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बग़दादी की हत्या एक ड्रामा था, जब अमरीका का काम निकल गया तो उसने अल-बग़दादी को रास्ते से हटा दिया : तैयब अर्दोगान

 

 

 

तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने एलान किया है कि तुर्क सैनिकों ने दुनिया के सबसे ख़ूंख़ार आतंकवादी गुट दाइश के पूर्व सरग़ना अबू बक्र अल-बग़दादी की पत्नी को गिरफ़्तार कर लिया है।

 

अर्दागान ने बग़दादी की बहन और बहनोई की गिरफ़्तारी की भी पुष्टि कर दी है।

 

 

बुधवार को अंकारा यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए अर्दोगान ने कहाः अमरीका का कहना है कि बग़दादी ने एक सुरंग में आत्महत्या कर ली। उन्होंने इसके प्रचार के लिए और इसका श्रेय लेने के लिए एक अभियान छेड़ रखा था। लेकिन मैं आज यहां इसकी पहली बार घोषणा कर रहा हूं। हमने बग़दादी की पत्नी को पकड़ा, लेकिन उनकी तरह हो हल्ला नहीं मचाया। इसी तरह से हमने सीरिया में उसकी बहन और बहनोई की भी गिरफ़्तार किया था।

 

इससे पहले प्राप्त होने वाली एक रिपोर्ट में तुर्की के एक अधिकारी ने अपना नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर बग़दादी की पत्नी रसमिया अवद को गिरफ़्तार करने का दावा किया था।

 

कुछ ही दिन पहले अमरीका ने उत्तरी सीरिया में एक सैन्य ऑप्रेशन में अल-बग़दादी की मौत का दावा किया था, लेकिन कुछ लोगों ने वाशिंगटन की इस कहानी पर सवाल खड़े किए थे।

 

अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया था कि अमरीकी विशेषज्ञों ने बग़दादी के शव के टुकड़ों के डीएनए सैम्पल लिए थे, जिससे स्पष्ट हुआ कि शव के यह टुकड़े बग़दादी के ही हैं, उसके बाद अमरीकी सेना ने उन्हें समुद्र में बहा दिया।

 

 

हालांकि रूस और सीरिया का कहना है कि अल-बग़दादी की हत्या के लिए किया गया ऑप्रेशन केवल एक ड्रामा था और अमरीका का जब काम निकल गया तो उसने अल-बग़दादी को रास्ते से हटा दिया।

 

सीरियाई सरकार ने भी हमेशा यही कहा है कि दाइश को अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने जन्म दिया है।

 

अमरीका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन समेत कई अधिकारी भी यह बात स्वीकार कर चुके हैं कि दाइश को अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने जन्म दिया था और इसके लिए कुछ अरब देशों ने धन जुटाया था।

 

दाइश से प्रभावित होकर सीरिया पहुंचने वाले अधिकांश विदेशी चरमपंथियों को तुर्की के रास्ते सीरिया पहुंचाया जाता था। यही वजह है कि तुर्की को अकसर आतंकवादियों के ठिकानों की जनकारी है।

 

अल-बग़दादी के नेतृत्व में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश ने इराक़ और सीरिया में आम लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा और अत्याचारों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।

 

लेकिन युद्ध के मैदान में सीरियाई और इराक़ी सेनाओं ने स्वयं सेवी बलों की मदद से दाइश का सफ़ाया कर दिया और उसके द्वारा क़ब्ज़े में लिए गए इलाक़ों को आज़ाद करा लिया।

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