देश

सब याद रखा जायेगा—-और फिर क्या था सभी ने मिलकर राजू अंसारी की लिंचिंग शुरु कर दी!!

Mani Mala
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सब याद रखा जायेगा——1

झारखंड : ये राजू अंसारी हैं, कल रात 8:00 बजे ससुराल से वापस घर जा रहा थे तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने रास्ते में रोकर उसका नाम पूछा मुस्लिम नाम सुनकर असामाजिक तत्वों ने उस पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए और बड़ी बेरहमी से पिटाई की और निर्वस्त्र करके पूरा मोहल्ला घुमाया गया.

बता दें कि पीड़ित राजू अंसारी रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र के जयनगर का रहने वाला था. राजू अंसारी अपने ससुराल हजारीबाग जिले के मिश्राइन मोड़ा गया था. ससुराल में कहा सुनी हो जाने के बाद रात में ही वह अपने ससुराल से निकल गया लगभग 5 – 6 किलोमीटर चलने के बाद जब गिद्दी थाना क्षेत्र के पतरातू बस्ती से गुजर रहा था. तभी ग्रामीणों ने उसे देख लिया अनजान व्यक्ति का यू रात में ग्रामीण सडकों पर देखना उनके गले के नीचे नही उतरा और कोरोना संक्रमण की आशंका को लेकर युवक को रोक उससे पूछ ताछ करने लगे पूछताछ में संतोषजनक जबाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों को लगा कहीं साजिश के तहत उनके बस्ती में कोरोना संक्रमण फैलाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है. और फिर क्या था सभी मिलकर राजू अंसारी की लिंचिंग शुरु कर दी.

बाकी मुझे कुछ नहीं कहना है. सिवाय इसके कि हम लिंचिस्तान के नागरिक नहीं हत्यारे हैं.
Sushil Manav

Mani Mala

सब याद रखा जायेगा—–2

भूख से मौत, कोरोना से नहीं
बेगूसराय के बहोर चक के रहने वले राम जी महतो दिल्ली से पैदल चले थे अपने गांव को, अपने बच्चों के पास जाने को . पेट में दाना-पानी नहीं. लेकिन वे बनारस में ही चले गए उस घर जहाँ से कोई आता नहीं. इसी अप्रैल में में घटा यह सब जब हम ताली-थाली, दीया-बाती करके सरकार के आदेश का पालन कर रहे थे.
( फोटो विमला सक्करवाल की वाल से )

Gopal Rathi
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मेधा पाटकर ने लिखी चिट्ठी
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांगे सात वचन
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नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संदेश और देश की जनता से मांगे गए सात वचनों के संदर्भ में प्रधानमंत्री को संबोधित अपने पत्र में यह कहा है कि देश के प्रधानमंत्री भी देश की सरकार की तरफ से जनता को भी सात वचन प्रदान करें l

कोरोना वैश्विक महामारी का सामना करने के लिये आज आपने जनता से 7 वचन मांगे। मैं सहमत हूँ क्योंकि इस आपदा का सामना जनता के सम्यक सहयोग के बिना संभव नहीं। इसलिये मैं खुद भी यथासम्भव इन वचनों का अनुपालन करूँगी और दूसरों को भी प्रेरित भी करूँगी।

लेकिन हर बार की तरह आज भी आपने सरकार के दायित्वों और कर्तव्यों के बारे में खुलकर कुछ नहीं कहा। इसलिये मेरा आपसे आग्रह है कि आप भी देश की सरकार की ओर से जनता को सात वचन प्रदान करें। मेरे सुझाव इस प्रकार हैं। कुछ आप भी जोड़ सकते हैं-

1. कोई भी कोरोना पीड़ित बिना जाँच और उपचार के नही रहेगा। हर व्यक्ति का निःशुल्क टेस्ट और निःशुल्क जांच की गारंटी की जायेगी। यदि प्राइवेट अस्पताल ऐसा नही करते तो उनका राष्ट्रीयकरण कर दिया जायेगा।

2. कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति के समुचित इलाज की गारंटी होगी और उनके लिये अस्पताल, एम्बुलेंस और आवागमन की सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

3. लॉक डाउन के चलते किसी भी व्यक्ति को राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी नही होने दी जायेगी और उनको उनके वार्ड/ पंचायत में ही निशुल्क/ रियायती दरों पर ये सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे लॉक डाउन का सम्यक पालन कर सकें।

4. जो मजदूर, छात्र, युवा, महिलाएं अपने घरों से दूर कहीं लॉक डाउन के कारण फंसे हुए हैं, उनको इनके घरों तक शासकीय खर्चे पर वापिस पहुँचाया जायेगा। उनके गृह स्थान के लोगों को संक्रमण से बचाने के लिये इन प्रवासियों का कोरोना टेस्ट पहले किया जायेगा। कोई भी व्यक्ति आश्रय विहीन नही रहेगा।

5. लॉक डाउन के दौरान किसी को भी सरकारी/ प्राइवेट नौकरी से नही हटाया जाएगा और न ही उनके वेतन में कोई बिलंब या कटौती की जायेगी। लॉक डाउन से एक माह पहले और दो माह बाद तक इस संरक्षण का लाभ दिलाने और तय तिथि पर वेतन भुगतान की गारंटी सरकार करेगी।

6. शासकीय और प्राइवेट सभी शिक्षण संस्थानों में 1 मार्च से लॉक डाउन ख़त्म होने के दो माह बाद तक की कोई फीस नही ली जायेगी। इस अवधि के बिजली बिल, पानी बिल और संपत्ति कर भी माफ़ किये जायेंगे।

7. और अंत में, किसी को भी आपदा का साम्प्रदायीकरण नही करने दिया जायेगा। आपदा को धार्मिक, साम्प्रदायिक और किसी भी तरह की विभेदकारी रिपोर्टिंग करने वाले न्यूज़ चैनलों, व्यक्तियों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

आपकी,
*एक सामान्य देशवासी*
मेधा पाटकर

 

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