने-माने शिक्षाविद और हिन्दी साहित्यकार।
1991 – शरद जोशी, भारतीय, व्यंग्य रचनाकार

5 सितंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

शिक्षक दिवस
राष्ट्रीय पोषाहार दिवस (सप्ताह)

5 सितम्बर 1997 को विश्व प्रसिद्ध समाज सेविका मदर टेरेसा का भारत में निधन हुआ।

5 सितम्बर 1839 को चीन में पहला अफ़ीम युद्ध शुरू हुआ।
5 सितम्बर 1914 को ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम और रूस के बीच लंदन समझौता हुआ।
5 सितम्बर 1972 को म्यूनिख़ ओलंपिक के दौरान कुछ फ़िलीस्तीनी प्रतिरोधकर्ताओं ने ज़ायोनी शासन के अपराधों के जवाब में 11 इस्राईली एथलीटों को बंधक बना लिया और बाद में उनकी हत्या कर दी।
5 सितम्बर 1986 को हाईजैक विमान में मुसाफ़िरों को बचाने की कोशिश में एयर इंडिया की एयर होस्टेस नीरजा भनोट की कराची में मौत हो गई।
5 सितम्बर 1991 को नेल्सन मंडेला अफ़्रीक़ी नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गये।
5 सितम्बर 1997 को विश्व प्रसिद्ध समाज सेविका मदर टेरेसा का भारत में निधन हुआ था।
5 सितम्बर 1999 को फ़िलिस्तीन व इस्राईल की तथाकथित शांति वार्ता को आगे बढ़ाने हेतु तत्कालीन ज़ायोनी प्रधानमंत्री एहुद बराक तथा पीएलओ के प्रमुख यासिर अराफ़ात के मध्य मिस्र के शरमुश्शैख़ क्षेत्र में एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

5 सितंबर 1857 को फ़्रांसीसी दार्शनिक और गणितज्ञ “आगस्ट कैंट” का निधन हुआ था। उनका जन्म 17 जनवरी 1798 को हुआ। उन्होंने पेरिस में तत्कालीन विचारक सेंट साइमन के साथ वर्षों सहयोग किया। बाद में आगस्ट कैंट ने पढ़ाने का कार्य आरंभ किया। उन्हें समाजशास्त्र के संस्थापकों में से एक माना जाता है। कैंट के विचारों को समाजशास्त्र में विशेष महत्व प्राप्त है। समाजशास्त्र के अतिरिक्त गणित, दर्शनशास्त्र, भौतिकशास्त्र और खगोलशास्त्र में भी कैंट के अपने दृष्टिकोण थे। उन्होंने पाज़िटिविज़्म या तथ्यवाद के विचारों का प्रतिपादन किया। वे 19वीं शताब्दी के प्रमुख एवं प्रभावशाली विचारक रहे हैं। आगस्ट कैंट के विचारों से कार्ल मार्क्स, जान स्टुअर्टमिल और जार्ज एलियट जैसे लोग प्रभावित रहे हैं।

5 सितम्बर सन 1887 ईसवी को चीन में हवांग हू नदी का तूफान आरंभ हुआ। इस तूफ़ान से भारी बाढ़ आयी जो एक महीने तक जारी रहीं इस विनाशकारी बाढ़ ने लगभग 9 लाख लोगों की जान ले ली। कई शहर और सैकड़ों गांव बह गये तथा कृषि नष्ट हो गयी। इस नदी की लम्बाई 5 हज़ार दो सौ किलोमीटर है। यह पूर्वी चीन में बहती है।

5 सितम्बर सन 1993 ईसवी को मोरोको में इस्लामी जगत की एक भव्य मस्जिद का उदघाटन हुआ। यह आधुनिक और प्राचीन निर्माण शैली के मिश्रण का नमूना है। इसमें कुल मिलाकर एक साथ 1 लाख लोग नमाज़ पढ़ सकते हैं। बड़ी ही सुदर चूनाकारी से नमाज़ ख़ाने को सजाया गया है। इसी प्रकार मस्जिद से मिलाकर एक धार्मिक स्कूल और पुस्तालय भी बनाया गया है।

5 सितम्बर सन 1997 ईसवी को मदर टेरेसा का भारत के कोलकाता नगर मे निधन हुआ। उनकी मौत का कारण हृदय की गति का रुक जाना था। उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन दुखियों की सेवा के लिए अर्पित कर दिया था।

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14 शहरीवर सन 1360 हिजरी शम्सी को ईरान के उच्चतम न्यायाधीश अली क़ुद्दूसी को आतंकवादी गुट एम के ओ ने एक विस्फोट करके शहीद कर दिया। आयतुल्ला क़ुद्दूसी ने आयतुल्ला बुरुजर्दी अल्लमा तबातबाई और इमाम ख़ुमैनी जैसे वरिष्ट धर्मगुरुओ से शिक्षा ली। उन्होंने स्कूल भी खोला जोछ ज्ञान के क्षेत्र में उनकी गतिविधियों का परिचायक है। वर्ष 1341 में उन्होंने अत्याचारी शाह के विरुद्ध आरंभ किया इसी कारण उन्हे जेल भी जाना पड़ा। अपनी आयु के अंतिम वर्षों में वे इस्लामी शासन व्यवस्था के आधारों को मज़बूत करने में लगे रहे। इसी संदर्भ में उन्होंने इमाम ख़ुमैनी के कहनक पर न्यायाधीश का भारी दायित्व संभाला। और इंतत: एम के ओ की आतंकवादी कार्रवाई में शहीद हुए।

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5 मोहर्रम 1310 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रसिद्ध धर्मगुरू मुल्ला अहमद का निधन हुआ। वे फ़ाज़िले मराग़ेई के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने इराक़ के धार्मिक शिक्षा केन्द्र नजफ़ में अपने काल के प्रसिद्ध धर्मगुरूओं जैसे शैख़ मुर्तज़ा अंसारी से शिक्षा प्राप्त की। स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने पढ़ाना आरंभ किया और बहुत से शिष्यों ने उनसे शिक्षा प्राप्त की उन्होंने विभिन्न विषयों पर अनेक पुस्तकें भी लिखी हैं। उन्होंने इसी प्रकार पवित्र क़ुरआन के कुछ सूरों की व्याख्या भी की है और प्राचीन इस्लामी विषय वस्तुओं पर नोट भी लिखे हैं।

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