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कोरोना से अमरीका में 22,930 लोगों की मौत : विमानवाहक पोत रोज़वेल्ट के पहले नौसैनिक की मौत :कोरोना से जुडी तमाम अहम अमेरिकी ख़बरें पढ़ें!

अमरीकी विमानवाहक पोत थ्योडर रोज़वेल्ट पर सवार रहे नौसैनिकों के बीच कोरोना वायरस बड़े पैमाने पर फैल गया था जिसके बाद नौसैनिकों को गुआम द्वीप पर उतार लिया गया था और अब सूचना आई है कि पहले अमरीकी नौसैनिक की कोरोना से मौत हुई है।

प्रशांत महासागर में अमरीकी विमान वाहक पोत के मुख्य केन्द्र पर्ल हार्बर से जारी बयान में बताया गया है कि नौसैनिक को 9 अप्रैल को हालत बिगड़ जाने के बाद आईसीयू में ले जाया गया था जहां 13 अप्रैल को उसकी मौत हो गई।

मार्च के आख़िरी दिनों में यह सूचना मीडिया में आई थी कि थ्योडर रोज़वेल्ट पर सवार नौसैनिकों में कोरोना वायरस फैल गया है। उस समय समय विमानवाहक पोत वियतनाम की बंदरगाह पर था। पोत वहां से रवाना हुआ तो धीरे धीरे ख़बरें आने लगीं कि नौसैनिकों के बीच व्यापक रूप से कोरोना फैल रहा है।

 

कोरोना महामारी को लेकर कड़ी आलोचना झेल रहे ट्रम्प वरिष्ठ वैज्ञानिक पर बिगड़े

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने एक पोस्ट रीट्वीट कर दी जिसमें मांग की गई है कि वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषड एंथनी फ़ाउची को बर्ख़ास्त कर दिया जाना चाहिए।

फ़ाउची ने एक बयान में कह दिया था कि अगर देश में जल्दी लाक डाउन का एलान कर दिया गया होता तो बहुत सी जानें बचाई जा सकती थीं।

रविवार को ट्रम्प ने खुलकर फ़ाउची से अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर दी जो फ़ेडरल सरकार के वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ हैं।

एक ट्वीटर मैसेज में कहा गया था कि अब फ़ाउची को बर्ख़ास्त करने का समय आ गया है। इस पोस्ट को ट्रम्प ने रीट्वीट किया। इससे पहले भी कई बार ट्रम्प को फ़उची पर ग़ुस्सा आ चुका है मगर रविवार को उन्होंने अपनी नाराज़गी खुलकर ज़ाहिर कर दी।

फ़ाउची को हटाने की मांग पर आधारित ट्वीट एक पूर्व रिपब्लिकन संसदीय उम्मीदवार की ओर से आया था।

South Korea covid-19 deaths:

US covid-19 deaths:
22,823

The difference? The US is led by an anti-science internet troll moron who called it a hoax.

South Korea will begin sending 600,000 Covid-19 test kits to the US as soon as tomorrow afternoon, an official with South Korea’s Ministry of Foreign Affairs tells CNN.

More than 22,000 people in the US have died from Covid-19. At least 557,300 cases of the virus have been reported in the US, with New York alone reporting 190,288, according to Johns Hopkins University’s tally.

Octavia Butler knew…
@NotNikyatu
My father passed on after battling cancer.

He fought fervently.

My mother fought to hold his hand in ICU as he took his last breaths. She fought for us to see him 1 last time.

I choose to exalt his fighting spirit as covid-19, directly & indirectly, rips us from those we love.

JEREMY FRANKSON
@jerryfrankson
Africa which record first #COVID19 case almost same period with the USA Flag of United States have only 788 deaths with 14,400 cases, US have 22,930death and 567,522 cases, 8000+ Everyday.
Dear Melinda, By the time we have 2000 deaths, US may have 50,000+ death by this calculation. Borrow Sense Thinking face

https://www.youtube.com/watch?v=jnQ-ofdJf_4&t=1944s

अमरीका में शवों को दफ़्नाना बड़ी समस्या, सामूहिक क़ब्रें बनाने का काम शुरू

दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या 18 लाख से अधिक हो चुकी है जबकि अमरीका में यह वायरस अब तक 22 हज़ार से अधिक लोगों की जान ले चुका है।

