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अफ़ग़ानिस्तान एशिया की मौजूदा राजनैतिक गतविधियों का ‘केंद्र’ है : भारत_पाकिस्तान युद्ध का मैदान सज चुका है : रिपोर्ट

कोरोना के वक़्त में कई और गंभीर घटनायें हुई हैं, कई बड़े ख़ौफ़नाक कार्यक्रम चल रहे हैं, कोरोना की महामारी कब ख़तम होगी इसका किसी को कोई इल्म नहीं है,

कोरोना महामारी से सबसे ज़ियादा अमेरिका प्रभावित हुआ है, उसके बाद यूरोप के देश इटली, फांस, ब्रिटैन, जर्मनी आदि हैं,
अरब देशों में ईरान और तुर्की में अभी तक ज़ियादा नुक्सान हुआ है, एशिया के देशों में चीन सबसे ऊपर है, ये बीमारी चीन से ही शुरू हुई है, चीन के बाद भारत, पाकिस्तान, मलेशिया आदि देशों में इसके ज़ियादा केस अभी तक सामने आये हैं, भारत के पड़ोस में नेपाल है, वहां अभी तक कोई मौत नहीं हुई है, बांग्लादेश में भी कोरोना के बहुत कम मामले सामने आये हैं, श्रीलंका में अभी तक सिर्फ 32 लोगों की मौतें हुई हैं और कोई 1200 कुल मामले हुए हैं


कोरोना से हट के बात करते हैं जंग/युद्ध की, दुनियां बदलाव की तरफ बढ़ रही है, नए गठबंधन बनने वाले हैं, कई देशों के निज़ाम गिर जायेंगे, संविधान, कानून का निज़ाम बाकी नहीं रहेंगे, लोग अधिक कट्टर बन सकते हैं, धर्म से दूर जाता समाज, हिंसा की तरफ चला जायेगा, कई देशों में जनता अपने साशकों को सत्ता से बाहर कर देगी, बड़े दंगे, भूखमरी होगी, अपहरण और डकैती जैसे अपराधों में बहुत बढ़ोतरी होगी

अमेरिका और चीन के बीच पहले से जारी तनाव अब बहुत बढ़ गया है, अमेरिका कोरोना को लेकर चीन पर इलज़ाम लगा रहा है, चीन अमेरिकी आरोपों को रद्द कर देता है, कोरोना की वजह से अमेरिका में अभी तक 80 हज़ार के करीब लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 14 लाख लोग वहां संक्रमित हैं, अमेरिका का पूरा तंत्र ‘कोरोना’ के आगे धराशायी हो चूका है, ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन जो कुछ कर सकता था कर चुका है मगर कोरोना अभी काबू से बाहर है, अमेरिका गुस्से से उबल रहा है वो चीन को सबक सिखाना चाहता है, इसके लिए उसने चीन की घेराबंदी शुरू कर दी है, यहाँ भारत अमेरिका के लिए काम करने को मजबूर हो जायेगा, अमेरिका साउथ चीन सी में अपने जंगी बड़े, बम वर्षक विमान तैनात कर रहा है, भारत फिलहाल अमेरिका के ग्रुप में है, अमेरिका को भारत की ज़रूरत ‘कुनैन’ की गोलियों या पाकिस्तान को हड़काने के लिए नहीं है, अमेरिका ने चीन के खिलाफ भारत को इस्तेमाल करना है, साउथ चीन सी में अमेरिकी कोशिश होगी कि वो भारत से काम ले

अमेरिका की ज़रूरतों से परे भारत की नज़र PoK पर है, भारत हमेशा से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता रहा है और ये वक़्त पाकिस्तान से अपना कश्मीर वापस लेने के लिए सबसे अच्छा मौका है, अमेरिका, ताइवान, फिलीपाइन, हांगकांग, इंडोनेशिया और शायद मलेशिया को साथ में लेकर चीन के खिलाफ साउथ चीन सी में युद्ध करेगा, उसी समय भारत PoK पर कार्यवाही कर अपना कश्मीर वापस लेने के लिए कार्यवाही कर सकता है, इस तरह से चीन दो तरफ से घिर जायेगा

A Kashmiri Muslim protester waves a flag as Indian authorities in a helicopter monitor a protest after Eid prayers in Srinagar, Indian controlled Kashmir, Monday, Aug. 12, 2019. Troops in India-administered Kashmir allowed some Muslims to walk to local mosques alone or in pairs to pray for the Eid al-Adha festival on Monday during an unprecedented security lockdown that still forced most people in the disputed region to stay indoors on the Islamic holy day. (AP Photo/ Dar Yasin)

इन हालात में ये जंग भयानक रूप ले सकती है, विश्व युद्ध 3 हो सकता है, PoK में चीन की योजना चल रही है, और चीन पाकिस्तान का साझा कार्यक्रम है जिसकी सुरक्षा का समझौता पाकिस्तान और चीन के बीच है,

कश्मीर में बीते दिनों में हलचल बहुत बढ़ गयी हैं, एक तरफ तो सैन्य और आतंकी मुढ़भेड़ें बढ़ी हैं दूसरी तरफ सीमा पर दोनों देशों की तरफ से भारी गोलाबारी हो रही है, इसके आलावा दोनों देशों ने भारी हथियारों, लड़ाकू विमानों की तैनाती सरहद के करीब कर दी हैं, सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने बोफोर्स तोपें सरहद के मोर्चों पर तैनात कर दी हैं, सुखोई 30 सरहद पर तैनात कर दिए गए हैं,

पाकिस्तान ने J 13 लड़ाकू विमानों को बड़ी संख्या में सीमा से लगे इलाकों में तैनात कर दिया है, उधर अफ़ग़ानिस्तान को लेकर अमेरिका जल्द से जल्द काम निपटा कर भागने की तैयारी में है, अमेरिकी विशष दूत तालिबान के साथ आगे के मामलों को लेकर पाकिस्तान और भारत से सलाह मशवराहः कर रहे हैं

तालिबान एशिया की मौजूदा राजनैतिक गतविधियों का ‘केंद्र’ है, सूत्रों के मुताबिक भारत अशरफ गनी और अब्दुल्लाह अब्दुल्ला के बीच सुलह करवा कर अफ़ग़ानिस्तान में अपने लिए ज़मीन बचाने की कोशिशों में है जबकि पाकिस्तान ‘तालिबान’ के साथ मिलकर अफ़ग़ानिस्तान से भारत को बाहर करने की कोशिशें कर रहा है, पाकिस्तान का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में रॉ के कई कार्यलय हैं जहाँ से वो बलोचिस्तान व् अन्य पाकिस्तानी इलाकों में कार्यवाहियों को अंजाम देता है

मीडिया, सोशल मीडिया में इस वक़्त मुज़फ्फरबाद, गिलगित, बाल्टिस्तान को लेकर अनेक पोस्ट, कमेंट, समाचार छाए हुए हैं, सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार कश्मीर जो पाकितान के कब्ज़े में है को आज़ाद करवाने का मन बना चुकी है, युद्ध की स्थिति में तालिबान और रूस का किरदार निर्णायक होगा, रूस चीन के साथ जायेगा, तालिबान पाकिस्तान के साथ खड़ा होगा, ईरान, तुर्की पाकिस्तान के साथ नज़र आएगा जबकि सऊदी अरब, UAE, क़तर, मार्गदर्शक की भूमिका में होंगे, यूरोपीय देशों में से फ्रांस, UK अमेरिका के साथ साउथ चीन सी में सहयोग कर रहे होंगे, इस्राईल का रोल अहम् रहेगा, इसराइल अमेरिका और भारत के साथ है, भारत के अंदर अनेक कार्यक्रम इस्राइली मॉडल पर चल रहे हैं, युद्ध की इस्थिति में इसराइल स्पेस, इंटरनेट, टेक्नोलॉजी के माध्यम से काम करेगा

