उत्तर प्रदेश राज्य

इस सरकार में ब्राह्मण होना जुर्म है : 3 दिन की सुहागिन हुई विधवा को पुलिस ने साजिश रचने में जेल भेजा

बिकरू एनकाउंटर में साजिश के आरोप में जेल भेजी गई नवविवाहिता खुशी (अमर दुबे की पत्नी) की भूमिका की दोबारा जांच शुरू हो गई है। आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने लेकर एसएसपी को जांच कराने के निर्देश दिए । जांच के बाद उसके जेल से छूटने की उम्मीद है।

एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी को पुलिस ने साजिश रचने में जेल भेजा है। 29 जून को ही उसकी शादी हुई थी और वो 30 जून को बिकरू पहुंची थीं। इसके दो दिन बाद दो जुलाई को बिकरू कांड हो गया। वो दो दिन ही बिकरू में रही फिर भी पुलिस ने उसे साजिश रचने के आरोप में जेल भेज दिया। 


भारत समाचार
@bstvlive
#Lucknow – AAP सांसद संजय सिंह का अमर दुबे की पत्नी को लेकर ट्वीट,

➡मात्र 3 दिन की सुहागिन थी खुशी,
➡3 दिन की सुहागिन के बाद विधवा हुई ख़ुशी,
➡अमर दुबे के कारण खुशी को जेल में रखा है,
➡खुशी दुबे एक पेंटर की बेटी है,
➡खुशी का जुर्म क्या है? –संजय सिंह

Rajesh SP
@ARajesh_SP
जब विकास दुबे की मां और पत्नी निर्दोष तो खुशी दुबे कैसे दोषी कैसे ?
3 दिन की #सुहागिन थी बेटी लेकिन पुलिस ने 3दिन मे विधवा हुई अमर दुबे की पत्नी ख़ुशी दुब को कानपुर कांड के साजिशकर्ता मानते हुए जेल भेजा.. पिता गरीब हैं रोते हुए सवाल कर रहे, बेटी कहां है नही बताते न मिलने देते?


Akriti Mishra
@akhona_zulu8
दस दिन पूर्व व्याह कर आयी अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे जेल में है, उसे किस जुर्म में सजा दी गयी है, उसका क्या गुनाह है?

प्रभात मिश्रा उम्र 17 वर्ष, योगी की पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार दिया,उस नवयुवक छात्र का क्या गुनाह था ?

क्या इस सरकार में ब्राह्मण होना ही जुर्म है ?


Vinay Rai
@vinayraivinay
कुछ लोगों का तर्क हैं की #अमर_दुबे की पत्नी 22 साल की #खुशी_दुबे को जेल में डालने वाली पुलिस अपराधी हैं।विधवा को दुख भी नहीं मनाने दिया #अत्याचार हैं
@Uppolice
ने गैंगस्टर बना दिया। लेकिन #सवाल उम्र का या सात दिन पहलें हुई शादी का नहीं होना चाहिए। आरोप और सबूत की होनी चाहिए।

विराथू यति नरसिंहानन्द सरस्वती जी महाराज समर्थक
@FansYati
विकाश दुबे तो गिरफ़्तार हो गया लेकिन कभी विकास दुबे की टुकड़ों पर पलने वाली कानपुर पुलिस अब अन्याय और अत्याचार पर उतर गई है। 9 दिन पहले ब्याह कर आई अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को जेल भेज दिया. किसी की बहन को उठा ला रहे है तो किसी की मां को पीट रहे। यह गैर कानूनी कृत्य है।

रामराज दुबे
@IqjmzibjVx9Ba3o
29 जून को अमर दुबे और खुशी का विवाह हुआ, खुशी खुशी खुशी से खुशी दुबे सुहागन बनी, उसका कसूर सिर्फ अमर दुबे की पत्नी होना है उसकी उसकी मांग के सिंदूर का रंग चढ़ते ही धुल गया, वह विधवा हुई और और जेल भेज दी गई।
आप सभी के घर बेटी बहू बहन हैं, क्या खुशी दुबे जेल जाने की गुनहगार है ?

