दुनिया

अमरीका में कोरोना का परिणाम डराने वाला है : रिपोर्ट

अमरीका में एक नए शोध से पता चला है कि कोरोना वायरस बोलने से भी फैल सकता है।

विशेषज्ञों ने पता लगाया है कि बोलते समय मुंह से निकलने वाले छोटे कण 12 मिनट तक हवा में रह सकते हैं और वायरस को दूसरों तक पहुंचा सकते हैं।

यह अध्ययन अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज, में किया गया था।

शोध से यह भी पता चला है कि फेस मास्क पहनने से कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।

इस से पहले वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि कोरोना वायरस आंखों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है, इस उद्देश्य के लिए वायरस कोशिका से जुड़ने के लिए प्रोटीन की तलाश करता है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के नेतृत्व में एक दल ने अपने शोध में पाया कि आंखें एसीई -2 का उत्पादन करती हैं, जिससे वे वायरस से संक्रमित हो जाते हैं।

इसका मतलब यह है कि जब एक कोरोना रोगी की छींक या खांसी के बाद कोरोना से प्रदूषित पदार्थ नाक या मुंह से गिरता है तो उसमें मौजूद कोरोना वायरस पास के व्यक्ति की आंखों में उड़कर पहुंच सकते हैं जहां पहुंचते ही वायरस कोशिकाओं में प्रवेश करना शुरू कर देता है। इस लिए आंसू भी कोरोना का संक्रमण फैला सकते हैं।

पूरी दुनिया में कोरोना पर शोध जारी है, हर रोज़ नये नये तथ्य सामने आ रहे हैं लेकिन कोई उपचार नहीं तलाश कर पा रहा है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *