इतिहास

10 नवम्बर का इतिहास : क़ुबा नामक क्षेत्र में पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र हाथों से इस्लाम की पहली मस्जिद की आधार शिला रखा गयी

ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 10 नवंबर वर्ष का 314 वाँ (लीप वर्ष में यह 315 वाँ) दिन है। साल में अभी और 51 दिन शेष हैं।

10 नवंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
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1885 – गोटलिएब डेमलेर ने दुनिया की पहली मोटरसाइकिल पेश की।
1950 – अमेरिका के लेखक विलियम फॉकनर को साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मनित किया गया।
1951 – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 96 को स्वीकार किया।
1970 – फ्रांस के भूतपूर्व राष्ट्रपति चार्ल्स द गॉल का देहांत।
1983 – बिल गेट्स ने विंडोज 1.0 की शुरूआत की।
1989 – जर्मनी में बर्लिन की दीवार को गिराने का कार्य शुरू।
1994 – पुलिस ने श्रीयंत्र टापू (श्रीनगर) टापू में पहुँचकर अपना कहर बरपाया।
1995 – न्यूजीलैंड के आकलैंड में राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन प्रारम्भ।
1997 – चीन-रूस घोषणा पत्र से दोनों देशों के बीच सीमांकन विवाद समाप्त।
2000 – गंगा-मेकांग सम्पर्क परियोजना का कार्य प्रारम्भ।
2001 – भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया।
2002 – आस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड से पहला एशेज टेस्ट जीता।
2004 – झेंगझोऊ चीन का आठवाँ सबसे पुराना शहर घोषित।
2005 – चीन के विरोध को अस्वीकार करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने तिब्बत के निर्वासित धार्मिक नेता दलाई लामा से मुलाकात की। जार्डन के तीन होटलों में विस्फोट में 57 लोगों की मृत्यु।
2006 – कोलम्बो में श्रीलंका के तमिल राजनेता नाडाराजाह रविराज की हत्या कर दी गई।
2007 – एक ब्रिटिश अपीलीय कोर्ट ने ब्रिटिश सरकार को भारतीय डॉक्टरों के साथ यूरोपीय संघ के डॉक्टरों के समान बर्ताव करने का आदेश दिया।
2008 – भारत-कतर सम्बन्धों को रणनीतिक गहराई देते हुए दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किये। भारत ने आस्ट्रेलिया को हराकर 2-0 से बार्डर-गावस्कर ट्राफी जीती। सार्वजनिक क्षेत्र की आन्ध्रा बैंक ने अपनी मुख्य उधारी दर (पीएलआर) में 0.75% की कटौती की।
नासा ने मंगल ग्रह के लिए अपने फ़ीनिक्स मिशन के समापन की घोषणा की।

10 नवंबर को जन्मे व्यक्ति
1483 – मार्टिन लूथर – ईसाई धर्म में एक नई धारा की शुरुआत करने वाले।
1909 – जॉनी मार्क्स – अमेरिकी संगीतकार और गीतकार।
1848 – सुरेन्द्रनाथ बनर्जी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापकों में से एक और पार्टी के सम्मानित नेता
1920 – दत्तोपन्त ठेंगडी, राष्ट्रवादी ट्रेड यूनियन नेता एवं भारतीय मज़दूर संघ के संस्थापक

10 नवंबर को हुए निधन
1240 – इबने अरबी – अरबी के प्रसिद्ध सूफ़ी कवि, साधक और विचारक।
1908 – कनाईलाल दत्त – भारत की आज़ादी के लिए फाँसी के फंदे पर झूलने वाले अमर शहीदों में से एक।
2013 -विजयदान देथा, राजस्थानी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार
1931 – गंगाप्रसाद अग्निहोत्री – हिन्दी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार थे।
1995 – फजल ताबिश – भोपाल के प्रसिद्ध शायर थे।

10 नवंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
परिवहन दिवस

10 नवंबर 1483 ईसवी को जर्मनी के धर्म सुधारक मार्टिन लूथर का जन्म हुआ।

युवाकाल में वे पादरी बन गए। ईसाई धर्म के बारे में मार्टिन लूथर की विचारधारा और तत्कालीन पोप तथा चर्च के वरिष्ठ अधिकारियों की सोच में बहुत मतभेद पाया जाता था। वर्ष 1517 में मार्टिन लूथर ने चर्च के अत्याचारों के विरुद्ध अपना आन्दोलन आरंभ किया। उन्होंने पोप के आदेश का विरोध करते हुए इंजील का जर्मन भाषा में अनुवाद किया और कैथोलिक ईसाइयों के मुक़ाबले में प्रोटेस्टेंट नामक आन्दोलन चलाया। मार्टिन लूथर के विचार, योरोप विशेषकर जर्मनी में राजनैतिक एवं धार्मिक परिवर्तनों और युद्धों का कारण बने। अपनी आयु के अन्तिम समय में वे बीमार हो गए थे तथा सन 1546 में मार्टिन लूथर का निधन हो गया।

10 नवम्बर सन 1610 ईसवी को सत्रहवीं शताब्दी के प्रख्यात चित्रकार जेरारडो का हॉलैन्ड के हेग नगर में जन्म हुआ। जेरारडो ने बहुत ही कम समय में चित्रकारी में दक्षता प्राप्त कर ली।

10 नवम्बर सन 1799 ईसवी को फ़्रांस में ब्रोमर नामक विद्रोह हुआ। ब्रोमर वस्तुतः फ़्रांस के कैलेन्डर का दूसरा महीना है। जो नवम्बर मास में पड़ता है। नेपोलियन बोनापार्ट, जो उस समय उत्तरी अफ़्रीक़ा तथा मिस्र में युद्ध में व्यस्त था एक फ़्रेंन्च अधिकारी का गुप्त संदेश पाकर आज ही के दिन फ़्रांस लौटा और उसने सैनिक विद्रोह करके संसद भंग कर दी तथा सत्ता हथिया ली। तीन वर्ष बाद उसने स्वयं को सम्राट घोषित किया।

10 नवम्बर सन 1912 ईसवी को मोरक्को, फ़्रांस तथा स्पेन का उप-निवेश बना। इससे पहले यह देश रुस, इटली तथा उसमानी शासन के अधीन था। जनता के कठिन संघर्ष के बाद सन 1956 में मोरक्को को स्वाधीनता प्राप्त हुई।

10 नवम्बर सन 1964 ईसवी को लियोनिड ब्रेजनेफ़ सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव चुने गए। वे सन 1931 में इस पार्टी के सदस्य बने थे और पार्टी में उन्नति करके 1960 में सोवियत संघ की अध्यक्ष परिषद के प्रमुख चुने गए और फिर ख़्रोश्चोफ़ के पद से हटने के बाद उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव का पद संभाला। ब्रेज़नेफ़ बहुत ही सावधान राजनेता थे और उन्होंने तनाव निवारण की नीति अपनाकर अमरीका से परमाणु टकराव से दूर रहने का प्रयास किया किंतु इसके साथ ही उनके सत्ताकाल में चेकोस्लोवाकिया और अफ़ग़ानिस्तान पर आक्रमण हुए। उन्होंने विभिन्न आंतरिक गलियारों को संतुष्ट और प्रसन्न करके कम्युनिज़्म के लचक रहित नेतृत्व को जारी रखा और 18 वर्षों तक अपनी सत्ता की रक्षा की। सन 1982 में उनका निधन हुआ।

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12 रबीउल औवल सन 1300 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के प्रख्यात धर्मगुरू सैयद महदी क़ज़वीनी का इराक़ के हिल्ला नगर में निधन हुआ। उन्होंने इराक़ के पवित्र नगर नजफ़ में उच्च धार्मिक शिक्षा ग्रहण की तथा फ़िक़ह, तफ़सीर, कलाम, और अरबी साहित्य जैसे विषयों में दक्ष हो गए। उन्होंने फिर यह विषय पढ़ाना भी आरंभ कर दिया। पवित्र नगर नजफ़ में शिक्षा पूरी कर लेने के बाद वे हिल्ल नगर चले गए ताकि वहां ज्ञान का प्रचार प्रसार करें। सैयद महदी क़ज़वीनी ने कई पुस्तकें लिखी हैं जिनमें वदाएअ और मज़ामीर का नाम मुख्य रूप से लिया जा सकता है।

12 रबीउल अव्वल सन पहली हिजरी क़मरी को पवित्र नगर मदीने के निकट क़ुबा नामक क्षेत्र में पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र हाथों से इस्लाम की पहली मस्जिद की आधार शिला रखा गयी। पैग़म्बरे इस्लाम मक्के से मदीने की ओर पलायन करते समय इस क्षेत्र में कुछ दिन रुके थे और इस दौरान उन्होंने इस ऐतिहासिक व धार्मिक इमारत का आधार रखा। पैग़म्बरे इस्लाम सलल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम के इस गांव में रुकने का मुख्य कारण यह था कि हज़रत अली और उनके कुछ साथी उनसे आकर मिल जाएं क्योंकि पलायन के समय पैग़म्बरे इस्लाम ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम को अपने बिस्तर पर सोने का आदेश दिया था ताकि हज़रत मोहम्मद उनकी हत्या के अनेकेश्वरवादियों के षड्यंत्र को विफल बना सके। पैग़म्बरे इस्लाम के मदीना नगर की ओर पलायन और उनके बिस्तर पर सोने के बाद तीन दिन तक हज़रत अली अलैहिस्सलाम मक्के में रहे और पैग़म्बरे इस्लाम के पास रखी लोगों की अमानतों को उनके हवाले किया। उसके बाद हज़रत अली अलैहिस्सलाम ने अपने कुछ निकटवर्तियों के साथ मदीने की ओर पलायन किया। चूंकि इस्लाम धर्म में ईश्वर की उपासना और लोगों की समस्याओं के निपटारे के लिए मस्जिद का बहुत अधिक महत्त्व है इसीलिए इस्लाम में पहली मस्जिद के रूप में मस्जिदे क़बा का बहुत अधिक महत्त्व है। वर्तमान समय में इस मस्जिद में बहुत अधिक परिवर्तन हो चुके है और यह मदीने के निकट महत्त्वपूर्ण व पवित्र स्थल के रूप में अब भी प्रसिद्ध है।

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