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जो हमें चाहिए था वो हमें मिल गया, गलवान वैली हमारी है और हमें मिल गयी है : चीनी विदेश मंत्रलयाल के प्रवक्ता : वीडियो

चीन की सेना के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने और सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारतीय क्षेत्र में कोई नहीं घुसा है और न ही किसी सैन्य चौकी पर कब्जा हुआ है. प्रधानमंत्री के इस बयान पर विपक्ष के तमाम नेताओं ने सवाल उठाए थे. इस मुद्दे पर FORCE के संपादक प्रवीन साहनी से चर्चा की द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी से बात करते हुए भारत के दावों को बहुत हद तक साफ़ करते हुए, प्रधानमंत्री, और सरकार के बयानों को ग़लत बताते हुए चीन के कब्ज़े की हकीकत बताई..22/06/2020

प्रवीन साहनी ने बताया कि चीन ने गलवान वैली पर कब्ज़ा कर लिया है, इसके लिए उन्होंने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के एक बयान का उल्लेख किया है, उन्होंने कहा कि ”जो हमें चाहिए था वो हमें मिल गया, गलवान वैली हमारी है और हमें मिल गयी है : चीनी विदेश मंत्रलयाल के प्रवक्ता”

NDTV India
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Prime Time – June 25, 2020: मतदान समाप्त होने के बाद और परिणाम आने तक न्यूज चैनलों के पास दिखाने के लिए कुछ भी नहीं होता है. तब सर्वे आता है. उसी तरह से बीच-बीच में जब कुछ नहीं होता है दिखाने के लिए या बहुत कुछ होता है भटकाने के लिए तब लोकप्रियता के सर्वे आते हैं. मगर इस सर्वे की एक ईमानदारी होती है. किसी ने भी इन्हें नहीं रोका है कि किसी की भी लोकप्रियता को 100 प्रतिशत नहीं दिखाया जाए. लेकिन इसके बाद भी ये सर्वे वाले 70-80 प्रतिशत लिख कर ही रूक जाते हैं. आप कितने लोकप्रिय हैं इसका चीन के साथ विवाद से कोई संबध नहीं है. सीधा सा सवाल है कि क्या चीन ने भारत के भूभाग पर कब्जा किया है? अब इसका जवाब देने के लिए अपनी कॉपी में उत्तर लिखने के बजाय पड़ोस वाले छात्र की कॉपी में झांककर उत्तर लिखना जरूरी है? अगर 1962 नहीं हुआ होता तो 2020 वाले क्या जवाब देते? क्या वो ये जवाब देते कि 1962 नहीं हुआ इस कारण हम 2020 में जवाब नहीं देंगे. यह इसका समाधान नहीं हो सकता है. प्रधानमंत्री ने जरूर सफाई दी. लेकिन इसके बाद भी चीन की सेना की गतिविधियां सीमा पर कम नहीं हुई है

चार महिने से मोबाइल पर चलने वाला Covid-19 का सन्देश अब लोगों के लिए मानसिक परेशानी की वजह बन रहा है :सरकार इसे तुरंत रोके!

कोरोना दुनियांभर भारत में भी फैला हुआ है, सरकार ने सबसे पहले तो बिना किसी प्लान के पूरे देश में लॉक डाउन कर दिया, सरकार देश के साथ समय समय पर खेल/तमाशा करने की आदी हो गयी है, नोटबंदी का फैसला हो या फिर अनैतिक रूप से लागू की गयी GST हो, बस एलान करने की जल्दी रहती है, बाकी उसका असर जनता और देश पर क्या होगा उससे सरकार को कोई मतलब नहीं है

नोटबंदी के समय इतनी बार नोटिफिकेशन किये गए कि बैंक वालों को ही पता नहीं होता था कि कौनसे आदेश पर अमल करना है, इसी तरह से GST को लेकर किया गया और यही हाल कोरोना को लेकर किया

किसी को कुएं में गिरता देखा तो खुद भी छलांग लगा दी कि शायद बचाव का यही तरीका है, जबकि WHO और विश्व के सभी जाने माने जानकार बता चुके थे कि कोरोना की कोई दवा नहीं है, इस से केवल बचाव कर के बचा जा सकता है तब भारत की सरकार ने लॉकडाउन कर डाला, क्यों की सरकार ने देखा कि यूरोप, अमेरिका आदि देश लॉक डाउन कर रहे हैं तो हम भी कर देते हैं, ये मूर्खता कर के सरकार ने देश की जनता के साथ घोर अपराध किया, सैंकड़ों लोगों की जानें गयी, कारोबार थप हो गया, लोग भूके मरने लगे, भला हो उन समाज सेवी लोगों का जिन्होंने सामने आ कर लोगों की मदद की, अगर ये मदद करने वाले सामने नहीं आये होते तो सरकार के भरोसे न जाने और कितने लोग अपनी जानें गँवा चुके होते

