देश

गुजरात : ऊंची ज़ाति वालों ने दलित समाज के कश्मीर में तैनात सेना के जवान को घोड़ी पर चढ़ने से रोका, बारातियों को पीटा, कई ज़ख़्मी!

भारतीय समाज की पहचान जातियां और धर्म तक सिमट कर रह गयी है, यहाँ सब कुछ सिर्फ और सिर्फ ऊँची ज़ात के लोगों का है, ऊँची ज़ात के लोग छोटी या दलित समाज को कभी भी बराबरी के अधिकार देने को तैयार नहीं होते हैं.

गुजरात के बनासकंठा में एक दलित युवक को शादी के दौरान घोड़ी चढ़ने से कुछ लोगों ने रोका और पथराव किया. मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस सुरक्षा में दलित युवक की बारात निकाली गई, फिर शादी हुई.

बनासकांठा में दलित युवक की शादी में हंगामा
ऊंची जाति के लोगों ने घोड़ी पर चढ़ने से रोका
दबंगों ने किया पथराव, कुछ लोगों को चोटें आईं

गुजरात के बनासकांठा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. वहां एक दलित युवक को शादी के दौरान घोड़ी पर चढ़ने से ऊंची जाति के लोगों ने रोका और इसके बाद उनलोगों ने पथराव भी किया. बाद में पुलिस की सुरक्षा में दलित युवक की बारात निकाली गई और शादी करवाई गई.

एक दलित युवक की शादी के दौरान गुजरात में हंगामा हो गया. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बनासकांठा के सांदीपाडा गांव में आकाश कोटडिया ((27) नाम के दलित युवक की शादी थी. आकाश आर्मी के जवान हैं और जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं. वह कुछ दिन पहले छुट्टी लेकर शादी के लिए गांव आए थे. रविवार को उनकी शादी थी. गांव के ही कुछ ऊंची जाति के लोगों ने आकाश को शादी के दौरान घोड़ी पर चढ़ने से मना किया था.

बनासकांठा दलित समाज के अध्यक्ष दलपत भाई भाटिया ने कहा कि शादी की तैयारी पूरी थी. बारात निकलते समय दूल्हा आकाश घोड़ी पर बैठना चाहता था, लेकन ऊंची जाति के लोगों ने इसका विरोध किया. विरोध के वाबजूद जब दूल्हा घोड़ी चढ़ने लगा तो उन्होंने पथराव भी किया. इस पथराव में एक 60 साल के बुजुर्ग और कुछ महिलाएं घायल हो गईं. शादी में शरीक होने आईं ये महिलाएं वहां गरबा डांस कर रही थीं. साथ ही डीजे साउंड सिस्टम को भी पथराव के दौरान नुकसान पहुंचा है.

दलपत भाई भाटिया ने कहा कि बताया कि वह घोड़ी भी एक ऊंची जाति के ठाकोर समाज की थी. भाटिया ने बताया कि इसके बाद हमलोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर आई और पुलिस की सुरक्षा में बारात निकली और शादी पूरी हुई. जबकि पुलिस अधिकारी ने बताया सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. बारात को पुलिस की सुरक्षा दी गई और शादी संपन्न हुई जबकि पथराव करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है.

महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक दलित महिला को जिंदा जला दिया गया. 95 फीसदी जली हालत में महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया. 2 फरवरी को महिला ने अपने घर में एक व्यक्ति को घुसने से रोका तो उसे आग के हवाले कर दिया था.

औरंगाबाद के सिल्लोड तहसील के अंधारी गांव में एक दलित महिला को जिंदा जला दिया गया. महिला 95 फीसदी जल गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के सुप्रीटेंडेंट सुरेश हार्वडे के हवाले से बताया कि इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई. आरोपी और महिला के पड़ोसी संतोष मोहिते को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया था. पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *