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देश ‘तालेबानी’ तौर-तरीक़े से नहीं चल सकता. दीपिका की फ़िल्म #छपाक के बहिष्कार की मांग को शिवसेना ने बताया ‘तालेबानी’ सोच

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के सिनेमाघरों में दीपिका पादुकोण की फ़िल्म छपाक के विरोध में एक हिंदूवादी संगठन ने पोस्टर्स लगाए गए हैं। शुक्रवार को सिनेमाघरों में फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं होने दी गई।

इन पोस्टरों में सबसे ऊपर बड़े-बडे़ अक्षरों में ‘चेतावनी’लिखा था जिनमें कहा गया कि जो भी सिनेमाघर फिल्म को दिखाने की कोशिश करेंगे, उन्हें अपना बीमा कराना पडे़गा।

इन पोस्टर्स में पांच जनवरी को जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा को लेकर एकतरफा सहानुभूति दिखाने के लिए दीपिका पादुकोण की आलोचना भी की गई। पोस्टर्स में लिखा था कि दीपिका पादुकोण ने राष्ट्रवाद के चेहरे पर तेज़ाब फेंका है।

दूसरी ओर शिवसेना नेता संजय राउत ने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का समर्थन करते हुए कहा कि अभिनेत्री या उनकी फ़िल्म का बहिष्कार करने की मांग ग़लत है।

राज्यसभा सदस्य और शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने कहा कि देश ‘तालेबानी’ तौर-तरीक़े से नहीं चल सकता है।

जेएनयू में दीपिका के आने और ‘मूक एकजुटता प्रकट’ करने की कई लोगों ने तारीफ भी की लेकिन इस पर कइयों ने उन्हें ‘वामपंथियों का समर्थन करने वाली’ करार दिया तो कुछ का कहना था कि वह ‘छपाक’ का प्रचार करने गईं थीं।

राउत ने कहा, ‘अभिनेत्री और उनकी फिल्म का बहिष्कार करना गलत है। देश ‘तालिबानी’ तौर-तरीके से नहीं चलाया जा सकता है।

ऐसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल की जिंदगी पर निर्देशक मेघना गुलज़ार की फिल्म ‘छपाक’ को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान कांग्रेस सरकार ने टैक्स फ़्री कर दिया है। इसके बाद दोनों राज्यों में फ़िल्म की टिकट काफी सस्ता हो गया और अधिक लोगों को फ़िल्म देखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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