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ब्रिटेन : कोरोना के ख़िलाफ़ फ़्रंटलाइन पर लड़ने वाले 4 मुसलमान डॉक्टर जान की बाज़ी हार गए, पूरा ब्रिटेन श्रद्धांजलि दे रहा है

ब्रिटेन में कोरोना वायरस महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में फ़ंटलाइन पर मरने वाले चारों डॉक्टर मुसलमान हैं, जिन्हें पूरा देश श्रद्धांजलि दे रहा है।

यह चारों पुरुष डॉक्टर अलफ़ा सादू, अहमद अल-हवारानी, आदिल अल-तैय्यार और हबीब ज़ैदी मुस्लिम थे और अफ्रीक़ा और एशिया मूल के थे।

ब्रिटिश इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉक्टर सलमान वक़ार का कहना है कि इन डॉक्टरों का योगदान अमूल्य था और यह दूसरों की जान बचाते बचाते अपनी जान की बाज़ी हार गए।

उन्होंने बताया कि यह चारो वरिष्ठ डॉक्टर थे और दशकों से इंसानियत की सेवा के लिए समर्पित थे।

इस बीच, लंदन में कोरोना वायरस से संक्रमित 13 वर्षीय लड़के इस्माइल मोहम्मद अब्दुल वहाब की मौत हो गई है।

ब्रिटेन में अभी तक कोरोना वायरस से मरने वालों में यह सबसे कम उम्र लड़का था।

वहाब के परिवार ने एक बयान जारी करके कहा कि इस्माइल की उम्र केवल 13 वर्ष थी और उसे किसी तरह की कोई बीमारी भी नहीं थी। कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण तनहाई में उसकी मौत हुई है, जिसके कारण परिवार का दुख दोगुना हो गया है।

लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल ने एक बयान में कहा हैः दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित 13 वर्षीय लड़के की मौत हो गई है, हम इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं और संवेदना प्रकट करते हैं।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अंतिम सूचना मिलने तक 2,352 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29,474 लोग इस महामारी से संक्रमित हैं

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