विशेष

औरंगेज़ेब नाम का मुग़ल बादशाह सुबह से रात तक शराब के नशे में चूर रहता था

 

भारत में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है, जनता के अंदर डर, अविश्वास पैदा हो रहा है, नौजवान बेरोज़गार है, किसान की कोई सुनने वाला नहीं, मजदुर के लिए काम नहीं, कारखाने, फैक्ट्रियां बंद हो चुके हैं, महिलाओं, बच्चियों, आम आदमी की जान, आबरू सुरक्षित नहीं है, कश्मीर हो या मंदिर, मस्जिद, जो खेल हो रहे हैं किसी से छुपे हुए नहीं हैं, इन्साफ मांगने पर इन्साफ मिलेगा या मुजरिम ठहरा दिए जायेंगे, कोई पता नहीं, रात को सुबह की फिक्र, सुबह जागते ही दिनभर की चिंता, हर आदमी का भविष्य असुरक्षित है, सुबह को दो रोटी मिल जायें तो शाम को नसीब होंगी या नहीं, पता नहीं,,,इतना बुरा हाल देश का नेहरू, इंद्रा, राजीव गाँधी, गुजराल, देवगौड़ा, मनमोहन सिंह की वजह से हुआ है, दो दिन पहले जो हिमांचल में बर्फ पड़ी थी उसमे पाकिस्तान का हाथ है,,,और वो जो अरुणांचल प्रदेश में बाढ़ आयी थी, उसमे चीन का हाथ शामिल था,,,नाथूराम गोडसे ने गाँधी को मार कर पुण्य का काम किया था, साध्वी प्रज्ञा महान देशभक्त हैं, राणा प्रताप ने अकबर को हल्दीघाटी के युद्ध में धूल चटाई थी, अलाउद्दीन ख़िलजी अधर्मी, कुकर्मी, दुर्दांत, निर्दयी, कट्टर मुस्लमान था, वो हिन्दुओं पर घोर अत्याचार करता था, टीपू सुलतान गद्दार था, उसने मंदिर तोड़े थे, हिन्दुओं को जबरन मुस्लमान बनाया था,,,,बाबर, इस धरती पर सबसे कयार साशक था, वो भारत को लूटकर यहाँ की सारी दौलत इंग्लैंड अपने साथ ले गया था, उसने अपने हाथों से ‘भगवान् राम’ का भव्य, दिव्य, विशाल, आकाश को छूता मंदिर तोडा था और उसकी जगह पर अपने हाथों से मस्जिद बनायीं थी,,,तोड़े गए राम मंदिर के ‘अवशेषों’ को बाबर ने मस्जिद के नीचे दबा दिया था,,,जो खुदाई में के मुहम्मद ने खोज निकाले थे, औरंगेज़ेब नाम का मुग़ल बादशाह सुबह से रात तक शराब के नशे में चूर रहता था, उसके हरम में एक लाख 16 हज़ार नर्तकियों नगन होकर नित्य करती थीं, वो बहुत ही बुज़दिल,कमज़ोर, और ‘नीच’ चरित्र का व्यक्ति था, राणा संग्राम सिंह ने औरंगज़ेब को ”तरायन’ के मैदान में ज़बरदस्त पटखनी दी थी,,,जब सिकंदर पटना आया था, तब स्वामी विवेकानंद और वीर, महावीर सावरकार आपस में ‘सलाह-मशवरह’ कर रहे थे,,,,भगत सिंह की फांसी गाँधी, नेहरू के कारण हुई थी, पटेल तो भगत सिंह से जेल में मिलने जाते थे,,, नोटबंदी की वजह से आज भारत ”भारत” में मौजूद है, नहीं तो कश्मीरी कब्ज़ा कर लेते, चुनाव तो EVM से ही निष्पक्ष हो सकते हैं, और कोई तरीका सही नहीं है,,,वाराणसी के कियूटो बन जाने से ‘कबीर दास’ बहुत प्रसन्न हैं,,,”कबीर दास, गुरु नानक देव जी और गोरखनाथ महराज’ पहले जब मिलते थे ‘विश्व गुरु भारत’ की उन्नति की भी बातें करते होंगे,,,,गाय हमारी माता,,,आगे कुछ नहीं आता है,,,सांड हमारा बाप है,,,गौ हत्या पाप है,,,,लाल लाल दो खम्भ खड़े हैं उनसे बांधे जाओगे, जब डंडों की मार पड़ेगी साँच – साँच बतलाओगे,,,क्या,,,समझे कुछ समझे नहीं समझे,,,,मंदिर वहीँ बनाएंगे,,,न्याय हो गया,,,,आह ये कैसा दर्द है सीने में,,,आँखों के आंसू कहाँ गये,,,मेरी मस्जिद थी इधर कहीं,,,कहाँ गयी,,,कुछ जानी – अनजानी चीखों की आवाज़ें,,,जैसे सन्नाटे में मेरे कान बजते हों, सुनाई देती हैं,,,अरे हाँ,,,ये आवाज़ें ‘कश्मीरी’ लोगों की हैं,,,हो सकता है,,,गोधरा, मुंबई, भागलपुर, मलियाना, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ,,,अयोध्या में ‘दफ़न’ ‘बाबरी’ के ‘अहसास’ की हों,,,

– परवेज़ ख़ान

rafat alam
@rafatalam100
1.कलमकार
पत्रकार थे।
चाटूकार
मक्कार बचे हैं।
2.पत्रकार थे
जैसा देखते थे
लिखते थे।
पत्तलकार बचे हैं
चाशनी के रचे-बसे हैं
मक्खन पर फिसले हैं
RIPजर्नलिज्म।
3.पत्रकार थे
आँख मिला सवाल करते थे।
कापी-पेस्ट-फ़ोटोशाप
चाकर बचे हैं।
सवाल जवाब बना कर देते हैं
सिर झुका कर टिप लेते हैं।

Deval Dublish (देवल दुबलिश)
@I_am_deval
????????????????????????????????????
*✏रिश्तो की सिलाई अगर*
*भावनाओ से हुई है*
*तो टूटना मुश्किल है..*
*और अगर स्वार्थ से हुई है,*
*तो टिकना मुश्किल है..✍????*
????????????????????????????????????
*✍ शुभ संध्या वंदन????????*

Ashwini Upadhyay
@AshwiniBJP
यदि आपको लगता है कि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार कम हो गया है तो विनम्र आग्रह है कि एक बार अपने परिवार के किसी सदस्य को आम जनता की तरह किसी:
थाना
तहसील
कचेहरी
हाई कोर्ट
नगर निगम
शिक्षा विभाग
बिजली विभाग
परिवहन विभाग
सरकारी हॉस्पिटल
लोकनिर्माण विभाग
या
किसी अन्य सरकारी विभाग में भेजिए

You’re Creating an Environment of Fear : Industrialist Rahul Bajaj to Amit Shah

THE QUINT

Industrialist and Chairperson of the Bajaj Group, Rahul Bajaj, on Saturday, 30 November, said that people had the freedom to critique the UPA government but the current regime has created an environment of fear and uncertainty.

Posing a question to a panel comprising Home Minister Amit Shah, Finance Minister Nirmala Sitharaman and Rail Minister Piyush Goyal at Economic Times Awards function in Mumbai, Bajaj asked the ministers why people are not allowed to question the government.

The statement comes at a time when the National Statistical Office (NSO) released the country’s second quarter GDP, which currently stands at 4.5 percent.

Responding to Bajaj, Shah said that there is no need for any individual to be scared.

Bajaj further questioned the Home Minister about Bhopal MP Pragya Thakur’s Godse remark, asking, “If there was a doubt that Godse was a terrorist”. Shah responded to this by saying that the party condemns Thakur’s statement.

However, it is not the first time that Bajaj has questioned and criticised the government. Earlier this year, speaking at his company’s 12th Annual General Meeting, Bajaj had criticised the government for falling demand as well as private investment.

(With inputs from Economic Times)

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