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ईरान, रूस और तुर्की, सीरिया को बांटने वाली अमेरिकी-इस्राईल की हर तरह की कार्यवाहियों से निपटने के लिए तैय्यार हैं : रिपोर्ट

 

ईरान, रूस और तुर्की के राष्ट्रपतियों की सीरिया के बारे में बुधवार को वर्चुअल बैठक के अंत में तीनों देशों ने संयुक्त बयान में सीरिया की स्वाधीनता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने पर बल दिया।

तस्नीम न्यूज़ के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी, रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन और तुर्क राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने इस वर्चुअल बैठक के संयुक्त बयान में, जो 14 अनुच्छेद पर आधारित है, इस बात पर बल दिया कि सीरिया विवाद सैन्य मार्ग से हल नहीं हो सकता, बल्कि सीरियाई पक्षों के बीच सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2254 के मुताबिक़ राजनैतिक प्रक्रिया से ही हल होगा जिसे सुचारू बनानें में यूएन अपना योगदान दे। यह वर्चुअल बैठक सीरिया के बारे में आस्ताना वार्ता प्रक्रिया का ही क्रम है।

इसी तरह तीनों राष्ट्राध्यक्षों ने सीरिया की स्वाधीनता और क्षेत्रीय अखंडता को कमज़ोर करने वाली हर तरह की पृथकतावादी कार्यवाहियों से निपटने पर बल दिया।

ईरान, रूस और तुर्की के राष्ट्रपतियों ने इस्राईल के सीरिया पर सैन्य हमलों को इस देश की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन और क्षेत्र में तनाव पैदा करने वाला बताया और साथ ही सीरिया के गोलान हाइट्स इलाक़े पर इस्राईल के नाजायज़ क़ब्ज़े को रद्द करने वाले सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 497 का सम्मान होने पर ताकीद की।

अमरीकी दबाव से सीरिया के मित्र देशों के इरादे पर कुछ असर नहीं होगाः रूहानी

 

ईरान, रूस और तुर्की के राष्ट्रपतियों की सीरिया के बारे में वर्चुअल बैठक में ईरानी राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा कि अमरीकी दबाव से सीरिया के मित्र देशों के इरादे पर कुछ असर नहीं होगा। यह सीरिया के बारे में आस्ताना प्रक्रिया का क्रम है।

डॉक्टर हसन रूहानी ने अपने भाषण में कहा कि जैसे ही मुमकिन होगा इस्लामी गणतंत्र की मेज़बानी में बैठक आयोजित होगी जिसमें रूस और तुर्की के राष्ट्रपति शारीरिक रूप में मौजूद होंगे।

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा, राष्ट्रीय संप्रभुता के सम्मान और स्वाधीनता पर बल देता है। उन्होंने कहा कि ईरान चाहता है कि सीरिया के भविष्य का निर्धारण सीरियाई जनता के हाथों, बिना विदेशी हस्तक्षेप के, बातचीत के ज़रिए हो।

इसी तरह ईरानी राष्ट्रपति ने साफ़ तौर पर कहा कि अमरीकी सरकार के दबाव का सीरिया के मित्र देशों के इरादे पर कुछ भी असर नहीं होगा।

उन्होंने आगे कहा कि अमरीका यह बात अच्छी तरह समझ ले कि जब वह आतंकवादी गुटों की मदद और सैन्य दबाव से कुछ हासिल नहीं कर पाया तो वह सीरियाई जनता पर दबाव और उन्हें दंडित करने के हथकंडे से भी कुछ हासिल नहीं कर पाएगा।

डॉक्टर हसन रूहानी ने कहा कि सीरिया संकट का सिर्फ़ राजनैतिक हल है, यह संकट सैन्य मार्ग से हल नहीं हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि आतंकियों के पूरी तरह सीरिया सहित क्षेत्र से सफ़ाए तक संघर्ष जारी रहेगा, इसलिए बेहतर यही होगा कि आतंकी अमरीकी फ़ोर्सेज़ सीरिया सहित क्षेत्र से निकल जाएं ताकि सीरिया की स्वाधीनता पूरे देश पर क़ायम हो।

ईरानी राष्ट्रपति ने इस अवसर पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ शहीद होने वाले सभी शहीदों ख़ास तौर शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी को याद किया।

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