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रूस और तुर्की आमने-सामने, तुर्की ने की जवाबी कार्यवाही!

तुर्की ने दावा किया है कि सीरियाई सैनिकों के हमले में उसके 5 सैनिकों और 3 नागरिकों की मौत के बाद उसने सीरियाई सेना के ख़िलाफ़ जवाबी कार्यवाही की है।

सीरियाई सेना रूसी वायु सेना की मदद से देश में आतंकवादियों के अंतिम गढ़ इदलिब में व्यापक अभियान चला रही है। सोमवार को ग़ैर क़ानूनी रूप से इस इलाक़े में मौजूद तुर्क सैनिक इस अभियान की चपेट में आ गए।

अपने सैनिकों की मौत पर तुर्की ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी और मंगलवार को तुर्क सेना ने सीरियाई सेना के ख़िलाफ़ जवाबी कार्यवाही करके दो दर्जन से भी अधिक सीरियाई सैनिकों को मौत के घाट उतारने का दावा किया।

हालांकि सीरियाई सेना का कहना है कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है और उसके सैनिकों को किसी तरह का कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है।

सीरियाई सेना के अभियान में तुर्क सैनिकों की मौत के बाद, मास्को और अंकारा के बीच तनाव बढ़ गया है और इससे दोनों देशों के रिश्तों में दरार पड़ने की संभावना है।

हालांकि पिछले कुछ वर्षों के दौरान, तुर्की और रूस काफ़ी क़रीब आ रहे थे और दोनों के बीच ऊर्जा, रक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ रहा था।

लेकिन इस घटना के बाद, तुर्क राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने धमकी दी है कि सीरियाई संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अस्ताना समझौता मर चुका है।

रूस की विदेश नीति पर गहरी नज़र रखने वाले अलेक्सी ख़लेबनिकोव का कहना है कि अर्दोगान सीरिया पर रूस के प्रभाव को लेकर हद से ज़्यादा काल्पनिक हो रहे हैं।


उन्होंने कहाः रूस, सीरियाई राष्ट्रपति बशार असद को अपनी इच्छा के अनुसार चलने पर बाध्य नहीं कर सकता है। इससे पहले भी कई मुद्दों को लेकर दमिश्क़ और मास्को के बीच मतभेद रहे हैं और मेरा मानना है कि दमिश्क़ ज़मीन पर जो कुछ भी कर रहा है उस पर मास्को का पूर्ण निंयत्रण नहीं है।

ख़लेबनिकोव का कहना था कि ख़ुद अंकारा ने अस्ताना समझौते पर अमल नहीं किया है और इस इलाक़े में मौजूद उदारवादी लड़ाकों को कट्टरपंथी लड़ाकों से अलग नहीं किया है, जिनका वह समर्थन कर रहा है।

इस घटनाक्रम के बावजूद, अंकारा में राजनीतिक विश्लेषक अली बाक़िर का कहना है कि मास्को और अंकारा के रिश्ते बहुत मज़बूत हैं, और उनके बीच इतनी आसानी से दरार पड़ने वाली नहीं है।

ख़ास तौर से अर्दोगान और पुतिन के बीच व्यक्तिगत रूप से भी दोस्ताना संबंध हैं और दोनों एक दूसरे को डीयर फ़्रैंड कह कर संबोधित करते रहे हैं।

सीरिया में ताज़ा घटनाक्रम से पहुंचने वाले नुक़सान की भरपाई के लिए मंगलवार को दोनों नेताओं ने टेलीफ़ोन पर बातचीत भी की।

इदलिब अल-क़ायदा की पूर्व शाख़ा नुस्रा फ़्रंट और दूसरे आतंकवादी गुटों का गढ़ है, जहां सीरियाई सेना रूसी वायु सेना की सहायता से आतंकवादियों के सफ़ाए के लिए अप्रैल से अभियान चला रही है।

पिछले साल तुर्की और रूस के बीच हुई सहमति के बाद, तुर्क सेना ने इदलिब के आसपास 12 चेकपोस्टों की स्थापना की थी, जिनमें से कुछ सीरियाई सेना की बमबारी की चपेट में आ गई थीं।

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