अमर उजाला ने इस पर सवाल उठाते हुए खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। अब आईजी का कहना है कि खुशी की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। अगर साक्ष्य नहीं मिलेंगे तो 169 की कार्रवाई करवाकर उसे जेल से रिहा कराया जाएगा। तीन दिन के भीतर जांच पूरी हो जाएगी। जांच एसपी पश्चिम को सौंपी गई है।

बिकरू में शहीद हुए पुलिसकर्मियों का बदला लेने के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। एक के बाद एक पांच एनकाउंटर किए गए। वहीं, एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की नवविवाहिता पर भी पुलिस की बिना सोचे समझे की गई कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि अमर से उनकी बेटी की शादी उन्हें गुमराह करके कराई गई थी।

शादी के दो दिन बाद बेटी ससुरालीजनों को अभी ठीक से समझ भी नहीं पाई थी कि पुलिस ने उसे इस दुर्दांत वारदात का साजिशकर्ता बना दिया था। बेकसूर बेटी के खिलाफ हुई कार्रवाई से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पनकी रतनपुर कॉलोनी में रहने वाले खुशी दुबे के पिता श्याम ने बताया कि वह पेंटिंग का काम कर किसी तरह से पांच बच्चों के परिवार का पेट पालते हैं।

अब हमे परेशान किया जा रहा है

विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में शनिवार को पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने कई स्थानों व गलियों का दौरा किया। सुरक्षा के इंतजाम की रूपरेखा भी तैयार की। वहीं बिकरू की महिलाओं ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा अब हमे परेशान किया जा रहा है। बिकरू और भीटी गांव के चप्पे चप्पे पर आरएएफ के जवान तैनात किए गए। कई थानों की फोर्स और 112 वाहन लगाए गए हैं। पुलिस घर-घर तलाशी ले रही है।

सीओ त्रिपुरारी पांडे, दारोगा जितेंद्र कुमार व अन्य पुलिस अधिकारियों ने कुख्यात विकास दुबे की जमींदोज कोठी के तीन दिशाओं में बंकर बनाने के इंतजाम करने के साथ वाचटॉवर बनाने को लेकर चर्चा की। वारदात स्थल के समीप एक वाचटॉवर या फिर किसी घर की छत पर पुलिस कर्मियों की तैनाती करने पर विचार विमर्श किया गया। बिकरू गांव में अस्थायी पुलिस चौकी बनाने पर स्थान को लेकर पुलिस अधिकारी गांव का नक्शा बनाते नजर आए। 

महिलाएं बोलीं, अब पुलिस कर रही परेशान
बिकरू और भीटी गांव में महिलाओं-बच्चों के चेहरे पर हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खात्मे के बाद सुकून दिखाई दिया। लेकिन कई महिलाओं ने बताया कि पुलिस अधिकारी जांच की आड़ में बिना सूचना व धड़ल्ले से घर में घुस आते हैं। दबाव बनाने लगते हैं। इससे लोग परेशान हैं।

बिकरू कांड के बाद पुलिस ने विकास दुबे के पिता रामकुमार के कमरे में लगा सीसीटीवी डीवीआर, टीवी और कंप्यूटर भी तोड़ डाला था। अब सीसीटी कैमरे का डीवीआर नहीं मिल रहा है। पुलिस टीम पर हमला और उनकी हत्या के बाद अत्याधुनिक शस्त्रों के लूट के नौ दिन बाद शनिवार को पुलिस ने मुनादी करवाई। गांव में घूम-घूमकर लूटे गए शस्त्रों को वापस करने की अपील ग्रामीणों से की। मुनादी में पुलिस अधिकारियों ने 24 घंटे में शस्त्र वापस न करने और खोजबीन में शस्त्र बरामद होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

 

 

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