ताज़ा आंकड़ों के अनुसार इस समय पूरी दुनिया में 18 लाख 53 हज़ार 200 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जबकि कोविड-19 के चलते मरने वालों की संख्या एक लाख 24 हज़ार 250 हो गई है। अमरीका में इस वायरस से संक्रमित और मरने वाले लोगों की संख्या सबसे ज़्यादा है। अब तक अमरीका में पांच लाख साठ हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना पाॅज़ीटिव पाए गए हैं जबकि 22,115 लोग इस वायरस के कारण मर चुके हैं। अमरीका में कोरोना के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मरने की वजह से वहां शवों को दफ़्न करना एक बड़ी समस्या बन चुका है और अमरीकी अधिकारियों ने सामूहिक क़ब्रें बनाने पर बल दिया है। अमरीका में इसी तरह मेडिकल उपकरण, आवश्यक मशीनों, मास्क और दस्तानों की भी भारी कमी हो गई है। इस देश के सभी पचास राज्यों में इमरजेंसी लगा दी गई है और इस देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है।

अमरीका के बाद क्रमशः स्पेन, इटली, फ़्रान्स, जर्मनी, ब्रिटेन, चीन, ईरान और तुर्की में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या सबसे ज़्यादा है। इटली में कोविड-19 के कारण लगभग 20,000, स्पेन में 17,000, फ़्रान्स में 14,000, ब्रिटेन में 10,600, ईरान में 4,474, बेल्जिय में 3,600, चीन में 3,341, जर्मनी में 3022 और हालैंड में 2,737 लोग मर चुके हैं। भारत में कोरोना से संक्रमण का आंकड़ा 9,000 को पार कर गया है जबकि इससे मरने वालों की संख्या 308 हो गई है। पाकिस्तान में 5,200 से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं जबकि इस देश में इस वायरस के कारण मरने वालों की संख्या 91 तक पहुंच गई है।

ट्रम्प के क़रीबी दोस्त कोरोना की चपेट में आकर हताहत

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के क़रीबी दोस्त और न्यूयार्क के मशहूर रियल स्टेट डेवलपर स्टेनली चेरा की कोरोना वायरस से मौत हो गई। चेरा की उम्र 70 साल से ज़्यादा थी।

चेरा न्यूयार्क के बहुत बड़े डेवलपर माने जाते थे वह कार्टियर मेनशन जैसी कई मशहूर इमारतों के मालिक थे। चेरा ने 2016 से 2019 के बीच डोनल्ड ट्रम्प के लिए 4 लाख डालर से अधिक डोनेशन दिए। चेरा की क्राउन एक्वीज़ेशन कंपनी ने 2008 में अब ट्रम्प के दामाद हो चुके जेर्ड कुशनर के कारलायल ग्रुप के साथ बड़ा समझौता किया था।

पिछले महीने ट्रम्प ने अपनी टिप्पणी में अपने एक मित्र की बात की थी जो कोरोना वायरस से जूझ रहा था। माना जाता है कि ट्रम्प उस समय चेरा की ही बात कर रहे थे। ट्रम्प ने उस समय कहा था कि हम यह समझ रहे थे कि हमारे मित्र को थोड़े समय के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है और कोई एक समस्या है लेकिन अब वह कोमा में है।

ट्रम्प ने बाद में कहा था कि हमारे तीन दोस्त अविश्वस्नीय रूप से बीमार हो गए हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रम्प दूसरे किन दोस्तों की बात कर रहे थे।

अमरीकी पंजे से ईरान के एक अरब 60 करोड़ डाॅलर हुए आज़ाद

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने अमरीकी सरकार के पंजे से ईरान के 1 अरब 60 करोड़ डाॅलर के रिलीज़ होने की सूचना दी है।

राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने रविवार को तेहरान में कोरोना से संघर्ष के राष्ट्रीय आयोग की बैठक में कहा कि ईरान के विदेशमंत्रालय और सेन्ट्रल बैंक के क़ानून विदों और विशेषज्ञों की मेहनतों और कठिनाइयों के बावजूद, महीनों के प्रयास के बावजूद एक अरब 60 करोड़ डाॅलर की राशि जो लग्ज़म्बर्ग में फंसी हुई थी, रिलीज़ हो गयी।

राष्ट्रपति रूहानी ने विश्व मुद्रा कोष से ईरान द्वारा ऋण लिए जाने के प्रयासों में अमरीका द्वारा किए जा रहे उल्लंघनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि अब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस फैल चुका है और अब अमरीकी भी इस वायरस में उलझ चुके हैं और उनको पता है कि इन हालात में ईरानी जनता किन समस्याओं का सामना कर रही है किन्तु हमेशा ही उन्होंने ईरान पर अपने दबाव बढ़ाए हैं और यह अमानीय काम हमेशा से इतिहास में लिख उठा है।

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