देश

लद्दाख में तनाव : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ख़िलाफ़ बिहार में केस दर्ज!

देश में कोरोना महामारी का संकट गहराता जा रहा है. इस खतरनाक वायरस के चलते अब तक 7745 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, कोरोना के प्रसार के लिए जिम्मेदार चीन पर एक्शन की मांग दुनियाभर के देश कर रहे हैं. इस बीच बिहार के बेतिया से हैरान करने वाली खबर आई है.

अधिवक्ता सह याचिकाकर्ता मुराद अली ने बेतिया CJM कोर्ट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और WHO के डीजी सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. आरोप है कि इन्होंने मिलकर पूरे विश्व में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को फैलाया है.

मुराद अली ने कहा कि साक्ष्य के तौर पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में चली खबरें और कई डॉक्युमेंट्स को आधार बनाया है. वहीं, गवाह के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम दिया है. इस मामले में सुनवाई के लिए कोर्ट ने 18 जून का समय दिया है. अभियुक्तों पर आईपीसी की धारा 269, 270, 271, 302, 307, 504 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है.

बता दें कि देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे के अंदर 9985 नए मामले सामने आए हैं और 274 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, मरीजों का आंकड़ा 2 लाख 76 हजार को पार कर गया है और 7745 लोगों की मौत हो चुकी है.

कोरोना से अब तक 1 लाख 35 से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि देश में एक्टिव केस की संख्या 1 लाख 33 हजार 632 है. कोरोना से सबसे अधिक महाराष्ट्र और दिल्ली प्रभावित हैं. इन दोनों प्रदेशों में कुल मरीजों की संख्या 1 लाख 20 हजार से अधिक है.

LAC पर चीनी सैनिक

लद्दाख में LAC पर तनाव को लेकर भारत और चीन के मेजर जनरल रैंक के सेना के अफसरों ने बुधवार को बातचीत की. ये बातचीत सकारात्मक बताई जा रही है. लेकिन भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, LAC पर चीनी सैनिकों की तैनाती जारी रहने तक बात नहीं बनने वाली.

सूत्रों ने आजतक से कहा कि भारी सैन्य साजो-सामान, टैंक और लड़ाकू विमानों के बेड़े के साथ 10 हजार चीनी सैनिकों की तैनाती भारत की चिंता की वजह है. वैसे तो मंगलवार को गलवान नदी घाटी के 2 प्वाइंट और भारत के गोगरा पोस्ट के पास हॉट स्प्रिंग इलाके से चीन ने अपने लगभग 20 प्रतिशत सैनिकों को करीब 3 किलोमीटर तक पीछे हटाया है. लेकिन भारत-चीन की मौजूदा तनातनी वाले चौथे प्वाइंट, पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे से चीन बिल्कुल पीछे नहीं हटा है. इसी जगह पर 5 मई को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी.

सूत्रों के मुताबिक, पैंगोंग झील के फिंगर 4 इलाके में चीनी सेना बड़ी तादाद में मौजूद है और उनके सामने उतनी ही तादाद में भारतीय सैनिक मोर्चा संभाले हुए हैं. LAC पर से चीनी सैनिक जब तक पूरी तरह नहीं हटते, भारत भी अपनी फौज पीछे नहीं करेगा.

बीते 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने चीन के मेजर जनरल लियु लिन से मोल्डो में बात की थी. जो LAC में चीनी हिस्से में है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के साथ एक लंबी बैठक की थी, जिसमें मौजूदा स्थिति के बारे में मंथन हुआ.

बैठक में रक्षा मंत्री को बताया गया कि चीन की ओर से बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सैन्य मौजूदगी की गई है, इसके अलावा दोनों देशों की सेनाओं के बीच जो बात हुई उस पर मंथन किया गया. सूत्रों की मानें, तो रक्षा मंत्री को इस बात की जानकारी दी गई कि सेना की ओर से अभी भी बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा, ताकि एक महीने से जारी इस विवाद को सुलझाया जा सके

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *