धर्म

ईश्वर ने उनसे कहा कि ”वे अपनी लाठी को ज़मीन पर फेकें ताकि वह उनके जादू के साधनों को निगल जाए”

आयत क्या कहती है? ईश्वर ने उनसे कहा कि इस मुक़ाबले में उन्हीं को विजय प्राप्त होगी अतः वे अपनी लाठी को ज़मीन पर फेकें ताकि वह उनके जादू के साधनों को निगल जाए।

यह दृश्य देख कर हज़रत मूसा को यह भय हुआ कि कहीं लोग इस बात को वास्तविकता न समझ बैठें और जादू और ईश्वरीय चमत्कार के बीच अंतर को न समझ पाएं।

सूरए ताहा की आयत क्रमांक 67, 68 और 69 का अनुवादः

तो मूसा ने अपने मन में (जाति के भ्रष्ट होने को लेकर) भय का आभास किया। हमने कहा कि भयभीत न हो कि निश्चित रूप से तुम ही विजयी होगे। और जो तुम्हारे दाहिने हाथ में है उसे (धरती पर) डाल दो ताकि जो कुछ उन्होंने तैयार किया है वह उसे निगल जाए। निश्चय ही जो कुछ उन्होंने रचा है वह तो बस एक जादूगर का स्वांग भर है और जादूगर जिस प्रकार से भी आए वह कदापि सफल नहीं हो सकता।

संक्षिप्त टिप्पणी:

हर काल में लोगों को धोखा देने के लिए विभिन्न प्रकार के हथकंडे मौजूद होते हैं किंतु ईश्वरीय नेता अपने उचित उपायों से उन सभी हथकंडों को विफल बना देते हैं।

इन आयतों से मिलने वाले पाठ:

जब कभी सत्य के अनुयायी भय व चिंता में ग्रस्त हों, उन्हें ईश्वरीय सहायता की ओर से आशान्वित करना चाहिए।
हर काल में लोगों को धोखा देने के लिए विभिन्न प्रकार के हथकंडे मौजूद होते हैं किंतु ईश्वरीय नेता अपने उचित उपायों से उन सभी हथकंडों को विफल बना देते हैं जिसके परिणाम स्वरूप धोखेबाज़ अपमानित होते हैं और सत्य अधिक सुदृढ़ हो जाता है।

आयत क्या कहती है?

अत्याचारी शासक, लोगों को ईश्वर के प्रिय बंदों के विरुद्ध उकसाने के लिए उन्हें सत्तालोलुप एवं राष्ट्रीय संस्कृति व संस्कारों का विरोधी दर्शाने का प्रयास करते हैं।

वे अपनी इन बातों व कार्यों से सत्ता हाथ में लेना एवं तुम्हें इस धरती से बाहर निकाल कर बनी इस्राईल को सत्ता तक पहुंचाना चाहते हैं।

सूरए ताहा की आयत क्रमांक 63 और 64 का अनुवादः

फ़िरऔन के लोगों ने कहाः निश्चय ही ये दोनों जादूगर हैं (और) चाहते है कि अपने जादू से तुम्हें तुम्हारी धरती से निकाल बाहर करें और तुम्हारे उत्तम मार्ग को तबाह कर दें। तो (हे जादूगरो!) तुम सब मिलकर अपने उपाय जुटा लो, (इन दोनों के मुक़ाबले में) फिर पंक्तिबद्ध होकर आओ। और जो आज विजयी रहा, निश्चित रूप से वही सफल हुआ।

संक्षिप्त टिप्पणी:

उन्होंने जादूगरों से कहा कि हर प्रकार के मतभेद से दूर रहो और अपनी पूरी शक्ति एकत्रित करके दृढ़ता के साथ मूसा और हारून के समक्ष डट जाओ कि आज जो इस मैदान में जीतेगा वही श्रेष्ठ होगा।

इन आयतों से मिलने वाले पाठ:

अत्याचारी शासक, लोगों को ईश्वर के प्रिय बंदों के विरुद्ध उकसाने के लिए उन्हें सत्तालोलुप एवं राष्ट्रीय संस्कृति व संस्कारों का विरोधी दर्शाने का प्रयास करते हैं।

सत्य से मुक़ाबले के लिए शत्रु अपनी पूरी शक्ति और संभावनाओं का प्रयोग करते हैं और इस मार्ग में एकजुट रहते हैं।

यदि सत्य के अनुयायी एकजुट नहीं होंगे तो पराजित हो जाएंगे।​​​​​​​

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