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#Kashmir_यहां कांधे दुख जाते हैं जनाज़े उठाते-उठाते “जनाब” : देश ‘राम’ मॉडल पर चलेगा या ‘रावण’ मॉडल पर!

‎Md Aquib‎
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यहां कांधे दुख जाते हैं जनाजे उठाते-उठाते “जनाब”
ये वहा का वाक्या है जिसे लोग कश्मीर कहते हैं! लेकिन फिरभी अपनी हक के लिए लड़ रहे हैं तुम लोगो की तरह घर मे चौडिया नही पहने बैठे हैं कश्मीर के लिए नही तो कम से कम अपने मुसलमान भाई के लिए अबाज तो उठो…
#SaveKashmir#SaveKashmir

 

Azmat Yousufzai Journalist
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*इमरान को हटा पंकज मलिक को दी पश्चिमी उप्र की ज़िम्मेदारी*
राज्य मुख्यालय लखनऊ।मुजफ्फरनगर से पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के पुत्र पूर्व विधायक पंकज मलिक का प्रदेश कांग्रेस कमेटी में रुतबा बढ़ा,प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये गए पंकज मलिक,सहारनपुर के इमरान मसूद की जगह पंकज को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर पश्चिम की सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी।अगर देखा जाए तो कांग्रेस आलाकमान का फ़ैसला सही माना जा रहा है क्योंकि पंकज मलिक की छवि पश्चिम में एक सर्वमान्य नेता के रूप में मानी जाती है।इमरान की छवि साम्प्रदायिक मानी जाती है जिसका नुक़सान कांग्रेस को हो रहा था जिसमें अब ब्रेक लगेगा।और पंकज मलिक की वजह से कांग्रेस को पश्चिम में फ़ायदा होगा ऐसा सियासी जानकार मान रहे है।कांग्रेस ने अजय कुमार लल्लू को राजबब्बर के स्थान पर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में बडी ज़िम्मेदारी दी है।40 वर्षीय अजय कुमार लल्लू फिलहाल कुशीनगर जिले की तमकुहीराज विधानसभा सीट से विधायक हैं।2012 और 2017 में कांग्रेस के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे अजय कुमार लल्लू कांग्रेस विधायक दल के नेता है।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जहां युवाओं को कमान मिली है तो दूसरी तरफ 18 वरिष्ठ नेताओं की सलाहकार समिति भी गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी करेंगी।


Kranti Kumar
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#Kranti_Kumar_Discourse_on_Ram_Model_and_Raavan_Model !

देश राम मॉडल पर चलेगा या रावण मॉडल पर, इसपर देश में खुलकर बहस हो चर्चा हो !

कौन सा मॉडल देश के हित है, जनता के हित में है !
अगर हित में है तो क्यों और कैसे ?
अगर हित में नही है तो क्यों और कैसे ? दोनों विषय पर चर्चा हो ?

मेरे अनुसार रावण मॉडल देश के हित में है !
देश की सारी समस्या का निदान रावण मॉडल से किया जा सकता है !

राम मॉडल में जात पात, उच नीच गैर बराबरी है, राम राज्य में सामाजिक न्याय नही है !

बौद्ध भीक्षु शंभुक की हत्या, आदिवासी राजा बली की हत्या, महिलाओं की नाक काटना, पराजय राज्य की महिलाओं को ग़ुलाम बनाकर राज्य के अतिथि को उपहार में देना जैसे घिनोने अपराध राम राज्य में कूट कूट कर भरे पड़े हैं !

राम राज में केवल नीम जाति के व्यक्तियों की हत्या का वर्ण है !

राम राज्य में शिक्षा नही, शिक्षा का अधिकार नही, आपको व्यापार करने का अधिकार, संसाधन पर केवल सवर्णो का अधिकार है, एक बड़े वर्ग के लिए कोई विकास का कार्य नही !

रावण मॉडल बहोत उच कोटि का मॉडल है !
सामाजिक न्याय सुरक्षा जैसे मौलिक अधिकार रावण मॉडल में प्रथम प्राथमिकता है, शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य सेवा, समता समाज, कोई जात पात नही, संसाधनों पर सभी का बराबर अधिकार !

रावण मॉडल राज्य ऊंचे मानव सूचकांकों के साथ राज्य विकसित है, समृद्ध है !

रावण बेगुनाहों की हत्या करते नज़र नही आते, बौद्ध सम्राट रावण को ब्राह्मणों ने झूठी कहानी गडकर बहोत बदनाम किया !

रावण ने सीता माता का अपरहण नही किया, सीता माता बौद्ध धर्म का अध्ययन करने के लिए स्वयं लंका गई थीं !

अयोध्या की रानी होने के नाते रावण ने सीता को अपने सुंदर अतिथि गृह अशोक वाटिका में रहने की व्यवस्था की !
अशोक वाटिका अपने में विश्व का सुंदरतम अतिथि गृह था !

लंका में सीता माता को कोई तकलीफ नही हुई, जो भी तकलीफ हुई वो अयोध्या में हुई, राम राम में हुई !

जैसा दुर्व्यहार राम ने सीता के साथ किया, रावण ने कभी अपनी पत्नी मंडोदारी के साथ नही किया !

रावण अपने समय का प्रामाणिक सम्राट था, इमानदार सम्राट था !

इसलिए प्रामाणिक सम्राट का मॉडल ही देश के हित में है !

Sam Saxena‎

तानाशाही का एक और नमूना
अब बहुमत किसी को भी देना ही नहीं चाहिए
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तेलंगाना में केसीआर (Telangana CM KCR) की सरकार ने अचानक 48 हजार लोगों को नौकरी से निकाल दिया। रविवार (6 अक्टूबर) को बड़ा कदम उठाते हुए तेलंगाना राज्य परिवहन निगम (TSRTC) ने अरसे से लंबित अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे 48 हजार कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हड़ताली कर्मचारियों की तरफ से की जा रही ब्लैकमेलिंग से प्रभावित नहीं होने वाले और इस तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘अब सिर्फ 1200 कर्मचारी हैं’: राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने निगम के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इसके बाद घोषणा की गई कि निगम के पास अब सिर्फ 1200 कर्मचारी हैं, इनमें वो शामिल हैं जिन्होंने हड़ताल में शिरकत नहीं की और शनिवार (5 अक्टूबर) की शाम 6 बजे से पहले अपने काम पर लौट आए।

(लेख में व्यक्त विचार, लेखक के निजी विचार हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की तथ्यात्मकता, सटीकता, संपूर्णता अथवा सच्चाई के प्रति TEESRI JUNG HINDI उत्तरदायी नहीं है. आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं)

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