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शाहरुख़ ख़ान के ख़िलाफ़ कोई ठोस सबूत नहीं : दिल्ली के द्वारका स्थित मस्ज़िद के असमाजिक तत्वो ने शीशे तोड़ दिए : रिपोर्ट

‎Sagar PaRvez‎

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@दिल्ली_हिंसा जाँच फुस..स.. न गैंग से लिंक, न कॉल डिटेल में कुछ, शाहरुख़ ख़ान के ख़िलाफ़ कोई ठोस सबूत नहीं

दिल्ली हिंसा के दौरान मौजपुर में फायरिंग करने वाले शाहरुख को मंगलवार को तीन दिन की कस्टडी खत्म होने के बाद कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया गया. इसके बाद कोर्ट ने शाहरुख को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. यानी अब पुलिस शाहरुख से हिंसा मामले में और 14 दिन पूछताछ करेगी. वहीं…

अब तक की जांच में शाहरुख के किसी गैंग से कोई लिंक नहीं निकला है. इसके अलावा शाहरुख ने जिससे पिस्टल ली थी उस शख्स की भी तलाश की जा रही है.

इससे पहले शाहरुख को कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया गया था, तब शाहरुख को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया था. वहीं, इससे पहले शाहरुख को कोर्ट ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था. अब कोर्ट ने शाहरुख को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है.

बता दें कि पिछले महीने उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में शाहरुख का एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वायरल वीडियो में शाहरुख दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल दीपक दहिया के ऊपर पिस्टल ताने हुए था. इस घटना के बाद वह दिल्ली छोड़कर भाग गया था. बाद में 3 मार्च को उसे उप्र के बरेली से गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बीते दिनों शाहरुख की पिस्टल भी बरामद की थी.

ये वही पिस्टल थी जिसे हिंसा के दौरान शाहरुख ने पुलिसकर्मी पर तानी थी और उसने इससे फायरिंग भी की थी. पुलिस ने पिस्टल के साथ 3 कारतूस भी बरामद किए.

पुलिस ने यह हथियार शाहरुख के दिल्ली वाले घर से बरामद किया. इसके अलावा शाहरुख के पास से एक मोबाइल भी बरामद किया गया था.

 


Wasim Akram Tyagi

दिल्ली के द्वारका स्थित मस्ज़िद पर बीती रात असमाजिक तत्वो ने मस्जिद के शीशे तोड़ दिए थे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मस्जिद पर सुरक्षा बढा दी, साथ ही शाहजहानाबाद सोसायटी की भी पुलिस ने सुरक्षा बढा दी। आज उसी मस्जिद पर जुमे की नमाज़ से पहले मस्ज़िद के बाहर इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं। ताकि नमाज़ पढ़ने आए नमाज़ियों के मन में कोई भी दूसरे धर्म के प्रति द्वेष न हो। यह देश अगर चलेगा तो सिर्फ मौहब्बत से ही चलेगा, नफरत तो इसे बर्बाद कर देगी

डिस्क्लेमर : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. लेख सोशल मीडिया फेसबुक पर वायरल है, इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति तीसरी जंग हिंदी उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार तीसरी जंग हिंदी के नहीं हैं, तथा तीसरी जंग हिंदी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है

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