देश

कुछ बड़ा होने वाला है. : #CAA प्रदर्शकारियों को पकड़ने के बाद रखने के लिए दिल्ली में ‘अस्थायी जेल’ बनाने की तैयारी!

 

JUNED SIDDIQUI⚔
@Junedahmad78
बड़ी ख़बर आ रही है :

“शाहीन बाग” को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए दिल्ली पुलिस नें दिल्ली सरकार से कंझवाडा़ में अस्थायी जेल बनाने की माँगी इजाज़त।

लेकिन अभी तक दिल्ली सरकार के तरफ से कोई जवाब नहीं आई है, अब देखना है दिल्ली की सेक्युलर सरकार क्य़ा करती है!??

#ShahinBagProtests

CS Ashok Rai
@CSAshokRai1
दिल्ली पुलिस ने जंगली राम पहलवान स्टेडिंयम को अस्थायी जेल में तब्दील करने की मांग किया।
समझे कि नही ?
समझ गये तो बताए।

Anurag Dhanda
@anuragdhanda
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार को स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने के बारे में चिट्ठी लिखी ताकि सीएए के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने वालों को वहां बंद किया जा सके| अब दिल्ली पुलिस का कहना है कि कोई चिट्ठी नहीं लिखी गयी| क्या मामला है भाई?

Preparing to build temporary jail in Delhi amidst protests about CAA? Know the whole matter … – CAA को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच दिल्ली में अस्थायी जेल बनाने की तैयारी?

Ashutosh Kumar Rai
@AshuRai208
दिल्ली पुलिस ने जंगली राम पहलवान स्टेडियम को अस्थायी जेल में तब्दील करने की मांगी इजाजत.. कुछ बड़ा होने वाला है.

खास बातें
दिल्ली पुलिस ने लिखा था अस्थाई जेल बनाने के लिए पत्र
प्रदर्शकारियों को पकड़ने के बाद रखने के लिए बनाना था जेल
पुलिस ने किया ऐसे किसी पत्र से इनकार

नई दिल्ली: नागरिकता कानून के खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हो रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने राजधानी में एक अलग से जेल बनाने की मांग रखी थी. इस मांग को लेकर रोहिणी जिले के एडिशनल कमिश्नर एसडी मिश्रा ने एक चिट्ठी लिखा था. NDTV के पास इस चिट्ठी कॉपी मिली है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि दिल्ली में सीएए को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच हमें अलग-अलग एजेंसियों ने अगहा किया है कि कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली चुनाव 2020 से ठीक पहले कोई हिंसा या माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं.

ऐसे में हम दिल्ली के निजामपुर गांव के जांगली राम पहलवान स्टेडियम को एक अस्थाई जेल के तौर पर इस्तेमाल किया जाए. चिट्ठी में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से कोर्ट अरेस्ट करके जंगली राम पहलवान स्टेडियम , निजामपुर गांव, कंझावला ले जाया जाएगा.

बता दें कि यह चिट्ठी 29 जनवरी को लिखा गया था. हालांकि, पुलिस के मुताबिक ये पत्र तब लिखा गया था जब 30 जनवरी को लोग ह्यूमन चैन बनाने की प्लानिंग कर रहे थे .जामिया से लेकर राजघाट तक,लेकिन वो कार्यक्रम हो नहीं पाया फिर इस लेटर का कोई मतलब नहीं है. अभी चुनाव के दौरान कोई अस्थाई जेल नहीं बनाई जा रही है ,न ही इसके लिए हाल फिलहाल कोई पत्र लिखा गया है. लेकिन इस सब के बीच सवाल उठता है कि सबसे पहले पुलिस कह रही थी कोई चिट्ठी लिखी ही नहीं गई.

अब चिट्ठी सामने आई है तो पुलिस कह रही है कि यह तब लिखी गई थी अब इसका कोई मतलब नहीं है.क्या दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से अपनी ये चिट्ठी वापस ले ली है? यह चिट्ठी 29 जनवरी को यानी अब से सिर्फ 1 हफ्ते पहले लिखी गई है.

(इस खबर को TEESRI JUNG HINDI ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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