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चीनी कम्पनियों से #PMcares में करोड़ों का चंदा लेने की ख़बर के बाद 56 चीनी ऐप पर भारत ने लगाई पाबंदी : रिपोर्ट

भारत सरकार ने 59 स्मार्टफोन ऐप्स को प्रतिबंधित करने का फ़ैसला लिया है.

सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहीं पर भी चीन का ज़िक्र नहीं है मगर जिन ऐप्स को प्रतिबंधित किया गया है, उनमें से कई सारे ऐप्स या तो चीन में बने हैं या उनका स्वामित्व चीनी कंपनियों के पास है

इन ऐप्स में टिकटॉक, यूसी ब्राउज़र और शेयरइट ऐप जैसे शामिल हैं जो भारत में काफ़ी ज़्यादा इस्तेमाल होते हैं.

भारत सरकार ने यह फ़ैसला उस समय लिया है जब पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की जान जाने के बाद भारत में चीनी सामान, सॉफ्टवेयर्स और ऐप्स आदि के बहिष्कार की आवाज़ें उठ रही थीं.

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के मुताबिक, इन ऐप्स को ‘भारत की संप्रभुता एवं एकता, सुरक्षा और व्यवस्था के लिए नुक़सानदेह’ होने के कारण प्रतिबंधित किया गया है.

क्या बताया गया है कारण?
आईटी मंत्रालय ने ने आईटी एक्ट के सेक्शन 69 A के तहत यह क़दम उठाया है. ये ऐप्स ऐंड्रॉयड और आईओएस,दोनों प्लैटफॉर्म्स पर प्रतिबंधित होंगे.

आईटी मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ‘भारत के करोड़ों मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि इंडिया साइबरस्पेस की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.’

इस तरह से प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब ऐंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लैटफॉर्म्स को अपने स्टोर्स ने इन ऐप्स को हटाना होगा. हालांकि, सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लोगों से इन ऐप्स को अनइंस्टॉल करने की अपील नहीं की गई है.

जिन लोगों के मोबाइल पर ये ऐप्स इंस्टॉल्ड हैं, वे तब तक मौजूद रहेंगे जब वे उन्हें मैनुअली नहीं हटाएंगे. हालांकि,ऐप स्टोर से हट जाने के बाद वे अपने स्मार्टफ़ोन में इस्टॉल किए गए ऐप्स को अपडेट नहीं कर पाएंगे.

जिन ऐप्स को प्रतिबंधित किया गया है उनमें गेमिंग, ब्यूटी कैमरा, ब्राउज़र, न्यूज़ और अन्य यूटीलिटी ऐप्स शामिल हैं.

Alka Lamba Flag of IndiaFolded hands
@LambaAlka
देखा, चीनी ऐप बैन होने के बाद हमें आज ही एक दम से पता चला कि यह हमारी सारी जानकारी चोरी कर रहे थे,
पर बैन करने का कारण जानकारी चुराना बिल्कुल नहीं है… Flag of India Folded hands.

Rahul Kanwal
@rahulkanwal
Strongly back the idea of banning these 59 Chinese apps. Most were stealing data of Indian citizens. In any case China doesn’t allow international companies to run their apps in mainland China. Economic cooperation cannot be a one way street. Hit China where it hurts most. Jai Ho

Imran Pratapgarhi
@ShayarImran

सोचिये ये 59 #चीनी एप कब से हम भारतीयों की जानकारी चोरी कर रहे थे लेकिन इनको बैन करने का सरकार को ख़्याल तब आया जब कॉंग्रेस ने चीनी कम्पनियों से #PMcares में चंदा लेने का मामला ज़ोर शोर से उठाया
अब इंतज़ार इस बात का है कि #PayTM के ब्रांड एम्बेसडर मोदी जी #PayTM कब बैन करेंगे ?

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