विशेष

मोदी के ग़लत फ़ैसलों से हमेशा आम नागरिकों की मौत हुई है : तुम्हारी हर नस्ल को #मुख़्तार मिलते रहेंगे!

Shamsher Ali Khan
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मुदकमे के दौरान जज उमर मुख्तार से पूछता है,
जज : क्या तुम मानते हो कि तुमने बगावत की है
उमर मुख्तार : हाँ
जज __ क्या तुम जानते हो इसकी सजा क्या होगी ????
उमर मुख्तार : हाँ
जज : तो फिर अफ़सोस के साथ तुम्हारा अंजाम मौत है
उमर मुख्तार : मूझे कोई अफ़सोस नहीं यही मेरी जिंदगी का बेहतरीन अंजाम होगा,

जज इन्तहाई मसलहत और मौत का खौफ दिलाकर लालच देकर उमर मुख्तार को कहता है, कि अगर तुम अपनी क्रांती को रोक दो और क्रांतिकारीयो को कहो की वह आजादी की जंग छोड़ दें तो तुम्हें छोड़ दिया जायेगा.

उमर मुख्तार जज को एक लम्हे के लिए देखते है, और फिर अपना तारीखी कौल कहेते है, #हम_या_तो #शानदार_फतह_हासिल_करेंगे_या_फिर_वतन_के_लीए_अल्लाह_की_राह_में_शहीद_होंगे,
और यही हमारी जिंदगी का असल मकसद है, तुम लोग नस्ल दर नस्ल हमे खत्म करने की कोशिश करते रहो,

तुम्हारी हर नस्ल को #मुख्तार_मिलते रहेंगे।#

 

आइसलैंड की पुरानी वास्तु विरासत समय-समय पर देश भर में आपकी यात्रा में दिखाई देती है ।

20 वीं सदी के मध्य तक कई आइसलैंडर्स टर्फ घरों में रहते थे । उत्कृष्ट इन्सुलेशन के लिए बनाया गया टर्फ लेकिन उच्च रखरखाव की आवश्यकता है – अंततः आइसलैंडर्स के बीच लोकप्रियता खोना जिन्होंने आधुनिक निर्माण सामग्री और तरीकों के पक्ष में पाया ।
आज पूरे देश में टर्फ हाउस की विभिन्न समकालीन व्याख्याएं मौजूद हैं ।

रसूल-अल्लाह सललल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया अल्लाह ने तुम्हें तीन आफ़तों से बचा लिया है

एक ये कि तुम्हारा नबी तुमपर ऐसी बद्दुआ नहीं करेगा कि तुम सब हलाक़ हो जाओ

दूसरी ये कि अहले बातिल अहले हक़ पर गालिब नहीं आएंगे

तीसरी ये कि तुम सब गुमराही पर मुत्तफ़िक नहीं होगे

सुनन अबू दाऊद


Jainendra Kumar
@jainendrakumar
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ED की पूछताछ के बाद
@ahmedpatel
:

सरकार चीन, कोरोना से लड़ने की बजाय विपक्ष से लड़ रही है. जितनी जांच करनी है कर लें. कानून को अपना काम करना चाहिए. लेकिन जिनके खुद के घर शीशे के होते हैं उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके घर पर भी कोई पत्थर फेंक सकता है.


Pankaj Punia
@PankajPuniaINC
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अंधभक्त तुम महाभारत के वो संजय हो जिसे सब सत्य दिख रहा है लेकिन फिर भी अपने स्वामी के तरह अंध होकर सत्य को नही देख पा रहे हो…..

Rohini Singh
@rohini_sgh
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How is what happened in Tamil Nadu any less horrific than the Nirbhaya rape case? In fact, it’s worse because the brutal sodomy was perpetuated by police officers just because the father-son duo refused to sell them mobiles on EMI. This is the face of Indian police.

 

Srinivas B V
@srinivasiyc
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चीनी कम्पनी XIAOMI से प्रधानमंत्री ने PMCARES फण्ड में 10 करोड़ रुपये चंदा लिया..

PMCARES ट्रस्ट के चेयरमेन स्वयं नरेंद्र मोदी है ।

– अब #ChineseAgent कौन है ?

– मोदी का चीन से क्या संबंध है ?

 

‘GANDHI’ KALPESH RAVAL
@kalpeshravals
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” मोदी जी के गलत फैसले से हमेशा आम नागरिकों की मौत हुई है ,

नोटबन्दी , CAA प्रोटेस्ट , लोकडाउन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है “

Rohan Gupta
@rohanrgupta
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21 दिन में कोरोना को भगाने का वादा तो पूरा नही कर पाए पर लगातार 21 दिन तक तेल के दाम बढाकर आम नागरिक के शोषण का नया रिकॉर्ड जरूर बना दिया !

Krishna K Tripathi
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बटाऊ रे चलना आज कि काल….!

