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#फ़र्ज़ी_डिग्री वाले थाली पीटने और मोमबत्ती जलाने जैसा ही आईडिया दे सकते हैं : टोटकों से ही देश चलाना था तो बाबा बंगाली क्या बुरा था!

DEMO PICS

source : twitter

Ibrar Raza
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने और अपनी सरकार बनाने के चक्कर में बीजेपी ने देश की 133 करोड़ जनता की जान की बाज़ी लगा दी

यदि देश के पिछले 15 दिनों के घटनाक्रम पर नज़र डालें

तो आप पाएंगे की

जब चीन, इटली और अमेरिका कोरोना से निपटने में लगे हुए थे और पूरी दुनिया कोरोना के संक्रमण से बचने के उपाय ढूंढ रही थी,

तब भारतीय जनता पार्टी

के

मध्यप्रदेश और दिल्ली के नेता मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार

के

6 मंत्री जिसमें स्वास्थ्य मंत्री भी शामिल हैं, समेत 22 विधायकों को बैंगलोर के एक होटल में कैद कर मध्यप्रदेश की सरकार को अल्पमत में लाने की साज़िश रच रहे थे।

दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह कोरोना को लेकर नहीं

बल्कि

मध्य प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर लगातार बैठकें कर रहे थे,

दूसरी तरफ सिंधिया को बीजेपी में लाने का इवेंट और राज्यसभा

का

टिकट देने का कार्यक्रम भी तब ही चल रहा था जब कोरोना से चीन में लगभग 10000 और इटली में लगभग 4500 मौतें हो चुकी थी।

पूरी दुनिया का मीडिया जब कोरोना की तबाही की ख़बरें दिखा रहा था, बचाव के उपाय बता रहा था

तब …

भारतीय मीडिया मध्यप्रदेश की सरकार को गिराने में अमित शाह को चाणक्य के समकक्ष और विधायकों की खरीद-फरोख्त को मोदी का मास्टर स्ट्रोक बताने में व्यस्त था।

शायद मीडिया को यही निर्देश रहे होंगे वर्ना यदि मीडिया कोरोना पर चर्चा करने लगता

तो

बैंगलोर में विधायकों को रखना मुश्किल हो जाता और कमलनाथ सरकार गिराने का मिशन पूरा नहीं हो पाता।

एक तरफ विधायकों और मंत्रियों को कैद कर बंगलौर से आने नहीं दिया गया

और

दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट कराने का दबाव बनवाया गया।

इन सबके बीच कोरोना पर मोदी जी का कोई ध्यान नहीं गया और बीजेपी जानबूझकर कोरोना को हल्के में लेती रही

ताकि सरकार गिराने

और बनाने में

कोरोना के अहतियात और गंभीरता की वजह से कोई खलल नहीं पड़े।

दिनांक 16 मार्च को मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र आहूत किया गया जिसमें कोरोना से सावधानी के मद्देनजर सभी विधायकों के लिए मास्क और हैण्ड सेनीटाईजर की भी व्यवस्था की गयी।

कांग्रेस विधायकों ने जहाँ गंभीरता दिखाई और मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष समेत सभी विधायकों ने मास्क पहना, अपने हाथ सेनीटाईज किये,

वहीं बीजेपी विधायकों ने

इसका मजाक उड़ाया और मास्क और हैण्ड सेनीटाईजर का उपयोग न करते हुए कोरोना से बचाव के किसी भी नियम का पालन नहीं किया।

कारण फिर वही था कि यदि कोरोना को गंभीर मानेंगे

तो

सरकार गिराने का मिशन रोकना पड़ेगा।

16 मार्च को जब मध्यप्रदेश की विधानसभा कोरोना के मद्देनजर एक सप्ताह के लिए स्थगित की गयी तो बीजेपी नेताओं ने इसका विरोध किया

और

बीजेपी विधानसभा चालू कराने व् फ्लोर टेस्ट कराने के लिए सुप्रीमकोर्ट चली गयी।

16 मार्च को मध्यप्रदेश में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं था और पूरे देश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या केवल 9 थी।

यदि 16 मार्च को ही प्रधानमंत्री मोदी जनता कर्फ्यू की घोषणा या फिर संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान कर देते

तो

शायद देश में एक भी मौत नहीं होती और कोरोना का आंकड़ा भी इस रफ़्तार से नहीं बढ़ता,

पर करते कैसे,

अभी मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार बनाने का मिशन पूरा कहाँ हुआ था।

बीजेपी द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त से खिन्न होकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया।

कमलनाथ के इस्तीफे के तत्काल बाद भी पूरे देश में कर्फ्यू या लॉकडाउन की घोषणा नहीं की गयी क्योंकि अभी बागी विधायकों को बैंगलोर से भोपाल लाना था, बीजेपी विधायक दल की बैठक करना था, बीजेपी के मुख्यमंत्री का चयन करना था, मुख्यमंत्री का शपथग्रहण करना था।

इन सभी कामों के पहले यदि कोरोना को गंभीर बताते हुए संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी जाती

तो देश की 133 करोड़ जनता की

जिन्दगी का खतरा तो टल जाता,

लेकिन

फिर बीजेपी की सरकार कैसे बनती..?

नतीजन 22 मार्च को केवल एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया गया

और

इधर मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार बनाने की प्रक्रिया पूरी की गयी।

जैसे ही बीजेपी की सरकार बनाने और शिवराज को मुख्यमंत्री बनाने की प्रक्रिया पूरी हुयी,

तत्काल पूरे देश में

21 दिन के लॉक डाउन की घोषणा कर दी गयी,

भोपाल-जबलपुर समेत कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया, ट्रेनें रद्द कर दी गयी, उड़ानें बंद कर दी गयी, बसों का आवागमन पूरी तरह से रोंक दिया गया, लोगों के घरों से निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गयी, सड़क पर निकले लोगों पर लाठी चार्ज किया जाने लगा….

क्योंकि

अब मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार बनाने का मिशन पूरा हो चुका था।

कहते हैं किसी बीमारी, महामारी या आपदा के समय राजनीति की बात नहीं करना चाहिए,

लेकिन

बीजेपी ने निर्लज्जता की सारी सीमायें लांघते हुए केवल अपनी सत्ता हवस की खातिर देश के 133 करोड़ लोगों की जान की बाज़ी लगा दी।

केवल मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनाने के मिशन को पूरा करने के लिए दिनांक 16 मार्च से 24 मार्च तक देश में संपूर्ण लॉकडाउन का निर्णय नहीं लिया गया

और हजारों लोग

इस गंभीर वायरस की चपेट में आ गए।

इस षडयंत्र के लिए भारत की जनता और कुदरत Modi , Shah , Shivraj Chauhan , MP Governor , 22 revolted Congress MLA + बीजेपी को कभी माफ़ नहीं करेगी।

Bhupesh Baghel
@bhupeshbaghel
#CoronaVirusUpdate

छत्तीसगढ़ में सबसे पहली #COVID-19 पॉजिटिव युवती का पूरी तरह से इलाज हो गया है, अब वह पूर्णतः स्वस्थ है। 2 निगेटिव टेस्ट के बाद अस्पताल द्वारा उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 9 पॉजिटिव केस में से 4 इलाज करवाकर, स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

Office Of Kamal Nath
@OfficeOfKNath
जब राहुल गांधी फ़रवरी माह में कोरोना के संभावित ख़तरे से आगाह कर रहे थे तब उनका उपहास उड़ाया जा रहा था , जब मध्यप्रदेश की सरकार को गिराने में भाजपा लगी होकर , यहाँ के बाग़ी विधायकों को बेंगलुरु में सेवा देने में सब व्यस्त थे।
उस समय कोरोना , इनके लिये डरोना मात्र था।

Jagmohan Kaushal
@JagmohanKausha2
टोटकों से ही देश चलाना था तो
बाबा बंगाली क्या बुरा था,,,?

Congress Sevadal
@CongressSevadal
आज पीएम मोदी ने कोरोनोवायरस महामारी पर तीसरी बार राष्ट्र को संबोधित किया।हमेशा की तरह पीएम मोदी का भाषण बिना किसी मुद्दे के था और अपनी सरकार की कार्य योजना को खतरे से कम करने और कोरोना और लॉकडाउन के कारण पीड़ित लोगों के दर्द को कम करने में विफल रहा।

M.A. Khan Flag of India محمد اشفاق خان
@asfak00788
टायटेनिक फ़िल्म का सीन याद आ गया
टायटेनिक डूब रहा है लेकिन बाजाTrumpetPostal horn
बजाने बालों के उत्साह में कोई कमी नही.

 

Narendra Modi
@narendramodi
Everyday is crucial in the battle against COVID-19.

Everyday we need to be strong.

Everyday we need to be together.

Everyday we need to take the right precautions.