यहूदी अपने षड़यंत्र करने, चालें चलने और फूट डालने वाले कामों से बाज़ नहीं आये,,,

जो बारह कबीले यहूदियों के फ़िलस्तीन/कनान की ज़मीन से निकाले गए थे, वह सब गोर/सफ़ेद रंग के थे, ये सफ़ेद रंग लोग यहूदी ‘आर्यन’ हैं,,,आर्यन नस्ल के लोग खुद को इस धरती का असली मालिक समझते हैं, उनका मानना है कि ‘आर्यन’ नस्ल ही केवल हुकूमत कर सकती है और यह उनका अधिकार है,,,,
भारत में 90 फीसद लोग विदेशी नस्ल के हैं, बाहरी हैं, अफ्रीका, सेंट्रल एशिया, यूरोप, चीन, अफ़ग़ानिस्तान आदि से हैं,,,द्रविड़ को पहले मूल भारतीय समझा जाता था मगर बाद में पता चला कि द्रविड़ अफ़ग़ानिस्तान के मूल से हैं,,,भारत के मूल निवासी, कोल/भील/माछेल/आदिवासी/वनवासी/दलितों की कुछ जातियां हैं,,,

हिंदी भाषी भारत में जितने भी ‘भगवान्’ हैं वह ‘राजपूत’ हैं जबकि उत्तर भारत व् दक्षिण भारत के ‘भगवान्’ ब्राह्मण हैं,,,हिंदी भाषी भारत के भगवान् राजपूत क्यों हैं, यह भी समझ लें,,,,राजिस्थान/राजपुताना, गुजरात/कच्छ, मध्य भारत (उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश) में बड़ी संख्या राजपूतों की है, राजपूत लोग सत्ता, हुकूमत करते थे, ज़मीदार, जागीरदार, राजा, महाराजा सिर्फ राजपूत थे,,,अब पंडित जी अगर खुद को मतलब कि किसी ब्रह्माण्ड को इस इलाके में भगवान् बना कर पेश करते तो, ठाकुर साहब का ‘लट्ठ’ जो था,,राजा, राजपूत और उसका भगवान् कोई और बड़ी मार पड़ती,,,,यहाँ होश्यारी से पंडित जी ने ‘राजपूत’ भगवान् बनाये और खुद उनके जिजमान बने, इस मसौदे पर कुंवर साहब को कोई एतराज़ नहीं था,,,इसका फायदा पंडित जी को यूँ मिला,,,कि जिस किसी से पंडित जी को दान दक्षिणा नहीं मिलती थी, वो ठाकुर साहब को ‘इधर उधर’ की लपेट कर बताते कि उसने ‘हुकुम’ आप के सम्बन्ध में अपमान करने वाली बात कहीं है,,,फिर क्या था,,,ठाकुर साहब के लठैत जाते और उसका,,,,भगवान् और जिजमान दोनों खुश,,,,


यहूदियों के कबीले जो देश निकाला पाए थे में से हैं ‘ब्राह्मण’ और उन्हीं में से हैं अरब घरानों के कई सुलतान, प्रिंस, किंग,,,,अफग़ानिस्तान में बीते पांच सालों में 300 यहूदी इबादतगाहों को दुरुस्त किया गया है,,,क्यों?वहां तो यहूद बहुत कम हैं, ईरान के अंदर हज़ारों यहूदी इबादतखानों को फिर से रंग रोगन कर के सजाया गया है,,,क्यों? ईरान में यहूदियों को संसद में प्रतनधित्व मिला हुआ है, वहां संसदीय समितियों में यहूदियों को जगह मिली है, कम ही लोग जानते होंगे कि सद्दाम हुसैन के समय में इराक के प्रधानमंत्री रहे ‘तारिक अज़ीज़’ यहूदी थे,,,,

‘आर्य’ लहू अपनी पवित्रता को प्राथमिकता देता है, यह लोग दुनियां के अन्य लोगों को जानवरो के समान समझते हैं,,,,हिटलर, ट्रम्प, ब्रेंटन टेरेंट, संघ के मुखिया,,,जिस कार्यक्रम को चला रहे हैं वो साझा कार्यक्रम है,,,मानसिक रोगी बनाने वाले विचार जब समाज में ‘पनपने’ लगते हैं और उन्हें अपने आदर्श ‘नरहनहार’ करने वाले लोगों के रूप में मिल जाते हैं ,,,,


