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‘क़ौम’ पर अब तक का सबसे बड़ा ‘अज़ाब” आने वाला है…#NIA बिल, #NRC, #CAB, डिटेंशन सेण्टर,,,ये सब तुम्हारे लिए हैं!

 

NIA बिल, NRC, CAB, डिटेंशन सेण्टर,,,ये सब तुम्हारे लिए हैं,,,किसके लिए,,,”तुम्हारे लिए’,,,तुम कौन,,,मुफ्त की दावतें उड़ाने वाले,,,रातों को छुप-छुपकर इधर से उधर जाने वाले, बिरियानी, क़ौरमा, हलीम पै ‘डगमगाने’ वाले,,,ज़लील होते थे तब भी,,,अब बे मौत मारे जाओगे,,,,औवैसी,,,बीजेपी का दलाल है,,,पीरज़ादा,,,मुस्लमान मुसलामन की रट लगाये रहते हैं,,,हमारा नेता कैसा हो,,,तुम्हारा नेता हमेशा तुम्हारे जैसा ही कोई ‘कमीना’ होता था,,,अब जबकि कुछ भी बाक़ी नहीं रहा है,,,बस देखते जाओ,,,दो साल के अंदर इस ‘क़ौम’ पर जब से ये ज़मीन बनी है तब से अब तक का सबसे बड़ा ‘अज़ाब” आने वाला है,,,हँसते थे, मज़ाक़ बनाते थे, तुम अपने ही तो थे, याद करो क्या कभी तुमने ‘नेता जी’ के सामने किसी को अपना ‘नेता’ समझा था,,,तुम्हारे पास जब कोई क़ौम – मिल्लत की फ़रियाद लेकर जाता था, तब याद है क्या कहते थे,,,अरे, ये तो, एजेंट है ‘उसका’,,,मुसलमानों में यही तो कमी है, इसी लिए तो कोई मुस्लमान नेता नहीं बन पता है,,,और ये चुनाव लड़ के कर क्या लेगा,,,हज़ार दो हज़ार वोट कटवा देगा,,,बीजेपी को जिताने में मदद करेगा,,,सुनो,,इनके चक्कर में मत पड़ो, हमने दुनियां देखी है, बड़े बड़े नेताओं के संग रहना हुआ है, हमारा ‘लिंग’ भी ‘नखलऊ’ तक है,,,’नेता जी’ से सीधे सम्बन्ध हैं,,,ये मुस्लमान मुस्लमान कर के कुछ नहीं होगा, केवल वोट कटेंगे, बीजेपी जीत जायेगी,,,,अपने नेता को समझाओ कहाँ चक्कर में पड़े हैं,,,

आज गला बैठ गया है, दिनभर भाषण देते देते हलक़ अभी तक सूख रहा है,,,ओ अज़ीमा,,,चार पांच लस्सी ले के आ, सुन दही ढंग से डालना, ऊपर मलाई डल लाना,,,, देखा आज आप के भाई ने झंडे गाढ़ दिए, ऐसी तक़रीर की है कि ‘हाजी’ को रात भर नीन्द नहीं आयेगी, असली जलवा तो कल देखना, आज ज़रा गला साथ नहीं दे रहा था, रात को ‘ठंडी’ बिरियानी खाली थी, तभी से खांसी सी हो गयी है,,,शेरवानी साहब की दूकान से दवा ले ली है, सुबह तक गाला ठीक हो जायेगा,,,कल कुछ भी हो जाये ‘हाजी’ को उसकी औकात दिखा के रहूँगा,,,भाई,,,आपकी क़सम, चुनाव आप ही जीत रहे हो, हर तरफ आप के चर्चे हैं, मैंने अपने सभी लोग काम पै लगा रखे हैं,,,सब को कह दिया है,,,खर्चे की फ़िकर मत करना, बस काम मेहनत से करना है,,,अपने सारे चले सेट हैं,,,भाई मेँ चलूँ रात के दो बज गये हैं,,,सुबह को जल्दी जागना भी है,,,मेँ काम पै सवेरे से ही लग जाता हूँ,,,अरे चुनाव ऐसे ही थोड़ी लड़ा जाता है,,,काम करना पड़ता है, काम.,,,,अच्छा मै चलता हूँ, अल्लाह हाफिज,,,दिन में मिलते हैं,,,,आज ‘हाजी’ को ही देखना है,,,,

क्या बात है क्यों बार बार फ़ोन कर रहे हो,,,काम की बात है,,,एक बात बताऊँ, अंदर की बात है, मेरा नाम नहीं आना चाहिए,,,बता, बता क्या बात है,,,वो जो आप का ‘दीना’ है,,,यहाँ ‘हाजी’ के यहाँ बैठा है,,,अयें,,,वहां,,,सही बोल रहा है न,,,ये तो अभी दस पंद्रह मिनट पहले मेरे पास से घर जाने की कह कर गया है,,,देख ठीक से देख कोई और होगा,,,नहीं,,,क्या मै ‘दीना’ को पहंचानता नहीं हूँ,,,अच्छा फोटो व्हट्सप्प करता हूँ, तब तो यकीन आ जायेगा, अभी अंदर वाले कमरे में चला गया है,,इसके साथ दो लोग और हैं,,,ये भी मैने आप के ‘कैम्प’ पर देखे थे,,,दो लोग,,, कौन हैं, पहंचानते हो इनको,,,हाँ,,,एक का नाआआअम है राजू भाई और दूसरे वाले हैं, अरे वोही, जो परसों आप से तीन हज़ार रूपए ले कर गए थे, कोई बीमार था उनके यहाँ,,,क्या नाम है,,,याद नहीं आ रहा है,,ज़बान पे रखा है, बस, धयान नहीं आ रहा….नसरुद्दीन तो नहीं,,,हाँ हाँ वोही नसरुद्दीन,,,दूसरा नसरुद्दीन है,,,ज़रा नज़र रखना ये करते क्या हैं वहां,,, देखते रहना,,,,

जनवरी 2020 में ‘चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़’ की नियुक्ति के बाद…

नागरिकता कानून अब वजूद में आ चुका है, लोकसभा, राजयसभा से पास होने के बाद बिल पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिए हैं, देशभर में इस कानून को लेकर बड़े प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, पूर्वोत्तर के राज्यों के हालात बहुत ख़राब हो चुके हैं, बाकी देश के अन्य हिस्सों में भी जनता में भारी गुस्सा है, सरकार नागरिकता बिल के ज़रिये मुस्लिम समाज को टारगेट कर रही है,

असल में बीजेपी की सरकार जो कुछ भी कर रही है वो बहुत सोच समझ के किया जा रहा है, तमाम विरोध प्रदर्शन के बावजूद बीजेपी की सरकार इन पर पीछे नहीं जायेगी, संघ ने पूरे एक सदी तक जिस दिन के लिए काम किया है, मेहनत की है ये उन लक्ष्यों के पूरा करने का वक़्त है, यहाँ संघ की तारीफ करना पड़ेगी, उसने हर तरह के माहौल में लगातार काम किया है, अपने काम को कभी भी किसी भी सूरत में थमने नहीं दिया, एक सदी तक उसने जिस मकसद को हासिल करने के लिए रात दिन एक किये हैं, ये उनका नतीजा है जो इस वक़्त देश में देखने को मिल रहा है, कश्मीर से 370 ख़तम करना संघ के एजेंडे में हमेशा से रहा था, अयोध्या में ”बाबरी” मस्जिद पर ‘राम’ मंदिर बनाना संघ का कार्यक्रम है, समान नागरिक संहिंता, मुसलमानों से वोट का अधिकार वापस लेना, दलित, पिछड़ों को वोट के लिए हिन्दुओं में गिनना, भारत को ‘हिन्दू’ राष्ट घोषित कर, तमाम अधिकार उच्च जाति के हिन्दुओं तक सीमित करना,,,