Everyday we need to be self-disciplined. #IndiaFightsCorona

Devika
@Dayweekaa
PM Modi is clearly trying to raise morale of people because next few days are going to be critical. Asks nation to turn off lights at 9 pm on 5th April Sunday, light diyas, candle, flash torches to show solidarity.

पब्लिक एशिया
@publicasia1989
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2301 हुई ,56 की मौत


Samiullah Kinnu Khan
@Samiullah_inc
#फ़र्ज़ी_डिग्री वाले थाली पीटने और मोमबत्ती जलाने जैसा ही आईडिया दे सकते हैं
Face with tears of joy
#मोमबत्ती_नहीं_जलाएंगे

Narendra Modi
@narendramodi
हर कोई इस लड़ाई का नायक है, सहयोग के लिए साधुवाद…

Bajrang Punia
@BajrangPunia
आइये COVID-19 के विरुद्ध इस लड़ाई में हम सभी साथ आयें और @narendramodi जी के आवाहन पर, इस रविवार, 05 अप्रैल को रात 9 बजे, 9 मिनट के लिए अपने घरों की सभी लाइट बंद करके अपने दरवाजे, बाल्कनी या छत पर दीये, मोमबत्तियाँ या मोबाइल टॉर्च जलाएं और इस अंधेरे को एक साथ हराने का संकल्प लें|

Rohan Gupta
@rohanrgupta
थाली की आवाज़ से कोरोना की कमर टूट चूकी थी अब मोमबत्ती की रोशनी से उसका नामो-निशान मिट जाएगा !

Sushant Sinha
@SushantBSinha
उत्तर प्रदेश की
@myogiadityanath
सरकार का बड़ा फैसला… गाजियाबाद में नर्सों के साथ अभद्रता करनेवालों के खिलाफ NSA यानि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने का आदेश दिया। 6 महीने तक बेल भी नहीं मिलेगी ऐसे में। साथ ही जमात के लोगों के इलाज से महिला डॉक्टर्स को अलग किया।

Subhash Bhandari
@subhash2908
इटली में शट डाउन के माहौल को बदलने के लिये सायं बॉलकनी में तालियाँ बजाई तो यहाँ भी स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा से जोड़कर ताली के साथ थाली भी बजवा दी।
अब इटली में टार्च जलाई गई तो यहाँ भी टार्च के साथ दीपक जोड़ कर दोहराया जा रहा है।
ज्ञान तो इटली का ही काम कर रहा है।
Grinning faceGrinning faceGrinning faceThumbs up

Gopi Shah
@gops33
#CoronavirusPandemic का सामना कर रहे हैं हम और मोदी जी ताली, थाली घण्टी के बाद दिया – बत्ती जलाओ लेकर आएं है ..
खेल हस्तियों से वीडियो मीटिंग करेंगे लेकिन आल पार्टी मीटिंग और मीडिया ब्रीफिंग क्यों नहीं?
दुर्भाग्य है कि मोदी देश का प्रधानमंत्री है और अभी हमें और झेलना है

Rajeev Satav
@SATAVRAJEEV
उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री जी कोरोना संकट से निपटने का कोई ठोस कदम उठाने की घोषणा करेंगे। लेकिन एक बार फिर निराशा हाथ लगी। जनता तो सरकार के हर निर्देश का पालन कर रही है। लेकिन सरकार जनता की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है।

Ashwini Upadhyay
@AshwiniBJP
शकील जी

जमात चाहता है कि भारत में शरिया लागू हो और सबलोग 6वीं सदी की जिंदगी जियें

क्या आप खतना हलाला बालविवाह बहुविवाह मुताह मिस्यार दारुलकजा चाची-मामी-मौसी से निकाह तथा तहरुष और काफिरों के खिलाफ जिहाद का समर्थन करते हैं?

72 हूरों की कहानी व कयामत की रात को आप भी सच मानते हैं?

Shakeel Ahmad
@Ahmad_Shakeel
मिश्रा जी “तबलीग़”का शाब्दिक अर्थ होता है “प्रचार“। इसके सदस्य उसी तरह धर्म के”प्रचारक” होते हैं जैसे मोदी जी कभी आरएसएस के “प्रचारक” थे।”तबलीग़ी जमात” 1927 से इस देश मे काम करते करते रातोंरात कैसे असामाजिक हो ग़ई? क्या उद्देश केवल आरएसएस के एक प्रतिद्वंदी को रास्ते से हटाना है?

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