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स्पेन के मैड्रिड में हर दस में आठ लोग कोरोना की चपेट में : इटली में नहीं मिल रहे दफ़नाने वाले : रिपोर्ट

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कोरोना के कारण तुर्की में पहली मौत, 98 प्रभावित

तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि उनके देश में कोरोना वायरस के कारण किसी की मृत्यु हुई है।

तुर्की ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि कर दी है कि वहां पर पहले कोरोना वायरस से संक्रमित की मौत हुई है।

तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने कोरोना से पीडि़त पहले रोगी को खो दिया है। पीड़ित व्यक्ति की उम्र 89 वर्ष थी। तुर्की के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने बताया कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्‍या 47 से बढ़कर 98 हो गई है।स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा संक्रमित लोगों में से अधिकांश को ठीक कर लिया गया है। उन्‍होंने कहा कि हालात नियंत्रण में है। ऐहतियात के तौर पर सरकार ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। अफसरों ने कहा कि मस्जिद में सामूहिक नमाज पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। देश के सिनेमाघरों और सार्वजनिक स्‍थलों को बंद कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हम तुर्की के उन 3614 नागरिकों को वापस लाने के प्रयास कर रहे हैं जो यूरोपीय देशों में फंसे हुए हैं। उनका कहना था कि इस काम के लिए हमने 34 उड़ानों का प्रबंध किया है।

यूरोपीय देश स्पेन में हालात जटिल

यूरोपीय देश स्पेन में हालात जटिल होते जा रहे हैं। यहां की राजधानी मैड्रिड में हर दस में आठ लोग कोरोना वायरस बीमारी की चपेट में हैं। रीजन ऑफ मैड्रिड की अध्यक्ष इसाबेल डियाज आयसो ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हालांकि इनके लक्षण हल्के किस्म के हैं, लेकिन यह देश की जनसंख्या के एक हिस्से के लिए बड़ी समस्या हो सकती है। यह संख्या देश की आबादी की 15 फीसदी है।

उन्होंने स्पैनिश रेडियो को दिए साक्षात्कार में कहा कि हो सकता है कि व्यावहारिक तौर पर पूरी आबादी इससे संक्रमित हो जाए लेकिन हमारी बड़ी समस्या उन लोगों की है जो इस बीमारी का आसानी से शिकार बन जाते हैं। उन्होंने इस बीमारी को उम्रदराज लोगों और ऐसे लोग जो पहले से दूसरी बीमारियों का सामना कर रहे हैं, उनके लिए जानलेवा करार दिया।

मैड्रिड को इस समय निजी और सरकारी चिकित्सा सेवाओं के एकीकरण और अस्पताल के आम बिस्तर को आईसीयू में बदल देने की जरूरत है। गौरतलब है कि देश में इस समय 17 हजार से अधिक लोग कोरोना से पीड़ित हैं। यहां एक ही दिन में 2,378 मामले मिलने से घबराहट फैल गई है। बुधवार को यहां 129 लोगों ने दम तोड़ दिया जिससे कुल मरने वालों की संख्या 767 हो गई है।

ईरान में दस मिनट में एक की मौत

ईरान में हालात इस कदर मुश्किल में हैं कि देश में हर दस मिनट में एक शख्स कोरोना की वजह से दम तोड़ देता है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता कियानुश जहांपुर ने बृहस्पतिवार को एक ट्वीट में यह जानकारी देते हुए कहा कि एक घंटे के भीतर 50 लोग संक्रमण के शिकार हो जाते हैं। ईरान में बीते एक दिन में 149 लोगों की मौत हो गई और एक हजार से अधिक संक्रमण के ताजे मामले सामने आए।

दुनिया भर में करीब 2.5 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने बृहस्पतिवार को आशंका जताई है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनिया भर में करीब 2.5 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं। लेकिन वैश्विक स्तर पर समन्वित नीतिगत कार्रवाई वैश्विक बेरोजगारी पर कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकती है।

यूएन की एजेंसी, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने ‘कोविड-19 और कामकाजी दुनिया, प्रभाव और कार्रवाई’ शीर्षक वाली अपनी प्रारंभिक मूल्यांकन रिपोर्ट में काम करने की जगह में कामगारों की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था को मदद और रोजगार तथा आमदनी को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर समन्वित उपाय का आह्वान किया है।

