दुनिया

अमरीकी नाराज़गी दूर करने के लिए अरब अमरीका से हथियारों के सौदे करना चाहता है

इंटेलीजेन्स आनलाइन वेबसाइट ने जो ख़ुफिया मामलों की रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए मशहूर है अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान रियाज़ और मास्को के बीच तेल के मसले पर होने वाले टकराव से तेल की क़ीमतों में भारी गिरावट पर वाशिंग्टन की नाराज़गी दूर करने के लिए अमरीका से हथियार ख़रीदने पर मजबूर हो गए।

वेबसाइट का कहना है कि एक महीना पहले सऊदी अरब ने अपने रक्षा उद्योग के जर्मन सीईओ अंद्रियास शोयर का कांट्रैक्ट ख़त्म कर दिया था और उनकी जगह सीईओ का प्रभार वलीद अबू ख़ालिद को सौंपा था जिसके बाद यह इशारा मिल गया था कि सऊदी अरब अमरीका से हथियारों के सौदे करना चाहता है क्योंकि अमरीकी कंपनियों ने इस बदलाव की ख़ुशी मनानी शुरू कर दी थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी अरब नौसेना से संबंधित सौदे कर रहा है जिसके तहत अमरीकी कंपनियां सऊदी नौसेना को ट्रेनिंग देंगी।

ईरान के मामलों में अमरीकी दूत ब्रायन हुक का कहना है कि अमरीका सऊदी अरब की सामरिक मदद कर रहा है ताकि सऊदी अरब मज़बूत हो और पश्चिमी एशिया के इलाक़े में अमरीका की स्ट्रैटेजिक का कुछ भार संभले।

गत बुधवार को पेंटागोन ने भी कहा है कि उसने बोइंग कंपनी को सऊदी अरब से किए गए दो सौदे सौंपे हैं जिनके तहत बोइंग सऊदी अरब को 2 अरब डालर से अधिक क़ीमत के एक हज़ार से अधिक मिसाइल बेचेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *