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समझें क्या हो रहा है इराक़ में, 100 से ज़यादा प्रदर्शनकारियों की मौत : देखें वीडियो

हॉट समर, भयानक साज़िश, ईरान को धमकी और … यहां समझें क्या हो रहा है इराक़ में … बगदाद की चार सूत्रीय योजना क्या है?

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इराक़ में जनता प्रदर्शन करके, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए जाने और रोज़गार पैदा करने की मांग कर रही है उस पर गंभीरता के साथ ध्यान दिया जाना चाहिए लेकिन बगदाद और दक्षिणी प्रांतों में आज कल जो हो रहा है, वह दरअस्ल इराक़ की जनता की मांगों के रूप में अमरीकी योजना को लागू करना है और इराक़ी सरकार को भी इसकी जानकारी है और इसी लिए वह इस साज़िश को नाकाम बनाने के लिए चार रास्तों से काम शुरु कर चुकी है।

लेबनान से प्रकाशित होने वाले समाचर पत्र अलअखबार ने इराक़ में होने वाले प्रदर्शनों पर चर्चा की है और कई रोचक तथ्यों की ओर संकेत किया है।

अलअखबार ने लिखा है कि प्रदर्शनों के आरंभ में ही यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि प्रदर्शनकारियों का मक़सद क्या है? कुछ जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किये गये, कुछ अन्य स्थलों पर तोड़ फोड़ की गयी जिससे उनका प्रदर्शन संदिग्ध हो गया। यही लोग, आर्थिक स्थिति और रोज़गार के लिए होने वाले प्रदर्शनों को हिंसक बनाने के ज़िम्मेदार हैं।

रिपोर्ट के अनुसार तीन महीने पहले इराक़ की खुफिया एजेन्सी ने एक योजना का पता लगाया था जिसके तहत यह कार्यक्रम था कि जनता की मांग के नाम पर इराक़ में प्रदर्शनों का आरंभ होगा फिर उसे हिंसा और तोड़ फोड़ की तरफ ले जाया जाएगा जिससे पूरे इराक़ में हंगामे शुरु हो जाएं और अशांति पूरे देश में फैल जाए। सूत्रों ने बताया कि इस साज़िश के अंर्तगत प्रदर्शनों के हिंसक होने की दशा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में झड़प होगी और फिर अंत में अमरीका के सहयोग से इराक़ का एक लोकप्रिय सैन्य कमांडर सामने आएगा और देश को इन परिस्थितियों से छुटकारा दिलाएगा और इराक़ पर फिर अमरीका का क़ब्ज़ा हो जाएगा।

लेबनान के अलअखबार समाचारपत्र ने नये ईसवी साल की शुरुआत में अपनी एक रिपोर्ट में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया था कि इराक़ के लिए इस साल ” हॉट समर ” होगा। इस दौरान इराक़ के एक बड़े अधिकारी ने भी बताया कि ” अमरीकियों ने सन 2019 के मध्य एक ऐसी योजना की बात की थी जिसके बाद सब कुछ ईरान के खिलाफ हो जाएगा और अमरीकियों ने इराक़ी नेताओं की मदद से यह संदेश ईरान तक पहुंचाने की भी कोशिश की थी। “

अमरीकियों की योजना पर काम शुरु हो गया और इराक़ में ” हॉट समर ” का आरंभ हो गया लेकिन इस से कई हफ्ते पहले ही इराक़ी प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल मेहदी ने इस ” हॉट समर ” से निपटने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए उन्होंने चार महत्वपूर्ण क़दम उठाएः

पहलाः इराकी प्रधानमंत्री ने सुरक्षा और सैन्य विभागों से हर प्रकार के सदिंग्ध अधिकारी व कमांडर को बाहर का रास्ता दिखाया।

दूसराः इराक़ के 18 प्रान्तों की स्थिति का जायज़ा लेकर वहां रेड अलर्ट घोषित कर दिया।

तीसराः कई सरकारी योजनाओं को शुरु किया जिससे जनता का आक्रोश ठंडा पड़े।

चौथाः यह फैसला किया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की बात ध्यान से सुनी जाए और उन्हें समाधान का विश्वास दिलाया जाए। यही वजह है कि इराक़ी प्रधानमंत्री ने एलान किया कि 1000 भ्रष्ट अधिकारियों को निकाल दिया गया है।

इराक़ की ” बुरासा” न्यूज़ एजेन्सी ने भी अपनी एक रिपोर्ट में इराक़ में अशांति में अमरीका की भूमिका का उल्लेख करते हुए लिखा है कि इराक़ के वर्तमान हंगामों के पीछे बासी पार्टी के बचे खुचे सदस्यों और कुछ इराकी सेलेब्रेटियों का हाथ है जिन्होंने इस अमरीकी योजना के लिए माहौल बनाया है।

प्रदर्शन बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध आरंभ हुए किंतु बीबीसी अरबी ने अपनी रिपोर्ट में एक प्रदर्शनकारी के हवाले से बताया कि ” हम बदलाव चाहते हैं हम चाहते हैं कि सरकार गिर जाए”

बीबीसी के साथ ही सऊदी अरब के अलअरबिया टीवी चैनल ने भी हालात से बदतर दिखाने में कोई कमी नहीं की।

सीएनएन अरबी ने तो इन प्रदर्शन को नाम भी दे दिया। इन प्रदर्शनों के लिए सीएनएन अरबी ने ” इराक़ उठ रहा है” का टैग इस्तेमाल करना आरंभ कर दिया।

बुरासा न्यूज़ एजेन्सी ने लिखा कि इराक़ में होने वाले प्रदर्शन, बगदाद में अमरीकी दूतावास के समर्थन से हो रहे हैं और अमरीकी दूतावास, तथा कथित ” समाजी कार्यकर्ताओं ” की मदद से पूरे इराक़ में प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहा है।

इराक़ की बुरासा न्यूज़ एजेन्सी ने खुफिया एजेन्सियों की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि इन प्रदर्शनों में तीन प्रकार के लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे है। एक वह जो सद्दाम की बास पार्टी से संबंधित रह चुके हैं। उनका काम, तनाव बढ़ने की दशा में झड़पें शुरु करना है।

दूसरे वह लोग हैं जिन्हें खुफिया एजेन्सी की रिपोर्ट में ” सरखिया” कहा गया है और यह वह लोग हैं जो बगदाद में ब्रिटेन और हालैंड के दूतावासों के संपर्क में हैं। उनकी ज़िम्मेदारी नजफ के वरिष्ठ धर्मगुरुओं विशेष शिया मुसलमानों के वरिष्ठ धर्मगुरु, आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली सीस्तानी के खिलाफ पर्चे तैयार करना और उन्हें बांटना है।

तीसरे वह इराक़ी सेलेब्रेटी हैं जिनकी ज़िम्मेदारी यह है कि वह इराक़ी और विदेशी टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर बयान दें और अपने अंदाज़ में जनता को भड़काएं।

इस साज़िश के अनुसार, प्रदर्शनों के बढ़ने के बाद बगदाद में मौजूद अमरीका और अन्य कई देशों के दूतावासों को यह देश खाली कर देंगे और इराक़ से निकलने की घोषणा करेंगे। इस प्रकार से सरकार पर दबाव बढ़ जाएगा।

यह तो अमरीकी साज़िश है किंतु अच्छी बात यह है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और प्रदर्शनों का सिलसिला भी रुक रहा है।

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