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बांग्लादेश ने चीन के साथ हुई व्यापार संधि पर भारत के रुख़ की आलोचना की : नेपाल ने भारत के बांधों की मरम्मत का काम रोका!

 

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमिन ने चीन के साथ हुई संधि पर भारत के रुख़ की आलोचना की है

द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट में एक जुलाई से लागू होने वाले इस समझौते का ज़िक्र है जिसके तहत चीन 97 फ़ीसदी बांग्लादेशी उत्पादों पर शुल्क नहीं लगाएगा.

रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने चीन की इस घोषणा पर भारत के रुख़ की आलोचना करते हुए कहा है कि भारत में जो विश्लेषक चीन और बांग्लादेश के बीच हुए इस समझौते को ‘एक अल्पविकसित देश बांग्लादेश के लिए चीन की चैरिटी’ बता रहे हैं, दरअसल ऐसा कहकर वे अपनी तुच्छ मानसिकता ज़ाहिर कर रहे हैं.

बीते दो दिनों में यह दूसरा मौका है जब बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने भारत के संदर्भ में कोई बयान दिया है.

इससे पहले जब भारत के कुछ मीडिया प्रकाशनों ने यह कहा था कि चीन इस डील के माध्यम से बांग्लादेश को अपनी ओर करने की कोशिश कर रहा है, उस वक़्त भी मोमिन ने भारतीय मीडिया पर आरोप लगाया था उन्होंने ‘नैतिक पत्रकारिता’ का त्याग कर दिया है.

चीन की कंपनी से 1400 करोड़ रुपये का प्रोजक्ट वापस लेने पर विचार

लद्दाख में जारी भारत-चीन सीमा विवाद के बीच गोवा सरकार 1400 करोड़ की लागत से जुआरी नदी पर बन रहे 8 लेन के पुल के प्रोजेक्ट से चीनी कंसल्टेंट कंपनी को हटाने पर विचार कर रही है.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के मुताबिक़, यह पुल राज्य की सत्ताधारी बीजेपी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है जिसका नाम राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी सरकार में रक्षा मंत्री रहे मनोहर पर्रिकर के नाम पर है.

दिलीप बिल्डकॉन, शंघाई टोंगगांग ब्रिज टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर पुल का निर्माण कर रही है. पीडब्ल्यूडी मंत्री दीपक पॉस्कर ने बताया कि आयात नीतियों की एकबार फिर से जांच की जाएगी.

वर्तमान समय में पुल के लिए आवश्यक सामग्री चीन से ही आयात की जा रही है.

नेपाल ने तीन नदियों के बांधों की मरम्मत रोकी
नेपाल ने गंडक, लाल बकेया और कमला नदी के तटबंधों की मरम्मत का काम कर रहे बिहार जल संसाधन विभाग की टीम को काम करने से रोक दिया है.

दैनिक हिंदुस्तान की ख़बर के मुताबिक़, नेपाल ने सीमा पर रुकावट लगाकर भारतीय इंजीनियरों को सीमा के बीतर प्रवेश करने से रोक दिया है. इसका असर भारत पर पड़ेगा. बिहार में इससे बाढ़ का ख़तरा और बढ़ गया है.

अख़बार के अनुसार बिहार के जल संसाधन मंत्री ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है.

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