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इस्राईल : कोरोना महामारी को कंट्रोल करने में नाक़ाम नेतनयाहू के ख़िलाफ़ विद्रोह : वीडियो

इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू कोरोना वायरस की महामारी को कंट्रोल करने के मामले में नाकाम हो जाने की वजह से गहरे विवाद में घिर गए हैं।

नेतनयाहू के ख़िलाफ़ लोगों में इसलिए आक्रोश है कि वह अपनी रणनीति से कोरोना वायरस की महामारी को भी कंट्रोल नहीं कर पाए और इस महामारी के चलते पैदा होने वाले आर्थिक संकट के सामने भी पूरी तरह बेबस हो गए।

इस स्थिति के कारण नेतनयाहू के आवास के सामने और दूसरे कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। 30 साल के प्रदर्शनकारी कोस्ट ब्लाक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी पूरी पीढ़ी अब इस्राईली नेतृत्व में अपना विश्वास खो चुकी है अब इस्राईली नेताओं को हमारी कोई चिंता ही नहीं है।

बारह जुलाई को किए गए सर्वे की रिपोर्ट से पता चला कि केवल 29.5 प्रतिशत लोगों ही अब नेतनयाहू पर भरोसा रह गया है।

इस्राईली कंपनियों का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण आर्थिक संकट फैल गया है और नेतनयाहू सरकार ने जो क़दम उठाए हैं और मदद का जो वादा किया है वह धोखे से ज़्यादा कुछ नहीं है।

इस्राईलियों का कहना है कि नेतनयाहू का सारा ध्यान फ़िलिस्तीनी इलाक़ों को हड़पने और अपने ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के गंभीर मुक़द्दमों से ख़ुद को बचाने पर केन्द्रित है।

नेतनयाहू का कहना है कि वह आर्थिक मदद का इंतेज़ाम कर रहे हैं और बहुत जल्द यह मदद लोगों तक पहुंचेगी मगर समस्या यह है कि लोगों को नेतनयाहू की बात पर भरोसा नहीं है।

इस्राईली इंस्टीट्यूट फ़ार डेमोक्रेसी के प्रमुख यूहानन ब्लेसनर का कहना है कि शुरू में इस्राईलियों को अंदाज़ा था कि हालात गंभीर हैं और सरकार मेहनत से काम कर रही है मगर अब यह विचार आम हो गया है कि सरकार चिकित्सा और आर्थिक पहलुओं पर काम ही नहीं कर रही है।

इस्राईल में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 68 हज़ार से अधिक है और यूरोपीय संघ ने इस्राईलियों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है।

आर्थिक दुर्दशा के चलते बेरोज़गारी की दर 21.5 प्रतिशत हो गई है और जीडीपी में 6 प्रतिशत की गिरावट आ रही है।

स्रोतः रोयटर्ज़

न लॉन्च पैड, न ही पारंपरिक उपकरण, दुनिया में पहली बार ज़मीन में दबे हुए मिसाइल, ज़मीन का सीना चीरते हुए लक्ष्य को ध्वस्त कर देते हैं

आईआरजीसी की वायु सेना के कमांडर जनरल अमीर अली हाजीज़ादे ने कहा है कि दुनिया में पहली बार आईआरजीसी ने पृथ्वी की गहराई से बैलिस्टिक मिसाइलों को फ़ायर किया है और यह प्रक्षेपण पारंपरिक लॉन्च पैड और उपकरणों के बिना अंजाम दिया गया है।

द ग्रेट पैग़म्बर संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान, आईआरजीसी ने ज़मीन की गहराईयों से बैलिस्टिक मिसाइल फ़ायर किए हैं, और यह कारनामा दुनिया में पहली बार किसी सेना ने अंजाम दिया है।

जनरल हाजीज़ादे का कहना था कि लॉन्च पैड और पारंपरिक उपकरणों के बिना ज़मीन में दबे हुए मिसाइल, अचानक ज़मीन का सीना चीरते हुए अपने लक्ष्यों को ध्वस्त कर देते हैं।

इस बीच, ईरान के नूर उपग्रह ने क़तर स्थित अमरीकी सैन्य अड्डे अल-उदैद की तस्वीरें ली हैं, जिससे पता चलता है कि क्षेत्र में दुश्मन सैनिकों की हर हरकत पर ईरान की पैनी नज़र है।

ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी ने फ़ार्स खाड़ी स्थित स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के निकट द ग्रेट पैग़म्बर संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान, नूर उपग्रह द्वारा ली गई, इन तस्वीरों को प्रकाशित किया है।

ईरानी उपग्रह ने उदैद सैन्य छावनी की एक पूर्ण हाई रिज़ोलुशन वाली तस्वीर उतारी है, जो इस छेत्र में सेंटकॉम की सबसे बड़ी छावनी है।

ग़ौरतलब है कि नूर ईराना का पहला सैन्य उपग्रह है, जिसे इसी साल अप्रैल में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था।

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