शायद सत्ता में बैठे भारत का नक्शा नहीं देखा है, जितने बड़े बड़े यूरोप के देश हैं उससे बड़े भारत के राज्य हैं, ये विशाल देश है, देश नहीं बल्कि महादीप है, भारत एक मात्रा देश है जिसके नाम पर एक समुद्र, हिन्द महासागर का नाम है, भारत जैसे विशाल देश में लॉकडाउन कभी संभव अथवा कारगर नहीं हो सकता वो भी तब जब अलबेली हुकूमत और उसके सलाहकार हों, जहाँ ग़रीबी है, लोग मजदूरी कर के अपना जीवन चलाते हैं, आधे से अधिक जनता खेतों में काम करती है, जहाँ बेसिक तंत्र नहीं है, जहाँ भरष्टाचार चरम पर है, जहाँ की सरकारें हमेशा ग़रीब होना का रोना रोटी हैं/ढोंग करती है

भारत में आया है तभी से मोबाइल पर कॉल करते समय तीस सेकंड के लिए कोरोना से बचाव का सन्देश सुनाई देता है, अन-लॉकिंग का सन्देश सुनाई देता है, ये सन्देश सन्देश हर बार कॉल करते ही बजने लगता है, अब इस से लोगों को परेशानी होने लगी है, लोग चिढ़ने लगे हैं, झुंझलाने लगे हैं, सरकार को चाहिए कि वो कोरोना को तो रोक नहीं सकती इस सन्देश को तुरंत रोके, वैसे भी देश की जनता बेरोज़गारी, महंगाई, बंद हो चुके धंधों की वजह से मानसिक तनाव में हैं

 

Shamsher Ali Khan
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जब तुम परेशान, डिप्रेस और नाउम्मीद महसूस करो तो सुरह:अज़्जुहा (Ad-Duhaa) पढ़ लिया करो क्योंकि जब अल्लाह के रसूल स०अ० पर कुछ अरसे तक “वही” नाज़िल ना हुई, ना जिब्राईल आए, ना उनको ख्वाब में एल्हाम हुआ तो वो पल परेशान रहने लगे तो अल्लाह ता’अला ने सुरह: अज़्जुहा
“वही” फरमाई जिसकी तफ़सीर आती है कि……
” अगर तुम परेशान हो तो रात को जल्दी सो और जल्दी उठो और खूबसूरत सुबह को देखो!!
ताकि तुम्हें पता चले कि सिर्फ़ अंधेरी रात नहीं बल्कि उसके बाद रौशन सुबह है!!
और फ़िर फ़रमाया ” ऐ मोहम्मद स०अ० तुम्हारा रब ना तुमसे नाराज़ है और ना ही वो तुम्हें भूल गया है!!
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इससे बेहतर भी भला कोई तसल्ली होगी,,
तो बस जब तुम डिप्रेस (Dipress) हो तो सुरह: अज़्जुहा पढ़ लिया करो!

Adhir Chowdhury
@adhirrcinc
Jun 25
In spite of all our endeavours to diffuse the tense situation along LOAC which even resulted 20 precious lives of our army, China is hell bent upon altering the status quo


Swati Chaturvedi
@bainjal
Jun 20
My father retired as a senior IAS officer. He is the calmest man I know. Very unlike me. Today he told me that Modi has betrayed India with his fictional claims on Galwan valley. My father asked “why did 20 Indian soldiers die? For what?”

Manoj Garg
@ManojGa14208245
Jun 18
Indian Policy makers have fallen in trap once again, of dialogue and peace. China has gone with the booty of Galvan Vally very cheaply. At the cost of 35 Soldgers. India lost 20 lifes.

Mitali Saran
@mitalisaran
Jun 20
I think it’s time to demand Narendra Modi’s resignation.


P.O.Sivasankaran
@OSivasankaran
Jun 22
The advocates of China are belittling their own country#Boycotting Chinese products will be suicidal for China#not India#In the Galvan Vally Indian forces inflicted heavy casualties to China#more such news coming out.

kamlesh nirmit
@kamlesh05061572
Jun 23
China succumbed to the pressure of India and agreed to retreat in #GalvanValley China agreed after 11 hours of talks with India China Corps C’nder level on June 22.
ITBP’s 50 Co.LAC is being deployed. The army chief arrived on two-day visit to Ladakh.He will review the p’ration.


bishwa
@bishwa55900127
Jun 27

In ur maps, u show LAC in #GalvanValley river bend in #ladakh at different spots..

@detresfa_shows it before the bend (1st img)…
@Nrg8000
shows it at the bend (2nd img)

Both cannot be correct right? The diff is about 130 meters but makes a big diff


Lt Gen H S Panag(R)
@rwac48
Jun 18
Article 6 of 1996 Agreement! These agreements apply to border management snd not while dealing with a tactical military situation. Lastly when lives of soldiers or security of post/territory threatened, Cdr on the spot can use all weapons at his disposal including Artillery.

 

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