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विख्यात फ़िल्म मेकर हंसल मेहता का विवेक अग्रिहोत्री को मशवरा, नफ़रत फैलाने वाले तुम्हें, ‘शाहीन बाग़ के प्रदर्शन को समझने के लिए इस्लाम को समझना चाहिए’

भारत के अंदर इस वक़्त अगर कोई इंसान अपनी बात कहता है और वो बात सरकार के खिलाफ हो तो उसे बोलना कितना मुश्किल है, समझ पाना भी बहुत मुश्किल है, नागरिकता क़ानून, NRC, NRP को लेकर सारी तस्वीर साफ़ है लेकिन सरकार खुद भ्रम पैदा कर जनता को दोषी बता रही है, सरकार की नीयत आईने की तरह दिखाई दे रही है, डिटेंशन सेण्टर किस के लिए बन रहे हैं, NIA कानून में संशोधन किसलिए किया गया है, सेना में चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेन्स स्टाफ़ की नियुक्ति क्या खामखां में हुई है, न जनता अनजान है और न सरकार जो करना चाहती है वो किसी से ढाका छुपा है


उत्तर प्रदेश के मेरठ से गायब हुई लड़की के शाहीन बाग में मिलने के बाद इस खबर की चर्चा चारो ओर है। लड़की का अपहरण करने वाले शहजाद के मनसूबों और शाहीन बाग प्रदर्शन के पीछे छिपे मकसद पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी क्रम में फिल्म मेकर विवेक अग्रिहोत्री ने भी इस वाकये पर अपनी प्रतिक्रिया दी। जो सीएए के विरोध में खड़े फिल्ममेकर हंसल मेहता से ये बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने विवेक अग्रिहोत्री को मुसलमान बनने की सलाह दे डाली।

दरअसल, मेरठ की घटना को शेयर करते हुए फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने अपने ट्विटर पर कहा, “शाहीन बाग अब इस्लाम में परिवर्तन करवाने का केंद्र बन चुका है। जहाँ हर जेबकतरे, मोबाइल चोर जैसे लोगों को छिपाया जाता है और हर तरह की अवैध गतिविधि को बढ़ावा दिया जा रहा है।” वे इस खबर के लिंक को शेयर करते हुए लिखते हैं, “मुझे हैरानी है कि दिल्ली के लोग इसे क्यों बर्दाश्त कर रहे हैं।”

#ShaheenBagh has turned into an Islamist conversion centre and a hideout for all kinds of criminals like pickpockets, mobile thieves, drug-peddlers. All kinds of illegal activities are flourishing there.

I wonder why Delhi citizens are tolerating this?https://t.co/i8DmPNzNko

— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) January 31, 2020

अब हालाँकि, विवेक अग्निहोत्री की ये प्रतिक्रिया स्वभाविक है, क्योंकि अभी बीते दिनों शाहीन बाग में जिन्ना वाली आजादी के नारे सुनाई दिए और अभी इसी प्रदर्शन से निकले शरजील इमाम जैसे शख्स की गिरफ्तारी हुई है। जिसने अतिउत्साह में देश से असम काटने की बात ही कह डाली। सेकुलर फिल्ममेकर हंसल मेहता से ये रिएक्शन बर्दाश नहीं हुआ।

हंसल मेहता ने विवेक के पोस्ट पर रिप्लाई देते हुए उन्हें नफरत फैलाने वाला कहा। साथ ही कहा कि उन्हें शाहीन बाग के प्रदर्शन को समझने के लिए इस्लाम में अपना धर्मपरिवर्तन करना चाहिए।

हंसल लिखते हैं, “बदकिस्तमकी से ट्विटर तुम जैसे घृणा फैलाने वालों की जगह बन गया है। मैं सच में उम्मीद करता हूँ कि तुम इस्लाम में परिवर्तित हो जाओ, ताकि तुम्हें समझ आए कि इस मजहब के लोग किसकी लड़ाई लड़ रहे है।” इसके बाद हंसल लिखते हैं, “वास्तव में तो मैं चाहता हूँ कि आप हिंदुत्व को समझें ताकि आप उसे कलंकित न करें।”

Unfortunately twitter has become a haven for hate-mongering cowards like you. I sincerely hope you get converted to Islam and you get to understand what the religion really stands for. In fact i wish you’d first understand Hinduism so that you do not continue tarnishing it. https://t.co/W6LxflODUf

— Hansal Mehta (@mehtahansal) January 31, 2020

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ शाहीन बाग का नाम लेने के कारण हंसल मेहता अपनी धर्म निरपेक्ष छवि को स्थापित करने के लिए, विवेक अग्निहोत्री को हिंदू धर्म को कलंकित करने वाला करार देते हैं और कह रहे हैं कि उन्हें प्रदर्शन को समझने के लिए इस्लाम कबूलना चाहिए। वहीं, ट्विटर यूजर्स उनके इस कमेंट के लिए उन्हें आड़े हाथों ले रहे हैं।

यूजर्स का कहना है कि इस्लाम समझने के लिए परिवर्तित होने की क्या जरूरत? अल बगदादी, हाफिज सईद, मसूद अजहर, ISIS, अलकायदा, बोको हरम जैसे संगठनों को देखकर समझा जा सकता है कि ये किसलिए खड़े हैं।

No one needs to convert to Islam to understand what religion of OBL, Al Baghdadi, Hafiz saeed, Masood Azhar, ISIS, Al Shabab, Boko Haram, Let, JeM etc stand for.

— NANAK (@Naankan) January 31, 2020

कुछ लोग शरजील, याकूब मेमन, दाऊद इब्राहिब जैसे कट्टरपंथियों का उदाहरण देकर हंसल से सवाल कर रहे हैं कि क्या ऐसा बनने के लिए उन्हें धर्म परिवर्तन करवाना चाहिए।

Sanjay Tripathi
@SanjayTripathi_

आतंकवादी रामभक्त गोपाल शर्मा पड़ोस मे विनय शुक्ला के घर मे घुस कर उसकी नाबालिक बेटी से बलात्कर करने की कोशिश कर चुका है जिसमे ये 6 महीना जेल रहा।और महत्वपूर्ण यह है कि मोदी जी इसको फॉलो करते है।

ilyas samol*NIRBHAY
@ilyassamol1
बंदे ने कितनी आसानी से समझा दिया,साले खुद भी सब समझते हे, मगर मसला तेल और चटाई का आ जाता हे

 

Wasim Akram Tyagi
@akramtyagi
अबे BSDK चौर सिया असम NRC में 19 लाख नागरिकता साबित नही कर पाए, इनमे 14 लाख से ज्यादा मुसलमान नही हैं, अब जो यह CAA है उसके अनुसार उन 14 लाख को तो नागरिकता मिल जाएगी, लेकिन वे जो पांच लाख मुसलमान बचे हैं उन्हे डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा, भ’ड़वे अब ये बता ये भेदभाव नहीं तो क्या है? https://twitter.com/DChaurasia2312/status/1222959878647570432

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