आईएलओ ने एक रिपोर्ट में कहा है कि इन उपायों में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, रोजगार में मदद यानी कम समय का काम, वैतनिक अवकाश, अन्य सब्सिडी और छोटे तथा मझोले उद्योगों के लिए वित्तीय और कर राहत शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि 2008 में जैसा संकट देखा गया था, अगर हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित नीतिगत कार्रवाई पर गंभीरतापूर्वक अमल करें तो वैश्विक बेरोजगारी पर प्रभाव बहुत कम हो सकता है।

इटली के कई चर्चों के बाहर कई ताबूत ऐसे पड़े हैं जिन्हें दफनाने वाला कोई नहीं है। अब इस काम में सेना की मदद ली जा रही है। सेना के जवान इन ताबूतों को दफन करने में मदद कर रहे हैं। बुधवार तक यहां 2,978 लोग मर चुके थे। जितनी तेजी से इटली में मरने वालों का आंकड़ा सामने आ रहा है उससे आशंका बन गई है कि बृहस्पतिवार को यहां मरने वालों की तादाद, चीन से अधिक हो जाएगी। जबकि चीन में बीते करीब तीन महीनों में यहां 3,245 लोगों की मौत हो चुकी है।

इटली में बीते एक दिन में 475 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले इटली में एक दिन में 368 लोगों ने जान गंवाई थी। किसी देश में कोरोना वायरस से एक दिन में हुई यह सर्वाधिक मौतें हैं। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार इटली के लोम्बार्डी के बेरगामो इलाको में हालात इतने अधिक खराब हो गए हैं कि यहां बुधवार रात सेना को बुलाना पड़ा ताकि यहां चर्च के बाहर रखे गए 65 ताबूतों को कब्रिस्तान तक ले जाया जा सके।

इलाके के सबसे बड़े अंतिम संस्कार सेवा के निदेशक एंतोनियो रिर्कादी ने बताया कि एक मार्च से अब तक यहां 600 लोगों को दफनाया गया है जबकि अमूमन यहां एक महीने में बामुश्किल 120 लोगों को लाया जाता है। उन्होंने बताया कि खुद उनके कर्मचारी बीमार हैं इसलिए इस काम में हमें लोग ही नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो सप्ताह में यहां एक पूरी पीढ़ी ही खत्म हो गई है।


मुंबई में शटडाउन की स्थिति

कोरोना वायरस के चलते देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शटडाउन की स्थिति है। भीड़ कम करने के लिए बीएमसी ने चरणबद्ध तरीके से बाजार बंद कराने का निर्णय किया है। गुरुवार को पुलिस ने बाजार बंद कराए जिससे महानगर के कई इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। मुंबई के डब्बावालों ने भी 20 मार्च से लेकर 31 मार्च तक दफ्तरों में टिफिन पहुंचाने की सेवा बंद करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना वायरस की लड़ाई को ‘वॉर अगेंस्ट वायरस’ बताते हुए इसकी तुलना भारत-पाकिस्तान युद्ध से की है। ठाकरे ने कहा, मैं उन युद्धों के दौरान छोटा था। तब शाम को सायरन बजता तो लोग छिप जाते थे। सायरन बजते ही लाइट बंद हो जाती थी। लाइट बंद करने के पीछे दुश्मनों की नजर में न आना मकसद था। यह किसी को बुरा लगता था। पर यह तैयारी होती थी। अब वॉर अगेंस्ट वायरस है। सायरन बज चुका है और युद्ध का एलान हो चुका है।

महाराष्ट्र में ‘एकांतवास मुहर’ लगे छह लोग ट्रेन में मिले
महाराष्ट्र में सिंगापुर से लौटे छह यात्री ‘घर पर एकांतवास’ का निर्देश मिलने के बावजूद ट्रेन में मिले। इनके हाथ पर ‘एकांतवास मुहर’ लगी थी। सभी मुंबई सेंट्रल स्टेशन से गुजरात के वडोदरा जाने को सौराष्ट्र एक्सप्रेस में बैठे थे। बोरीवली स्टेशन पर इन्हें ट्रेन से उतारा गया।

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