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बायकाट चाइना, आई हेट चाइना के नारे के साथ भारत में धड़ल्ले से बिक रही हैं चीनी टीशर्ट और कैप : रिपोर्ट

भारत में इस समय चीन विरोधी नारों के साथ टी-शर्ट और कैप धड़ल्ले से बिक रही हैं और यह मुद्दा चीन में भी उठा है कि चीनी प्रोडक्ट पर चीन विरोधी नारे कैसे लिखे गए।

ग्लोबल टाइम्ज़ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया पर यह बात हो रही है कि कुछ चीनी कंपनियां ही चीन विरोधी नारों के प्रिंट वाली टीशर्ट और कैप भारतीय कंपनियों को बेच रही हैं मगर अख़बार का कहना है कि यह फ़ेक न्यूज़ है कि चीनी कंपनियां चीन विरोधी नारे अपने प्रोडक्ट पर प्रिंट करके भारत भेज रही हैं।

सरकारी सूत्रों के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि चीनी क़ानून के अनुसार चीन विरोधी नारे, या हिंसक चित्र बग़ैरा प्रोडक्ट पर प्रिंट करना वर्जित है और चीनी कंपनियों को अच्छी तरह पता है कि इस प्रकार का प्रोडक्ट तैयार करने पर उन्हें सज़ा हो सकती है।

मगर यह भी तथ्य है कि चीन की बनी हुई टीशर्ट और कैप चीन विरोधी नारों के साथ नज़र भी आ रही है और यह टीशर्ट और कैप भारत के कट्टरपंथी राष्ट्रवादियों के बीच बहुत लोकप्रिय हो गई हैं क्योंकि इस समय सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है।

कई टेक्सटाइल प्रोडक्ट एक्सपोर्टर्ज़ ने ग्लोबल टाइम्ज़ को बताया कि यह चीनी टीशर्ट और कैप उन्होंने नहीं बेची हैं।

फ़्लैग और बैनर की निर्यातक कंपनी यीवू का कहना है कि यह काम चीनी कंपनियों का नहीं है हम न तो चीन विरोधी नारों वाले और न ही आतंकवाद समर्थक नारों वाले प्रोडक्ट तैयार करते हैं और न बेचते हैं।

वरिष्ठ वकील ली किनबिन ने कहा कि इस बारे में चीन का क़ानून बहुत साफ़ है।

चीन के कपड़ा उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि दरअस्ल हुआ यह है कि भारतीय कंपनियों ने चीनी कंपनियों से टीशर्ट और कैप आयात की हैं और उसके बाद उन पर चीन विरोधी नारे प्रिंट करके बाज़ार में उन्हें बेच रही हैं।

यीवु इंटरनेशनल ट्रेड सिटी के एक मैनेजर सोंग चेन ने कहा कि यही संभावना है कि भारतीय विक्रेताओं ने प्लेन टीशर्ट और कैप चीन से ख़रीदी हैं और उन पर चीन विरोधी नारे प्रिंट कर दिए।

ग्लोबल टाइम्ज़ के अनुसार इस प्रकार के नारे प्रिंट करने वाली कुछ कंपनियां भारत के झारखंड राज्य में काम कर रही हैं।

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