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जमशेद आदिल ख़ान आज़तक स्टिंग टीम के हेड है : आजतक ने जमशेद को मुसलमानों के विरुद्ध प्रोपगंडा फ़ैलाने के लिए टुकड़ों पर पाल रखा है!

Shamsher Ali Khan
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आज़तक पर एक पत्रकार है जमशेद आदिल खान। यह आज़तक स्टिंग टीम के हेड है। मदरसा वाली स्टोरी इन्होंने ही किया है। इनके माता-पिता आगरा के रहने वाले है। मग़र वह कभी आगरा जाते नहीं है। बल्कि अपने ससुराल में रहते है। इनकी पत्नि श्रीमती शर्मा जी एक मीडिया इंस्टिट्यूट में पढ़ाती है। आज़तक ने जमशेद को मुसलमानों के विरुद्ध प्रोपगंडा फ़ैलाने के लिए टुकड़ों पर पाल रखा है। अबतक इन्होंने जीवन मे हलाला, पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया, काश्मीर स्टोन पेल्टिंग, आतंकवाद को फंडिंग, बूचड़खाना, ऑपरेशन फ़तवा, गाज़ियाबाद में डॉक्टर का स्टिंग, अंपायर फिक्सिंग इत्यादि स्टिंग ऑपरेशन किया है। कमाल की बात यह है कि ICC ने तो अंपायर की फ़र्ज़ी स्टिंग करने के लिए जमशेद के विरुद्ध नोटिस भेज रखा है। काश्मीर के लोकल लोगों को इसने पैसे देकर स्टोन पेल्टिंग वाला स्टिंग किया था। इसने IBN7 के लिए गाज़ियाबाद के डॉक्टर अजय अग्रवाल का स्टिंग “शैतान डॉक्टर” किया था। उसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमशेद के विरुद्ध याचिका दायर किया गया था। बाद में डॉक्टर अजय अग्रवाल इस फ़र्ज़ी स्टिंग के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट गये और जमशेद सहित नौ लोगों के विरुद्ध मुक़दमा चलाने के आदेश दिए गये थे। इस ख़बर को भड़ास फ़ॉर मीडिया ने 2018 में रिपोर्ट भी किया था। जैसे ही इसके ऊपर फ़र्ज़ी स्टिंग का मुक़दमा चला वैसे ही इसने आज़तक जॉइन किया। आज़तक ने मुसलमानों के विरुद्ध होने वाले स्टिंग को legitimate करने के लिए ही एक उर्दू नाम वाले पत्रकार जमशेद को जॉइनिंग दिया था। इससे आज़तक ने लोगों में परसेप्शन बनाया की यह स्टिंग मुसलमान जॉर्नलिस्ट के द्वारा किया गया है। बदले में जमशेद को मुक़दमा में प्रशासनिक सहायता पहुँचाया गया। इस तरह से वह अपने ही कम्युनिटी के विरुद्ध टुकड़ाखोरी करता रहा है। अब समय आगया है कि ऐसे लोगों के चेहरों से नक़ाब उतार दिया जाये…..

Shamsher Ali Khan
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एक चैनल पर ‘मुगल -ए -आजम’ आ रही है…. सलीम अनारकली को बुलावा भेजते है कि शाम के जिस वक्त तानसेन अपनी रागिनी छेड़े उस वक्त मिलने के लिया आ जाना। हिंदी सिनेमा के इतिहास में फिल्माए गए बेहतरीन प्रणय दृश्यों में इसका अलग स्थान है, अनारकली सलीम से मिलने जाती है तानसेन पार्श्व में गा रहे है ‘प्रेम जोगन बन के सुंदरी चली पिया की ओर’

के आसिफ जो मुगल -ए -आजम के प्रोड्यूसर डायरेक्टर थे उन्होंने तानसेन की आवाज के लिए बड़े गुलाम अली खां को बमुश्किल राजी किया। ……कहते है कि उस जमाने में उन्हें एक गीत के 25 हजार रुपए दिए थे , जब मोहम्मद रफी 3 सौ रुपए लेते थे।

आप जानते है कि बड़े गुलाम अली खां साहब का प्रिय गीत कौन सा था जिसे वह अक्सर गाते थे?
दरअसल यह बहुत ही सुन्दर भजन है और कुछ उर्दू शब्दो का जो इसमें उपयोग किया गया है वाकई कमाल है…………….

महामंत्र है ये इसको जपा कर
हरि ॐ तत्सत हरि ॐ तत्सत..

लगी एक दिन कहने हिमाचल कुमारी
क़ि है कौन सा मन्त्र कल्याणकारी
तो बोले त्रिलोचन महादेव शंकर
हरि ॐ तत्सत हरि ॐ तत्सत..

महामन्त्र है ये ,इसको जपाकर ।
हरि ॐ तत्सत हरि ॐ तत्सत..

असुर ने जो अग्नि का खम्बा रचा था,
तो निर्दोष प्रह्लाद क्यों कर बचा था ,
यही मन्त्र लिखे थे उसकी ज़ुबाँ पर
हरि ॐ तत्सत हरि ॐ तत्सत..

लगी आग लंका में हलचल मचा था,
तो घर विभीषण का क्यों कर बचा था,
यही शब्द लिखे थे उसके मकाँ पर,
हरि ॐ तत्सत हरि ॐ तत्सत..

भरी थी सभा द्रोपदी रो रही थी,
वो लज्जा के आंसू से मुख धो रही थी,
पुकारा यही शब्द कातर हो उसने
हरि ॐ तत्सत हरि ॐ तत्सत..

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