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देश में भुखमरी जैसे हालात, वैश्विक हंगर इंडेक्स में भारत पाकिस्तान-बांग्लादेश से पीछे !117 देशों में 102वें नंबर पर!

नई दिल्ली।हंगर इंडेक्स में पिछड़ रहा है भारत पाकिस्तान-बांग्लादेश से पिछड़ी रैंकिंग117 देशों की रैंकिंग में 102वें नंबर पर
21वीं सदी का सुपर पावर बनने का दावा कर रहा भारत अपने नागरिकों का पेट भरने के मामले में पिछड़ रहा है. ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत 117 देशों की रैंकिंग में 102वें नंबर पर है. 2014 से भारत की रैंकिंग में लगातार गिरावट हो रही है. 2014 में भारत 77 देशों की
रैंकिंग में 55 नंबर पर था.


Global Hunger Index Rankings 2019

65. Venezuela
68. Iraq
86. Kenya
88. Bangladesh
92. North Korea
93. Nigeria
94. Pakistan
97. Ethiopia
98. Rwanda
102. India ????????
107. Sudan
116. Yemen

हंगर इंडेक्स वैश्विक, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर भूख को मापने का पैमाना है. ये इंडेक्स दुनिया भर में कुपोषण और भूख को चार पैमानों पर रिकॉर्ड करता है. ये आंकड़े हैं कुपोषण, बाल मृत्युदर, उम्र के अनुपात में कम विकास (Child stunting), लंबाई के अनुपात में कम वजन (Child wasting).

पाकिस्तान-बांग्लादेश से पीछे है भारत

हैरानी की बात ये है कि हंगर इंडेक्स में भारत दक्षिण एशिया में अपने पड़ोसियों पाकिस्तान , बांग्लादेश, श्रीलंका से पीछे है. इस इंडेक्स में पाकिस्तान 94 नंबर पर, बांग्लादेश 88वें नंबर पर और श्रीलंका 66वें नंबर पर है.

इस रिपोर्ट को Welthungerhilfe और Concern Worldwide नाम की संस्था ने तैयार किया है. रिपोर्ट कहता है कि भारत दुनिया के उन 45 देशों में शामिल है जहां भूख को लेकर स्थिति गंभीर चिंताजनक है.

9.6 प्रतिशत बच्चों को ही मिल पाता है पौष्टिक आहार

रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत में 6 से 23 महीने के बच्चों में से मात्र 9.6 प्रतिशत को न्यूनत्तम पौष्टिक आहार मिल पाता है. 2015-16 तक 90 प्रतिशत भारतीय घरों में पेयजल के स्रोत की अच्छी सुविधा है, जबकि 39 प्रतिशत घरों में स्वच्छता की सुविधा नहीं है.

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर को ग्रामीण भारत को खुले में शौच से मुक्त कर दिया था, लेकिन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ग्रामीण भारत में लोग अभी भी खुले में शौच जाते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी और ये तय किया था कि हर घर में शौचालय की व्यवस्था हो, हालांकि भारत में शौचालय बने, लेकिन खुले में शौच की प्रवृति भारत में जारी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस प्रवृति से लोगों के सेहत पर असर पड़ता है और इसका सबसे ज्यादा शिकार बच्चे होते हैं.

इस रिपोर्ट में भूख से लड़ने के लिए दक्षिण एशिया के दो देशों, नेपाल और बांग्लादेश की तारीफ की गई है. इसमें कहा गया है कि इन दो देशों ने बाल पोषण की दिशा में अहम कदम उठाए हैं और इनके अनुभव से बाकी देश सीख सकते हैं

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