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पाकिस्तान हमारा बंधु देश है, ईरान और पाकिस्तान के संबंध बहुत गहरे हैं : आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई

पाकिस्तान हमारा बंधु देश, यमन युद्ध सही ढंग से समाप्त हो तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे इलाक़े पर पड़ेगा, ईरान ने कभी कोई युद्ध शुरू नहीं किया, किसी ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा तो पछताएगा!

पाकिस्तान हमारा बंधु देश, यमन युद्ध सही ढंग से समाप्त हो तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे इलाक़े पर पड़ेगा, ईरान ने कभी कोई युद्ध शुरू नहीं किया, किसी ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा तो पछताएगा!

ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात में कहा कि ईरान और पाकिस्तान के संबंध बहुत गहरे और जनता के स्तर के हैं इस अनुकूल स्थिति को दोनों देशों की सरकारों के सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयोग करना चाहिए।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने यमन युद्ध रोकने के लिए काफ़ी पहले चार सूत्रीय योजना पेश कर दी है और अगर यह युद्ध सही ढंग से समाप्त हो जाता है तो पूरे इलाक़े पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से अपनी वार्ता में आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने ईरान और पाकिस्तान के राष्ट्रों के बीच जनस्तरीय और बहुत गहरे क़रीबी रिश्तों के कई उदारहण गिनवाते हुए ज़ोर देकर कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान पाकिस्तान को पड़ोस में स्थित एक बंधु देश के रूप में देखता है, इस बेमिसाल स्थिति के दृष्टिगत दोनों देशों के बीच वर्तमान से कहीं अधिक बेहतर और गर्मजोशी भरे संबंध होने चाहिएं, सीमाओं की सुरक्षा और बेहतर होनी चाहिए तथा गैस पाइपलाइन जैसी अधूरी पड़ी परियोजनाओं को पूरा किया जाना चाहिए।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने पश्चिमी एशिया के बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाक़े में शांति व सुरक्षा की स्थापना के संबंध में पाकिस्तान सरकार की फ़िक्रमंदी की सराहना की और किसी भी संभावित घटना के प्रति सभी देशों के होशियार रहने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने इराक़ और सीरिया में आतंकी संगठनों के समर्थन तथा यमन में रक्तपात और युद्ध की आग भड़काने में कुछ देशों के विध्वंसकारी रोल पर खेद जताते हुए कहा कि इन देशों से दुशमनी रखने में हमारी कोई रुचि नहीं है लेकिन वह अमरीका के इरादे के पाबंद हैं और अमरीका की इच्छा के अनुसार इस्लामी गणतंत्र ईरान के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने बहुत पहले ही यमन युद्ध रोकने के लिए चार सूत्रीय योजना पेश कर दी और अगर यह युद्ध सही ढंग से रुक जाए तो पूरे इलाक़े पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने कभी कोई युद्ध शुरू नहीं किया है, अलबत्ता अगर किसी ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा तो निश्चित रूप से उसे पछताना पड़ेगा।

इस मुलाक़ात में ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी भी मौजूद थे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि ईरान और पाकिस्तान दो बंधु देश हैं, तेहरान और इस्लामाबाद के बीच सहयोग में विस्तार होना चाहिए, हमने ईरान से अपने संबंधों को लेकर बहुत कुछ सोच रखा है क्योंकि हम ईरान को सभी क्षेत्रों विशेष रूप से व्यापारिक क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण साझीदार समझते हैं।

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