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उत्तर प्रदेश में जो कुछ भी हुआ है अदालतें उस पर स्वत: संज्ञान लें : मशहूर फ़िल्मी हस्तियों का अनुरोध : रिपोर्ट

फिल्मकार अनुराग कश्यप और अपर्णा सेन समेत फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों के एक समूह ने उत्तर प्रदेश में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की न्यायिक जांच कराने का बृहस्पतिवार को अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि वे किसी तरह की गुंडागर्दी का समर्थन नहीं करते.

New Delhi: Actors Zeeshan Ayyub and Swara Bhaskar interact with the media on the amended Citizenship Act, at Press Club of India in New Delhi, Thursday, Dec. 26, 2019. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI12_26_2019_000063B)

बीते 26 दिसंबर को नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में अभिनेत्री स्वरा भास्कर और अभिनेता जीशान अयूब ने नागरिकता कानून को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

अदालत से की गई अपील को अभिनेत्री स्वरा भास्कर और अभिनेता मोहम्मद जीशान अयूब ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में पढ़कर सुनाया.

अपील में कहा गया है कि वे किसी भी तरह की हिंसा या गुंडागर्दी का समर्थन नहीं करते. शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के नागरिकों के अधिकार का राज्य में हनन किया गया है.

पत्र पर फिल्मकारों अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी, अपर्णा सेन और अलंकृता श्रीवास्तव के साथ-साथ अभिनेत्री कुब्रा सैत, मल्लिका दुआ, कोंकणा सेन शर्मा, जीशान अयूब और भास्कर के हस्ताक्षर हैं.

इसमें अनुरोध किया गया है कि उत्तर प्रदेश में जो कुछ भी हुआ, अदालतें उस पर स्वत: संज्ञान लें. साथ ही लोगों की मौत और संपत्ति को हुए नुकसान की न्यायिक जांच का भी अनुरोध किया गया है.

पत्र में कहा गया है, ‘सीएए ने एक कानून के रूप में स्वयं विपरीत विचारों को जन्म दिया है. लेकिन कानून के गुणों पर किसी एक के विचारों से परे, कुछ ऐसे मौलिक सिद्धांत हैं जिनको लेकर हम सभी सहमत हैं. इनमें भारत के संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप- नागरिकों का शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार; राज्य का कानूनी ढांचे के भीतर उनसे निपटना; और अपराध तथा सजा निर्धारित करने में अदालतों की अंतिम भूमिका शामिल है.’

पत्र में आरोप लगाया गया है कि उनका मानना है कि मोटे तौर पर सरकार की ज्यादतियों के कारण इन सभी सिद्धांतों को उत्तर प्रदेश में कमजोर किया गया है.

पत्र में कहा गया है, ‘राज्य में जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, बिना बाधा की आदि के अधिकार खतरे में हैं.’

उन्होंने कहा कि वे कथित पुलिस गोलीबारी और अत्यधिक बल प्रयोग से राज्य में मौतों को लेकर बेहद चिंतित हैं.

पत्र में कहा गया है, ‘मीडिया में आ रहीं खबरों से पता चला है कि उत्तर प्रदेश में 19 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से ज्यादातर लोगों की मौत गोली लगने से हुई… जिससे यह माना जा सकता है कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.’

इसमें कहा गया है कि विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए प्रशासन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहा.

स्वरा भास्कर और मोहम्मद जीशान अयूब द्वारा पढ़ी गई अपील में कहा गया है, ‘हम मौतों की निंदा करते हैं और सभी पीड़ितों को तुरंत न्याय दिलाने का अनुरोध करते हैं.’

BY द वायर 27/12/2019 •

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Er Tauhid Ahmad

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#IndiaAgainstCAA
बनारस के बजरडीहा में CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के बाद का दृश्य।
योगी पुलिस —

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