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भारत के लिए सबसे बड़ा और भयानक झटका, मोदी भारत को हिंदू राष्ट्रवादी देश बना रहे हैं : अमरीका के अरबपति समाजसेवी

हिंदुस्तान टाइम्स में ख़बर है कि अमरीका के अरबपति समाजसेवी जॉर्ज सोरोस ने दावोस में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक के एक कार्यक्रम में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्रवादी देश बनाया जा रहा है.

जॉर्ज सोरोस ने कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ा और भयानक झटका है, जहां लोकतांत्रिक रूप से चुनकर आए नरेंद्र मोदी भारत को एक हिंदू राष्ट्रवादी देश बना रहे हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री कश्मीर पर प्रतिबंध लगाकर वहां के लोगों को दंडित कर रहे हैं और लाखों मुसलमानों से नागरिकता छीनने की धमकी दे रहे हैं.

जॉर्ज सोरोस ने ये बातें जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और नए नागरिकता क़ानून के संदर्भ में कहीं.

साथ ही उन्होंने अमरीका और चीन सहित दुनिया की आर्थिक शक्तियों की भी आलोचना की और उन्हें तानाशाह करार दिया.

कश्मीर में 2जी सेवाएं शुरू
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, भारत प्रशासित कश्मीर में प्रशासन ने 20 ज़िलों में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने का फ़ैसला किया है.

इन 20 ज़िलों में शनिवार सुबह से 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया गया है.

हालांकि, आंशिक तौर पर इंटरनेट पर रोक बरकरार रहेगी और लोग इंटरनेट सेवाओं के लिए सिर्फ़ 301 वेबसाइट्स का इस्तेमाल ही कर सकेंगे. वहीं, सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल भी फ़िलहाल प्रतिबंधित रहेगा.

पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से वहां संचार सुविधाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.

इससे पहले आवश्यक सेवाओं के लिए ब्रॉडबैंड सेवाओं को 15 जनवरी को बहाल किया गया था. इसके अलावा दो उत्तरी कश्मीरी ज़िलों कुपवाड़ा और बारामुला में प्रतिबंधित डेटा पहुंच बहाल की गई थी. शुक्रवार के आदेश के बाद इसे पूरी घाटी में लागू कर दिया गया है.

शुक्रवार देर रात जारी किए गए गृह विभाग के आदेश के मुताबिक़ ये पहुंच श्वेतसूची वाले इलाक़ों तक सीमित होगी. लेकिन, सोशल मीडिया एप्लिकेशन और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एप्लिकेशन के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं होगी.

फ़िलहाल नेटवर्क स्पीड 2जी तक ही रहेगी जिसकी 31 जनवरी के बाद समीक्षा की जाएगी.

जेएनयू में छात्रों को कोर्ट से राहत
नवभारत टाइम्स में ख़बर है कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में जो छात्र अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है.

हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कहा है कि जेएनयू में जिन छात्रों ने अभी तक नए सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वो पुराने हॉस्टल नियमों और फ़ीस के तहत रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

कोर्ट ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन का बोझ स्टूडेंट्स पर नहीं डाला जा सकता.

जेएनयू छात्रसंघ हॉस्टल की फ़ीस बढ़ाए जाने का विरोध कर रहा है. कोर्ट में जेएनयू की वकील ने कहा था कि अनुबंध कर्मचारियों के वेतन के लिए यूजीसी ने विश्वविद्यालय की हॉस्टल फ़ीस बढ़ाई है.

भारत: कोरोनावायरस के चलते 12 लोग निगरानी में

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार चीन के वुहान राज्य से फैले कोरोना वायरस का ख़तरा भारत पर भी मंडरा रहा है.

भारत में चीन और हॉन्ग-कॉन्ग से आए 12 लोगों को कोरोना वायरस की जांच के लिए निगरानी में रखा गया है.

वहीं, भारत में संक्रमण की जांच के लिए दो लोगों के भेजे गए सैंपल नेगेटिव आए हैं.

चीन में इस वायरस के ख़तरे को देखने हुए 10 शहरों में लॉकडाउन कर दिया गया है.

हाल में नेपाल में भी कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले की पुष्टि हुई है.

कुछ अन्य अख़बारों के मुताबिक़, भारत में सावधानी बरतते हुए 14 हवाई अड्डों सहित देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है.

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