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इराक़ में सरकार के ख़िलाफ ताज़ा प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा में कम से कम 24 लोगों की मौत : video

इराक़ में सरकार के ख़िलाफ ताज़ा प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई.

रिपोर्टों के मुताबिक इनमें से दो लोगों की मौत राजधानी बग़दाद में सुरक्षा बलों की ओर से की गई आंसू गैस की फ़ायरिंग की चपेट में आने से हुई.

रिपोर्टों में ये भी बताया गया है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दो दक्षिणी शहरों में स्थित एक मिलीशिया समूह के दफ़्तरों में धावा बोलने की कोशिश की. मरने वालों में से आधे लोगों की मौत इसी दौरान हुई.

देशभर में शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोगों के घायल होने के भी ख़बर है.

क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांग?
प्रदर्शनकारी बेरोज़गारों के लिए नौकरियों के प्रबंध करने, बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था करने और भ्रष्टाचार को ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं.

हालांकि यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब देश में लोग इन मांगों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके पहले इसी महीने की शुरुआत में भी एक ऐसा ही देशव्यापी प्रदर्शन हुआ था. तब सुरक्षा बलों ने उस विरोध को बर्बरतापूर्वक दबा दिया था. जिसमें करीब डेढ़ सौ लोगों की मौत हुई थी.

एक सरकारी रिपोर्ट में इस बात को माना गया है कि अधिकारियों ने विरोध को दबाने के लिए अत्यधिक बल का प्रयोग किया.

इराक़ के प्रमुख शिया धर्म गुरू अयतुल्लाह अली अल-सिस्तानी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि किसी भी क़ीमत पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उन्होंने कैबिनेट में फेरबदल और प्रदर्शनकारियों की मांगों के मद्देनज़र व्यवस्था में सुधार के आश्वासन तो दिये हैं लेकिन बहुत से लोग इससे असहमत हैं.


प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में टकराव
बग़दाद के तहरीर चौक पर शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हुए.

कुछ लोग ग्रीन ज़ोन में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे. यह वो जगह है जहां सरकारी इमारतें मौजूद हैं. ग्रीन ज़ोन में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि आंसू गैस कनस्तरों की चपेट में आने से दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई.

सूत्रों के हवाले से इस बात की आशंका ज़ाहिर की गई है कि सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस झड़प में कम से कम साढ़े तीन सौ से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं.

हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी भी आंकड़े की पुष्टि नहीं हो सकी है.

वहीं इराक़ के गृह मंत्रालय का कहना है कि देशभर में हुए इन हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम 68 सैन्य सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं.


कैसे भड़की हिंसा?
ये प्रदर्शन बग़दाद में एक अक्टूबर से शुरू हुए. इन प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले ज़्यादातर युवा हैं और बेरोज़गार हैं.

प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सुरक्षा बलों ने गोलियों का इस्तेमाल किया जिसके बाद अशांति फैल गई. इस घटना ने यहां से देशव्यापी प्रदर्शनों का रूप ले लिया.

एक सरकारी समिति को हिंसा की जांच सौंपी गई है. जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक अक्टूबर से छह अक्टूबर के बीच हुए विरोध प्रदर्शनों में 149 नागरिक और आठ सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि विरोध के दौरान सैन्यबल पर नियंत्रण नहीं रहा और यही अराजकता का कारण बना और इसी वजह से प्रदर्शन हिंसक हो गए.

AJ+
@ajplus

Security forces in Iraq fired tear gas at thousands of people protesting corruption and poverty in Baghdad.

At least 2 people are dead, including one hit in the face by a gas canister. About 350 others are injured.

Al Jazeera English
@AJEnglish
Iraq police open fire on protesters in Baghdad as anti-government demonstrations resume.

Nearly 150 people have been killed and more than 3,000 wounded since protests started – the country’s worst violence since the fight against ISIL in 2017

Yousra Elbagir
@YousraElbagir
Countries that had pronounced anti-establishment protests this last year:

Lebanon
Chile
Spain
Haiti
Iraq
Sudan
United Kingdom
Russia
Egypt
Uganda
Indonesia
Ukraine
Peru
China/Hong Kong
Zimbabwe
Colombia
France
Turkey
Venezuela
Ethiopia
Brazil
Algeria
Ecuador

Andrew Stroehlein
@astroehlein
In just this month alone, Human Rights Watch has reported on anti-government protests & excessive, violent responses by the authorities in:

???????? Azerbaijan
???????? Chile
???????? Ecuador
???????? Egypt
???????? Guinea
???????? Hong Kong
???????? Indonesia
???????? Lebanon
???????? Iraq
???????? Russia.

Busy month.

 

 

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