खून और फ़ितरत,,,में कुछ चीज़ें समा जाती हैं,,,,,चुन चुन कर बदला लेना/हत्याएं करना, करवाना जिनकी फितरत में शामिल है

… ””””मैं,,,, तुम्हें खो देना है इक रोज़
,,,,,,,जो आप स्वतंत्र महसूस करते हैं वास्तव में आपको महसूस होता है
..आत्माओं की भाषा गलती नहीं करती
……,,”’तुम्हारा, मेरा जीना,,,,मरना एक साथ
,,,,जिंदिगी,,,,दरिया के दो किनारे,,,,चलते हैं,,,हमेशा दूर दूर,,,रहते हैं साथ साथ
,,,,मेरा सब कुछ तुझ से है
,,,,तेरा मेरा, मेरा तेरा, एक सफ़र है
,,,,दरिया, साहिल तोड़ के,,,,जब बहती है
,,,,तब उफ़नती लहरों में, मै और तू
,,,,दोनों खो जाते हैं
,,,,बह जाते हैं
,,,,,मिल जाते हैं
,,,,,यूँ दरिया
,,,,सागर बन जाते हैं
,,,,मिट जाते हैं हम तुम उस दिन
,,,,,सागर सागर रह जाते हैं,,,,
परवेज़ ख़ान

वो पल….
पानी के बुलबुले….
बुलबुलों में भरा….अहसास
….उन बुलबुलो को पकङते, फोङते, लङते, झगङते
….जिंदगी…..,,,,सपने मे घुलते…….
रंग बिंरगे उन बुलबलो की मस्ती…..
अब खो रही है…..जिंदगी
…..बुलबलो सी….
कि कहीं कोई भूल तो नहीं…..

परवेज़ ख़ान

बता दें की पुलवामा के बाद भारत ने जब बालाकोट के आतंकवादी अड्डों को निशाना बनाया था उस समय भी इसराइल और फ्रांस के एक्सपर्ट्स राजिस्थान और गवालियर के एयर बेस पर मौजूद थे, यही नहीं 27 फरवरी को जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ हवाई हमला किया था जिसमे कुलभूषण को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था, उस समय पाकिस्तान मीडिया और पाकिस्तान सेना ने शुरू के बयानों में भारत के दो विमान गिराने और दो पायलेट पकड़ने की खबरें दी थीं मगर बाद में सिर्फ अभिनन्दन की बात की गयी, जानकारों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दूसरा पायलेट जो पाकिस्तान में पकड़ा गया था वो इसराइल का था और विमान सुखोई 30 था जो पाकिस्तान वायुसेना ने गिराया था

सूत्रों के मुताबिक चीन के कहने पर पाकिस्तान ने इसराइल के पायलेट के पकडे जाने की बात को आम नहीं किया था उससे रूस के सुखोई की खबर भी आम करना पड़ती, पाकिस्तान ने चीन की बात को मानते हुए यह खबर छुपाली थी, इसका फायदा पाकिस्तान को यूँ हुआ की रूस ने समय रहते पाकिस्तान को बेहद ‘गुप्त सुचना’ दे कर आगाह किया, घटना इस तरह से है कि पाकिस्तान के हवाई हमले के बाद भारत में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बेहद गुप्त मेटिंग पीएमओ में हुई जिसमे सिर्फ प्रधानमंत्री, NSA और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल थे, इस में तै हुआ था कि भारत पाकिस्तान के अंदर 6 ठिकानो पर मिसाइल हमला करेगा, यह मीटिंग ख़तम होने के बाद अभी मीटिंग में शामिल लोग पीएमओ से बाहर भी नहीं निकल पाए थे कि पाकिस्तान के NSA का फ़ोन भारत के NSA के फ़ोन पर आया, पाकिस्तान की तरफ से भारत में हुई मीटिंग और पाकिस्तान में 6 जगहों पर हमले को लेकर बात करते हुए धमकी दी कि अगर भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया तो हम बीस जगहों पर भारत के अंदर हमला करेंगे

यह ऐसा मामला था जो बेहद गुप्त था, यह खबर लीक कैसे हुई, इस बात ने भारत को चिंता में डाल दिया, सूत्रों के मुताबिक यह खबर सेटेलाइट के माध्यम से हासिल की गयी थी, जिसे चीन ने हाइजेक कर ट्रेस किया था, चीन ने यह गुप्त जानकारी रूस को दी जिसे रूस ने पाकिस्तान को दिया, चीन ने सीधे सीधे यह खबर पाकिस्तान को उपलब्ध नहीं करवाई थी, उसकी वजह माना जाता है कि चीन खुद को विश्व में किसी विवाद में शामिल नहीं करना चाहता था, पाकिस्तान और भारत दोनों ही चीन के पडोसी देश हैं, इसलिए उसने यहाँ बहुत एहतियात से काम लिया

कश्मीर मामले में आगे क्या होगा अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है,

,,,,,ये रिपोर्ट पढ़ें

Israel playing major role in India-Pakistan conflict : UK Analyst

A prominent British columnist has argued that Israel’s warming relations with India has contributed to the escalating tensions between India and Pakistan amid fears of an all-out conflict between the two nuclear-armed rivals.

Robert Fisk, the senior analyst writing for The Independent, said in an article on Thursday that Israel was desperately seeking to capitalize on the anti-Muslim sentiment among the Hindu nationalists in India to sell more arms and weapons to New Delhi.

Fisk said the recent escalation between India and Pakistan is in fact a product of growing Israeli influence in New Delhi, saying Israel’s fingerprints are visible all over the conflict.

India launched airstrikes on Pakistani positions earlier this week after 40 of its troops were killed in a militant attack in the Indian-controlled Kashmir region.


The conflict has enjoyed an extensive coverage by the media in the UK, a country home to some 1.4 million people with Indian origin and a community of 1.2 million British Pakistanis.

Fisk said the Indian army’s use of Israeli-made Rafael Spice-2000 “smart bombs” in its attack on militant positions inside Pakistan was a clear proof that the regime in the occupied Palestinian territories was benefiting from the conflict.

“Well, don’t let the idea fade away. Two thousand five hundred miles separate the Israeli ministry of defense in Tel Aviv from the Indian ministry of defense in New Delhi,” wrote Fisk in his commentary, adding, “but there’s a reason why the usual cliché-stricken agency dispatches sound so similar.”


Fisk, an award-winning journalist and writer, said that Israel was trying to capitalize on the growing power of the right-wing nationalist government of Indian Prime Minister Narendra Modi by pretending that the two governments are both under attacks by Muslims.

Fisk said India was Israel’s largest arms client in 2017, paying £530m ($700 million) for Israeli air defense. He said Israel ensured the Indian government about the lethal force of its weapons by providing evidences of their use in Palestine and in Syria.
The standoff between the two neighboring countries has escalated dramatically since February 14, when Indian paramilitary forces on the New Delhi-controlled side of Kashmir were hit by a deadly bomb attack orchestrated by Pakistan-based militants.
The tensions reached a peak on Tuesday, when India said it had conducted “preemptive” airstrikes against what it described as a militant training camp in Pakistan’s Balakot.


Both Islamabad and New Delhi have also claimed to have shot down each other’s fighter planes near the disputed border of Kashmir, accusing one another of violating each other’s airspace.

Kashmir has been split between India and Pakistan since partition in 1947. Both countries claim all of Kashmir and have fought three wars over the territory.

Indian troops are in constant clashes with armed groups seeking Kashmir’s independence or its merger with Pakistan.
India regularly accuses Pakistan of arming and training militants and allowing them across the restive frontier in an attempt to launch attacks. Pakistan strongly denies the allegation.
— presstv.com

 

Major Gaurav Arya (Retd)
@majorgauravarya
All these Pakistanis on Twitter who advocate Jihad in Kashmir and call it “freedom struggle” neither have the guts to fight, nor do they have the conviction to send their father, brother or son to Kashmir.

Cowardice & hypocrisy…a unique cocktail, served only in Pakistan Clinking glasses

Major Gaurav Arya (Retd)
@majorgauravarya
Iman, Taqwa, Jihad fi-Sabilillah is the motto of Pakistan Army.

Yet, not a single senior officer of Pak Army has sent his son to fight Jihad in Kashmir in 30 years. Instead, they send their sons to study in US & Europe.

Jihad is for poor Pakistanis.

Security forces on red alert over terror bombing threat in Kashmir

Terror group Jaish-e-Mohammed is likely to use local Kashmiris for the plan to bomb security personnel deployed in Jammu and Kashmit to fight terror

May 11,
Shishir Gupta
Hindustan Times
New Delhi

Security forces in Jammu and Kashmir have been placed on red alert over the plans of Pakistan-backed terror group Jaish-e-Mohammed to carry out attacks targeting army and paramilitary forces on Monday. Security forces expect the terrorists to carry out the attack using a car bomb or a suicide bomber.

The heightened security in Kashmir coincides with the terror group Hizbul Mujahideen naming Ghazi Haider aka Saifullah Mir as the next chief chief of the terror group in Kashmir to replace Riyaz Naikoo who was killed in an encounter this week.

“Ghazi Haider is a nom de guerre. Ghazi means Islamic warrior, Haider is brave,” a security official in Kashmir said, adding that operations to locate the new Hizbul chief would begin soon. The terror outfit has also readied its second line of leadership. Ghazi Haider would have a deputy, Zafar ul Islam, and a chief military adviser Abu Tariq Bhai.

For now, the immediate priority of the security forces is to neutralise the Jaish-e-Mohammed threat to convoys of security forces on May 11. The terrorist group has been planning the possible attacks on Monday for days. Last week, according to intelligence reports, Mufti Abdul Rauf Asghar, the de facto chief of Jaish, had met his handlers at Pakistan military’s Inter Services Intelligence.


Security officials said the choice of May 11 for an attack coincides with the 17th day of Ramadan when the Battle of Badr was fought and won by a few hundred soldiers in Saudi Arabia. In Islamic history, it is seen as a huge victory in the early days of Islam and a turning point.

It is also the 22nd anniversary of India’s second round of Pokhran nuclear tests in 1998 when India became a nuclear weapons state with a capability to deliver airborne and land-based nuclear devices.

The Jaish-e-Mohammed, which has a large proportion of foreign terrorists in its ranks, is expected to use local Kashmiris for the bombing as it had done in the Pulwama car bombing last year that targeted a convoy of CRPF troopers.

This lowers the cost of a terrorist attack for Pakistan-based terror groups, a Kashmir police officer said. It is also convenient because it helps its backers in Pakistan claim that the attack was carried out by local Kashmiris and is part of, as Prime Minister Imran Khan calls it, an indigenous resistance movement.

Counter-terror officials in North Block said the Northern Army commander and chiefs of Central Reserve Police Force and Jammu and Kashmir police’s special operations groups had already been sensitised about the possible attack.

As a precaution, all movement of convoys has been placed under strong monitoring and will move out under strong protection with road opening parties in accordance with procedures. This will keep everyone safe, an official said.

Major Gaurav Arya (Retd)
@majorgauravarya
Whenever there is a military coup in Pakistan,
@RadioPakistan
& Pakistan TV start playing Madam Noor Jahan’s songs.

It’s a similar story in India. Whenever we take over a territory, we start by giving weather updates of that area. We did the same for Dhaka in 1971.

Mehr Tarar
@MehrTarar
Try to give weather forecasts of the places where millions of your compatriots have been forced to be on roads, left helpless, penniless, hopeless by your great govt, and THEN focus on Mirpur, Muzzaffabad & Gilgit. Feel free to add Skardu too.

Aishwarya Kapoor
@aishkapoor
Shaam 7baje #PuchtaHaiBharat mein #pakistan ke udd Gaye hain hosh.handwara mein @adgpi ke action ke baad @ImranKhanPTI baukhla raha hai ..lekin #pak ho ya #china :f-16 plane ho ya cheeni sipahi humari fauj mun Tod jawab dene ko tyaar hai with @majorgauravarya @Republic_Bharat

Major Gaurav Arya (Retd)
@majorgauravarya
The Resistance Front (TRF) is a false front for terror groups in Kashmir. Currently all terror groups have names like Lashkar-e-Toiba & Jaish-e-Mohammad etc.

TRF is a name that Western media will understand & empathise with. ISI is attempting to “secularise” terror in Kashmir.
Major Gaurav Arya (Retd)
@majorgauravarya
I have Imran for breakfast and Bajwa for lunch. You can be my dinner because I like to keep it light.

Not just abroad, I also have the phone numbers of Bugti, Mengal & Marri in Balochistan. Baat karaoon aapki?

If you ever need a visa to go to Dera Bugti, let me know.

Major Gaurav Arya (Retd)
@majorgauravarya
Press Release of the BALOCH LIBERATION ARMY (BLA) about the operation they carried out against Pakistan Army yesterday.

BLA says that’s its primary aim is to establish a free and independent Balochistan and protect the Baloch people.

Hamid Mir
@HamidMirPAK
It was an open threat made by Major Rtd Gaurav Arya on Indian channel Republic TV two days ago he predicted an attack on Pakistani forces in Baluchistan in 10-15 days and today there was an attack on Pakistani forces near Iranian border Pakistan must take up the issue with @UN

Major Gaurav Arya (Retd)
@majorgauravarya
Hezbollah is a terrorist organisation & Iran is delusional. What consequences will Germany face? What can Iran do? Never threaten unless you have the intention & capability of carrying out your threat.

Iran, what’s the price of crude oil today?

Major Gaurav Arya (Retd)
@majorgauravarya
Apparently, the Government of Pakistan cannot “find” sanctioned terrorists, and hence, has asked UNSC to remove their names from the list.

Off course they can’t find them. That’s because the Pak Army is hiding them. Check with GHQ, Rawalpindi.

Aditya Raj Kaul
@AdityaRajKaul
Security forces are on a high alert in Jammu & Kashmir. Intel inputs had earlier revealed plans of Pakistani terror group Jaish-e-Muhammad to carry out Fidayeen/Suicide terror attack against Army/Paramilitary on May 11. Heightened vigil being kept across the Union Territory.

Aditya Raj Kaul
@AdityaRajKaul
Top Indian Govt Sources tell me, Pakistan has failed to control cross-border infiltration under pressure of Jihadi leaders of Jaish, Lashkar and Hizbul. Security top brass inputs indicate Pakistan desperate to push in terrorists in Kashmir over next few weeks of May/June 2020.

Ritika Chaudhary
@RitikaaChaudhry
After Solving Kashmir Issue The Next Target Of Modi And Team Is POK #हमारा_POK_वापस_करो


Ayan Bhatt
@soulofhermit
Baramula was the place from where bhagwan varahah lifted earth holding in his teeth from deep water. Kashmir is the land of Kashyap muni not jihad,when i say Kashmir it means whole kashmir including illegal occupied land by jihadisthan. #हमारा_POK_वापस_करो


Srinivas Jayaprakash 
@CustosLegis_Jay
The day is not far when Shankaracharyas from Sringeri, Puri, Dwaraka & Badrikapuri will do bhoomi puja for reconstruction, restoration and renovation of our Holy Sharada peetham. Neelum Valley, Muzaffrabad, #GilgitBaltistan
will become india. Orange heart #हमारा_POK_वापस_करो


Triangular flag on postपरमवीर यादवFlag of IndiaTriangular flag on postराष्ट्र प्रेमी 
@psy5640
#हमारा_POK_वापस_करो POK is and always remain a part of India, a clear message to both Pakistan and China. And we are not beg it so tweet Triangular flag on post#हमारा_POK_वापस_करो instead of
#हमारा_POK_वापस_करो . #हमारा_POK_वापस_करो #हमारा_POK_वापस_करो #हमारा_POK_वापस_करो #हमारा_POK_वापस_करोfollow

By repealing Article 370 of the constitution, people from the rest of India will now have the right to acquire property in occupied Kashmir and settle there permanently. Kashmiris as well as critics of India’s Hindu nationalist-led government see the move as an attempt to dilute the demographics of Muslim-majority Kashmir with Hindu settlers.


The lockdown imposed in occupied Kashmir on August 5, 2019 by the Indian government

2019, Aug 26 : India stops politicians from visiting occupied Kashmir

Indian authorities defended blocking opposition politicians from visiting occupied Kashmir, saying it was to “avoid controversy”, as the crippling security lockdown entered its fourth week.

The administration of occupied Kashmir sent back a delegation of India’s top opposition leaders, including former Congress president Rahul Gandhi, shortly after they landed in Srinagar. Afterwards, Rahul Gandhi said that he had experienced firsthand “the draconian administration and brute force unleashed on the Jammu & Kashmir people”.

2019 Sep 28: Pakistan, Turkey and Malaysia speak up for Kashmiris at UNGA

Prime Minister Imran arrived in the United States for a week of global diplomacy, with his trip dubbed ‘Mission Kashmir’. The highlight of his more than 45-minute-long speech at the 74th session of the United Nations General Assembly in New York was intense criticism of India for its annexation of occupied Kashmir and the continued restrictions imposed in the region.

Mohammad Siddiq, 70, said he was wounded when an Indian police man fired a pellet gun at him while returning home from a mosque, badly damaging his left eye. — AP/File
“(Nearly) 100,000 Kashmiris have died in the past 30 years because they were denied their right of self-determination. Eleven thousand women were raped. The world hasn’t done anything,” he said. “What is going to happen will be a blood bath. The people will come out.”

Malaysian Prime Minister Mahathir Mohamad at the forum said said despite UN resolutions, the territory had been invaded and occupied. In his address, Turkish President Recep Tayyip Erdogan criticised the international community for failing to pay attention to the Kashmir conflict, which, he said, awaits solution for 72 years.

2019, Nov 3: Pakistan rejects new maps by India

 

On November 2, the Indian Ministry of Home Affairs issued a notification detailing the boundaries of the so called union territories of occupied Jammu and Kashmir and Ladakh and also issued a new political map of India.

The new map showed areas under AJK inside Ladakh, and not in Jammu and Kashmir as depicted earlier.

A day later, as the lockdown hit the 90-day mark, Pakistan rejected the political maps of India, saying the maps issued by India were “incorrect, legally untenable, void and in complete violation of the relevant United Nations Security Council resolutions”.

A day later, at least one person was killed and 17 wounded in a grenade blast at a crowded market in Srinagar. 18 people were also injured.


2019, Dec 7: Resolution in US Congress seeks end to repression

 

A bipartisan resolution moved in the US Congress urged India to end the restrictions on communications and mass detentions in occupied Kashmir as swiftly as possible and preserve religious freedom for all residents.

Resolution 745 was jointly moved by Congre­sswoman Pramila Jayapal, a Democrat, and Congressman Steve Watkins, a Republican. Born in Madras (Chennai), Jayapal is the first Indian-American woman to serve in the US House of Representatives.

The movers rej­ected arbitrary detention, use of excessive force against civilians, and suppression of peaceful expression of dissent as proportional respon­ses to security challenges.

A day later, a four-member delegation of human rights activists from Canada after meeting Mushaal Hussein Mullick, the wife of imprisoned Kashmiri leader Mohammad Yasin Malik, vowed to raise their voice against excesses being committed by India in occupied Kashmir.

2020, Jan 16: UN Security Council reviews situation in occupied Kashmir

The United Nations Security Council held a meeting on Jammu and Kashmir and reviewed the situation in the occupied valley.

Although the meeting took place behind closed doors, Chinese Ambassador Zhang Jun spoke to journalists outside the chamber, confirming that the council had reviewed the situation in the occupied valley.

“We had a meeting on Jammu and Kashmir,” he said. “The Security Council heard a briefing from the secretariat on the situation.”

Asked what China’s position on the situation in Kashmir was, he said: “Our position is very clear.”

China recognises Kashmir as a territory disputed between India and Pakistan and openly supports Islamabad’s demand for a plebiscite to enable the Kashmiri people to decide their own future.

 

all pics source : twitter

views in twitts are people own openion, teesri jung hindi is not endorcing any og his openion.

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