धर्म

????चार आसमानी किताबों और सहूफे इब्राहीमी के नाम क्या हैं, और वो कब अवतरित हुई????

Sikander Kaymkhani
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1️⃣अल्लाह ताला ने अपने बंदों को सीधा रास्ता दिखाने के लिए समय-समय पर अपने पैगंबरों और संदेष्टाओं को दुनिया में भेजा। दुनिया में लगभग 124000 नबी भेजे गए यह सभी इंसानों में से थे और लोगों को एक अल्लाह की तरफ बुलाते थे। उनमें से कुछ नबी ऐसे थे जिनको अल्लाह ने धार्मिक पुस्तकें प्रदान की थी जिनके मुताबिक वह अपने अनुयायियों को सत्य मार्ग दिखाते थे। जिन नबियों को यह ईश्वरीय ग्रंथ मिलते थे उन्हें रसूल कहा जाता है। हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम भी एक रसूल थे जिन्हें अल्लाह ताला ने कुरान जैसी मुक़द्दस किताब अता फ़रमाई। कुरान में 25 नबियों का वर्णन मिलता है।

#अल्लाह ने समय-समय पर अपने बंदों को सही मार्ग पर लाने के लिए नबी और रसूल भेजें जिन्हें समय-समय पर कई किताबें प्रदान की गई जिनमें से चार प्रसिद्ध किताबों का जिक्र कुरान में मिलता है।

#प्रसिद्ध आसमानी किताबें निम्नलिखित हैं, ये विभिन्न समयकाल में विभिन्न रसूलों पर नाजिल हुईं

1️⃣सहूफे इब्राहिमी
हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम को प्रदान की गई थी यह किताब अब लुप्त हो चुकी है लेकिन इतिहास में इसका कहीं कहीं जिक्र मिल जाता है।

2️⃣तौरात
इस किताब को अल्लाह की तरफ से हजरत मूसा अलैहिस्सलाम पर नाजिल किया गया था यह किताब अब अपनी असल हालत में मौजूद नहीं है लेकिन इसमें भी एकेश्वरवाद की शिक्षा और इस्लाम धर्म का जिक्र मिल जाता है।

3️⃣जबूर
यह किताब हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम को प्रदान की गई थी जिससे वह आपने कबीले और मुल्क के लोगों की रहनुमाई करते थे।

4️⃣इंजील
इस किताब को वर्तमान में बाइबल के नाम से जाना जाता है इसे हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम पर नाजिल किया गया था इस किताब में हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम से लेकर बहुत से नदियों का जिक्र मिल जाता है और इसमें भी हर किताब की तरह एकेश्वरवाद और इस्लाम की मूलभूत शिक्षाओं का जिक्र किया गया है हालांकि इस किताब में भी अब बहुत तब्दीली हो चुकी है और यह अपनी असल हालत में मौजूद नहीं है।

4️⃣क़ुरआन मजीद

????????आसमानी किताबें कैसे नाज़िल हुई

????यहां पर सबसे बड़ा सवाल ये होता है की आसमानी किताबें कब और कैसे अवतरित की गई। जब किसी समाज या देश में अधर्म का बोलबाला हो जाता और लोग पथ भ्रष्ट हो जाते तो अल्लाह आपने संदेश को पहुंचाने के लिए एक पैगंबर या रसूल भेजता और उसे एक किताब या कुछ बुनियादी बातें बताई जाती जिन्हें वह अपने समाज कि लोगों को बताता और उन्हें सीधी रास्ते पर लाने की कोशिश करता।

जिब्रील अलैहिस्सलाम नबी और रसूलों को ईश्वर का संदेश लाकर देते थे और वह संदेश नबी और रसूल अपने कबीले और लोगों तक पहुंचाते थे। हजरत मोहम्मद सल्ललाहो अलैहि वसल्लम को भी जिब्रील अलैहिस्सलाम पैगाम लाकर देते थे जिसे वह अपनी कौम तक पहुंचा देते और इस तरह धीरे-धीरे अल्लाह के पैगाम का एक बड़ा जखीरा जमा हो गया जिसे कुरान के नाम से जाना जाता है।

#ओर_आखरी_आसमानी_क़िताब_क़ुरआन_मजीद_है

क्या मुसलमान चारों आसमानी किताब पर यकीन रखते हैं

मुसलमानों के लिए अल्लाह की तरफ से नाज़िल की गई हर किताब पर यकीन रखना जरूरी है। अगर कोई अल्लाह की तरफ से नाज़िल की गई इन किताबों का इनकार करता है तो वह इस्लाम का इनकार करता है। #मुसलमान तौरात, जबूर, इंजील और कुरान चारों पर यकीन रखते हैं और यह भी मानते हैं कि समय के साथ कुरान के अलावा अन्य सभी किताबों में तब्दीलियां हो चुकी है।

#कुरान की रक्षा की जिम्मेदारी स्वयं अल्लाह ने ली है इसलिए उसमें तब्दीली नहीं की जा सकती आज दुनिया में लाखों मुसलमान क़ुरान को कंठस्थ किए हुए हैं और इस तरह कुरान पूर्ण रूप से सुरक्षित है।

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