ये दिन आयेगा जिस किसी ने भी अब से 20-30 साल पहले नहीं सोचा था, उनको बेअकल, मुर्ख ही समझा जा सकता है, राजीव गाँधी की हत्या का ‘मूल’ हितों की प्राप्ति/पूर्ति के लिए किया गया बड़ा ‘अपराध’ था, जिसको हमेशा ही एक ख़ास तरफ ”लट्टे” से जोड़ कर देश के सामने कहानी परोस दी गयी, शायद गाँधी परिवार हकीकत को समझता है, मगर वो इस मुद्दे पर बोल नहीं सकता क्यूंकि बहुत बार जो कुछ भी बचा कुचा होता है उसे बचाना ज़रूरी हो जाता है,,,
इंदिरा गाँधी की हत्या, संघ के लिए एक सुनहरा मौका साबित हुई थी, संघ के बड़े बड़े नीतिकार, नेता, कार्यकर्त्ता प्लानिंग कर के कांग्रेस में शामिल हो गए थे, इन लोगों ने कम समय में कांग्रेस के अंदर अपनी जड़ों को गहराई तक जमा लिया था, पार्टी और सरकार में इनको अहमियत मिलने लगी थी, इन लोगों ने ग़ैरराजनैतिक व्यक्ति राजीव गाँधी को हर तरफ से घेरना शुरू कर दिया था, शाह बानो मामले पर अदालत के फैसले को पलटवाया और उसके बाद इस फैसले को लेकर राजीव गाँधी को ब्लैक मेल करना शुरू कर दिया था, हिन्दू वोटर खिलाफ हो जायेंगे का डर दिखा कर अयोध्या में मस्जिद का ”ताला” खुलवा लिया था,,,यहाँ से शुरू होता का बड़ा खेल,,,श्रीलंका में लिट्टे वहां की सरकार से लड़ रहा था, लिट्टे भारत सरकार, जनता समर्थित संगठन था, तमिल, आंध्र, कर्नाटक आदि राज्यों की सरकारें लिट्टे का खुल कर समर्थन करती थीं, राजीव गाँधी ने श्रीलंका भारत की सेना भेजी थी, जो वहां लिट्टे के खिलाफ लड़ी, राजीव गाँधी श्रीलंका पहुंचे तो गॉर्ड ऑफ़ ओनर के वक़्त एक सैनिक ने उन पर हमला कर दिया था, ये हमला भारत में राजीव गाँधी पर जान लेवा हमले की प्रेरणा बना था, जिसको पकड़ कर तमिल इलम के आतंकवादियों से ‘Jhandewalan’ वाले सम्पर्क कर घटना को अंजाम दिलवाते हैं, जिसे ‘चौहान’ साहब की मदद से तमिलों तक सीमित रखा गया, ‘चौहान’ ने संघ का बहुत साथ दिया, बाबरी मस्जिद को गिराने में भी उनकी अहम् भूमिका रही,,,,खैर सरकारें कुछ भी कर सकती हैं,,,बात करते हैं नागरिक बिल की, अब जो कुछ भारत में हो रहा है वो 100 साल के सपने को हकीकत में तब्दील करना है,,,षड़यंत्र हमेशा बड़े गुल खिलाते हैं, 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले कश्मीर के पुलवामा में CRPF के ऊपर हुए आतंकवादी हमले के बाद टीवी समाचार चैनलों ने सरकार की तरफ से मोर्चा खोल दिया था, सेना भी पीछे नहीं थी, वो न जाने मेरठ या लुधियाना या ग्वालियर पता नहीं कहाँ से F-16 की खिड़की ले आती है, ये है सबूत हमने मार गिराया था ‘दुश्मन’ का F-16, ट्रम्प चाचा ने एक एक F-16 की गिनती ‘दुश्मन’ के बेडे में करवाई, वहां पूरे निकले, मगर यहाँ नहीं, नहीं, सच कह रहे हैं, हमने गिराया था,,,पुलवामा का आतंकवादी हमला भारत की राजनीती को बदलने वाला साबित हुआ, आयोग के साथ मिल कर लडे गए चुनावों ने विपक्ष की करारी हार हुई,,,पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद विपक्ष को एक साथ चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए था, जो उन्होंने नहीं किया बल्कि खुद को देशभक्त साबित करने में लगी रहीं, हमारे राजनैतिक मत भेद हो सकते हैं लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में हम सरकार के साथ हैं, दोनों हाथों में लड्डू चाहिए थे,,,

अब ये बिलकुल तै है कि कश्मीर, NRC, CAB, हिन्दू राष्ट्र, मुसलमानों से वोट का अधिकार आदि को मौजूदा सरकार अंजाम तक पहुंचायेगी, इन में से किसी भी मुद्दे पर सरकार पीछे नहीं हटने वाली, ये सरकार के बस में नहीं है, बॉस जो कहेगा वो करना पड़ेगा, बॉस दिल्ली में नहीं ”नागपुर” में रहता है, आज देश पर ‘बॉस’ का कब्ज़ा हो चुका है,
अगले महिने यानी जनवरी 2020 में भारत में ‘चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ’ की नियुक्ति हो जायेगी, जिसके बाद देश की सेनाएं एक ‘कमान’ के अधीन आ जाएँगी, थल, जल, वायु सेना के अध्यक्ष अब ‘चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ के अधीन होंगे, इनको आदेश ‘चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ का मानना होगा, ‘चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ गृह मंत्रालय के अधीन होगा, जिसको गृहमंत्री के आदेशों का पालन करना पड़ेगा, मतलब,,,बाक़ी सब की समझ में तब तक नहीं आयेगा जब तक वो,,,
बीजेपी के सांसद साक्षी महाराज ने 2019 लोकसभा चुनावों के वक़्त कहा था ”ये आखिरी चुनाव है, इसके बाद देश में चुनाव नहीं होंगे’,,,उम्मीद रखें कि 2024 में भारत में लोकसभा चुनाव नहीं होंगे,,,

भारत जिस रास्ते पर चल पड़ा है वो बहुत खतरनाक है, ये रास्ता भयानक भविष्य की तरफ जाता है, जहाँ हज़ारों डिटेंशन सेण्टर होंगे, भट्टियां होंगी, सामूहिक कब्रें, बड़े बड़े यातना केंद्र, गैस चैम्बर होंगे,,,ये कोई खामखयाली नहीं है, ये सत्य है जिसे स्वीकार करना चाहिए,,,जब भी कोई देश नस्लपरस्ती के आधार पर नीतियां बनाता है, वहां कानून का राज नहीं रहता है, जब कानून का राज नहीं रहता है तब वहां खौफ/डर खड़ा हो जाता है, नस्लपरस्ती देश के संविधान, न्याय व्यवस्था, सामाजिक ताने को तहसनहस कर देती है, भारत के अंदर समाज को बांटने का काम दशकों से चल रहा है, आज हिन्दू -मुस्लिम मुद्दा है, मंदिर -मस्जिद मुद्दा है,,,न्याय की बलि देकर एक धर्म प्रधान देश बनाने की प्रक्रिया से देश गुज़र रहा है, ‘बाबरी’ मस्जिद के अंदर मूर्तियां रखना ग़लत था, ‘बाबरी’ मस्जिद को गिराना आपराधिक कृत था, मगर ‘मंदिर’ बाबरी ”मस्जिद” जहाँ थी वहीँ उसी ज़मीन पर बनेगा,,,करलो क्या करोगे,,,

अब क्या करें
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– जो हालत इस वक़्त देश में बन रहे हैं उनमे खास कर मुस्लिम समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, सरकार कहती है कि ”नागरिकता बिल’ किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, सरकार का तर्क अपनी जगह, लोगों की अपनी चिंतायें जो हैं वो अपनी जगह सही हैं, भारत के मुसलमानों को इस मौके पर अपने दिल, दरवाज़े दलित, पिछड़ों के लिए खोल देने चाहिए, ये देश का मामला है, दलित, पिछड़े, वनवासी भारत के मूल निवासी हैं, इस समाज ने हज़ारों वर्षों तक प्रताड़नाओं को सहा है, जिसे दर्द होता है वोही दूसरे के दर्द को समझता है,
– भारत में मौजूद सिख समाज को नागरिक कानून के खिलाफ खड़े होना चाहिए, मुस्लिम समाज के बड़े नेता, मौलाना सिख समाज के ज़िम्मेदारों के साथ बैठें, उनसे देश बचाने के लिए मदद करने की बात करें
– मराठा और मुस्लिम समाज के आपसी रिश्ते शिवजी महाराज के समय से ही बहुत अच्छे रहे हैं, मुस्लिम समाज हमेशा मराठाओं के साथ खड़ा रहा है, राजनैतिक कारणों से राजनैतिक लोगों ने कई बार ग़लत जानकारियां देकर लोगों में भ्रम पैदा किया है, मगर सच्चाई लोग जानते हैं
– साउथ और नार्थ इंडिया को नागरिक बिल को लेकर अपना विरोध करना पड़ेगा, ये बिल नागरिकता के सत्यापन के लिए बल्कि अपने देश की जनता की ”छटनी” करने के लिए है, जिसे ग़ुलाम बना कर रखा जायेगा

ये भी याद रखें
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– अमित शाह ने तो संसद मे ये भी बार बार कहा हे कि कश्मीर मे सब ठीक हे, फारूक अब्दुल्लाह को नज़र बंद नहीं किया गया, क्या ये सच था?
– कल्याण सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था।
– संघ, शाह और मोदी का कोई एतबार नहीं।
– यदि पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुसलमानो को भारत की नागरिकता दी गई तो बंटवारे का कोई मतलब ही नहीं रह जाएगा। यदि पाकिस्तान के मुसलमानो को भारत की नागरिकता दी गई तो लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद को अपने आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ करवाने में आसानी हो जाएगी।

parvez khan

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