व्यक्ति एक न एक दिन चला जाता है।वह ऐसे जाता है,ज्यों आकाश में मेघ रिसते हुए निकल जाता है।उसका कन्धा,झोला छोड़ देता है।सिरहाने रखा पानी,बर्तन के तल में घूम जाता है।घड़ी टिकटिक करती रहती है।कमरे की खिड़की के पार खड़ा कोई जामुन चूता रहता है।यह संसार चलता हुआ है।यहाँ आजतक कोई रुक जाने वाला इष्ट न हुआ।यहाँ हर व्यक्ति पेट के बल सोया है।जहाँ से ऊपर की ओर देख लेने का कोई समाधान नहीं।वसन्त में गिर चुकी पत्तियों के पास,पुनः वृक्षों की गोद में बैठने का कोई उपाय नहीं।संसार के इस वृक्ष पर पक्षी आते जाते रहेंगे।यहाँ कोई बसेरा स्थायी नहीं।वस्तुतः यह संसार ही एक रैन बसेरा है।सुबह सबकुछ समेट चल ही देना होता है।और जब चल ही देना है,तो यह समझना कि वह चलना,आज है।आजतक कल में कोई नहीं चल पाया।कल चलने से परे बात है।वह कल,सदैव से कल में ही रहता है।हम कल को लपेटते हैं,और प्राण आज में चोला छोड़ उड़ जाता है।दादू इसीलिए पते की बात कह जाते हैं।कहते हैं कि क्या आज और क्या कल…! बटाऊ जब चलना ही है तो अभी चल।

जीवन हर क्षण लक्षण प्रकट करता है।बच्चा बढ़ता रहता है और कपड़े छोटे होते जाते हैं।एकदिन ऐसा आता है जब बढ़ाव बन्द हो जाता है।प्रतिदिन छप्पर पर बैठने वाला कपोत,सहसा आना बन्द कर देता है।हर दिन अपनी माँद से झाँकने वाला सेहियों का परिवार,एक दिन माँद खाली कर जाता है।रात खिला कोई सेमल का फूल,अगले दिन डाल से झर जाता है।कछार टूटकर नदी में गिर जाता है और किनारा खड़ा उसे बहते देखता रहता है।

सजनी रजनी घटती जाय,
पल-पल छीजे अवधि,दिन आवे,अपनो लाल मनाय।रजनी घटती ही जावेगी।हर पल रिस जावेगा।और एक न एक दिन वह हो जावेगा,जिससे बचने के जुगत लगाए जा रहे थे।साथ की रात विदा हो जाएगी।आने वाला दिन,पिछली रात की बात को याद कर बिखरता जाएगा।
और तब कबीर मुस्कुराते हुए कहते हैं:-
झूठे सुख को सुख कहे,मानत है मन मोद
खलक चबेना काल का,कुछ मुख में कुछ गोद…यहाँ सदैव कुछ मुख में,तो कुछ गोद रह ही जाता है।हम झूठ को सुख कहते हैं।पर्यायवाची बना लिए जाते हैं।भूलने के कोटि प्रयत्न सीख लिए जाते हैं।पर काल का चबेना,बिन भक्षे नही जाता।वह बिन खाए आजतक नहीं लौटा है।उसे किसी निमंत्रण की आवश्यकता नहीं।वो बिन बुलाए आता है,और व्यक्ति कन्धे पर टँग जाता है।
हरिदास कहते हैं:-
जौ लौं जीवै तौं लौं हरि भजु,और बात सब बादि
दिवस चारि को हला भला,तू कहा लेइगो लादि…कौन ले गया है लादकर,और कहाँ….!! यहाँ चार दिन में ही सब हला भला हो जाना है।हरि को भजना है।हरि तो वहीं जो हर ले।तो ऐसे भजना है,कि आप हर लिए जाँय।सबकुछ करते हुए भी कुछ न करने का भाव ही भजन है।

जीवन पानी में बने प्रतिबिम्ब जैसा है।मात्र एक छोटी सी हलचल और सबकुछ अदृश्य हो जाता है।आदमी एक लम्बी दीठ ही भर पाता है और इतने में चलने का समय आ जाता है।जीवन,जीवन के भीतर ही नष्टरूप है।आकाश के ऊपर आकाश जमता रहता है।प्रेयसी दर्पण देखती रहती है,और उम्र समय की पतली धार को उसके चेहरे पर टाँकता जाता है।प्रेमी इस ढलते समय को निहारता रहता है।उम्र पक जाती है।प्रेमी चूक जाता है।प्रेयसी चुक जाती है।प्रेम बच जाता है।कोई उतर पाता है तो कोई डूब जाता है।कोई काठगाड़ी हौले से निकल जाती है।गाड़ीवान पीछे देखता है।रास्ते पर पहिए छप जाते हैं।काठगाड़ी अब ठीक उस तरह से,उस राह पर कभी नही लौट पाती।समय सबको हाँकता रहता है।झोपड़ी से वर्षा टपकती रहती है,जोगी सरकता रहता है।कोई गीला होता है तो कोई भींग जाता है।और जोगी उस क्षण को अपने कम्बल में लपेटे,आज की वर्षा को अपनी आँखों से पीता हुआ गाता है:-
बरसो कि भीगे अंगियाँ मोर
जाने ऋतु फिर कब अइहैं
जब कल जइहैं तो बेर-बेर न अइहैं
कि हम प्यासो न जइहैं…..

और अन्त में-
आज नहीं तो कल
चलना ही है
कौन रुका है या जग में
सब छलना ही है
रात बुझेगी,दिन जावेगा
सब ढलना ही है
रुकना मत,अब पग आगे कर
आखिर में तो चलना ही है

हम सभी के भीतर यह ‘चलना’ उतर जाय,इसी शुभेच्छा के साथ….

आपका
कृष्ण
जय श्रीराम!
हर हर महादेव!!

 

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