उत्तर प्रदेश राज्य

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के पिता ने कहा, ”न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है, हमें भी अब ज़िंदा जला दिया जाएगा”

उन्नाव. उत्तर प्रदेश में उन्नाव (Unnao) की सड़क पर जिंदा जलाए जाने के बाद गैंगरेप पीड़िता (Gangrape Victim) की दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है. उसका पार्थिव शरीर उन्नाव लाया जा रहा है. इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) पीड़ित परिवार से मिलने उन्नाव पहुंचीं. यहां न्यूज 18 से बातचीत में पीड़िता के पिता ने कहा कि उनके परिवार में सिर्फ वही बेटी थी, जो न्याय के लिए लड़ती थी, आवाज उठाती थी. वह अकेले परिवार की सुरक्षा के लिए जूझ रही थी. उसके जाने के बाद अब उन्हें न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है. उन्हें कहा, ‘हमें भी अब जिंदा जला दिया जाएगा.’

बेटी को देख भी नहीं पाए
पिता ने कहा कि हम अपनी बेटी का मुंह भी नहीं देख पाए. पिता ने कहा कि हम चाहते हैं कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले. उन्होंने हमारे परिवार को प्रताड़ित किया है. पीड़िता की चाची ने कहा कि उनकी भी दो बेटियां हैं, लेकिन उसके जैसी हिम्मती कोई नहीं है. वह अकेले दम पर सबसे जूझ जाती थी. बहुत हिम्मती थी. उसकी कमी कोई नहीं भर सकता.

पीड़िता के चाचा ने बताया कि सुबह हम चाय पीने जा रहे थे, तभी मौसी की लड़की का फोन आया. उसने बताया कि आपके भाई की लड़की को जला दिया गया है. जब हम अस्पताल पहुंचे, तो पता चला कि लखनऊ रेफर कर दिया गया है. पता चला कि गेट से अभी जो एंबुलेंस निकली है, उसी में उनकी भतीजी थी. हम उसे देख भी नहीं पाए. उन्होंने कहा कि अगर न्याय मिलता तो ऐसी घटना क्यों होती? हमें तो अब न्याय मिल गया. मर्ज और मरीज को खत्म ही कर दिया, अब क्या है? रास्ते में जाएंगे तो हमको भी मार सकते हैं. केस की तारीख के दौरान कुछ भी कर सकते हैं.

हम पर पहले भी हुआ हमला
चाचा ने बतया कि दो बार प्रधान जी के बेटे ने दो बार मारा, घसीटकर मारा. बेटी कहती थी कि चाचा तुम परेशान न हो, हम इनसे निपटेंगे. उसी ने इन्हें जेल भिजवाया. फिर जेल से ये छूटा और ये कांड कर दिया. चाची ने बताया कि अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि लखनऊ भेज दी गई है, हम उसे देख नहीं पाए. उन्होंने कहा कि मेरी शादी के बाद उसका जन्म हुआ था, 5 साल तक वह मेरे ही पास रहती थी. उन्होंने कहा कि पूरे घर में सबसे हिम्मती थी.

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