उत्तर प्रदेश राज्य

उत्तर प्रदेश : पत्रकार प्रशांत दोहरे को कार समेत अगवा क लूटा!

हर काम हर किसी के बस का नहीं होता है, बीमार होने पर लोग डॉक्टर के पास इलाज करवाने जाते हैं कोई भी किसी इंजीनेर आदि के पास नहीं जाता, साइकिल चलाने वाले को अगर रेल या हवाई जहाज़ दे दिया जाये तो इंजाम क्या होगा इसका अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है

उत्तर प्रदेश में हर तरह की वयवस्थों का बुरा हाल है, यहाँ अपराध तो जैसे सारे अगले पिछले रिकॉर्ड तोड़ देंगे, मुख्य मंत्री की ठोक दो नीति और पुलिस की टांग के नीचे गोली मारने की तरकीब भी किसी काम की साबित नहीं हुई

शायद ही इतना ख़राब कानून व्यवस्था पहले कभी किसी भी राजय की रही हो, मगर क्या फ़र्क़ पड़ता है, मरने वाला मर जाता है, घर वाले एक आध दिन उधम कर अपनी जिंदिगी जीने लगते हैं, बाकी को मतलब ही नहीं, सरकार के लिए जनता की तकलीफों की तरफ देखने की फुर्सत नहीं होती, उसे और बहुत से काम करने होते हैं, राम मंदिर बन जायेगा तो देश की ग़रीबी, भुखमरी, अपराध अपने आप ख़तम हो जायेंगे

औरैया जिले के दिबियापुर में एनटीपीसी गेल कैनाल रोड पर सोमवार की रात बाइक सवार तीन लोगों ने रास्ता पूछने के बहाने कार से जा रहे पोर्टल के पत्रकार प्रशांत दोहरे को रोका और कार समेत अगवा कर लिया। बाद में कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में उसे फेंक कर कार लेकर फरार हो गए।

सूचना मिलने पर एएसपी और सीओ ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। नेहरू नगर निवासी प्रशांत दोहरे पुत्र मनोज कुमार ने एएसपी कमलेश दीक्षित को पूछताछ के दौरान बताया कि सोमवार की रात लगभग नौ बजे वह एनटीपीसी गेल कैनाल रोड पर अपनी नई कार से जा रहे थे।

तभी बाइक सवार तीन युवक आकर रुके। उन लोगों ने बीच में बैठे युवक को बीमार बताते हुए औरैया जाने का रास्ता पूछा। शीशे के अंदर से ही रास्ता बताया तो युवकों ने शीशा नीचे करने के लिए कहा। उन्होंने जैसे ही शीशा नीचे किया तो एक युवक ने कनपटी पर तमंचा लगा दिया और ड्राइविंग सीट से हटाकर दूसरी सीट पर बैठा दिया।

एक युवक ने स्टेयरिंग संभाली और दूसरा कनपटी में तमंचा लगाए रहा। तीसरा युवक बाइक को लेकर आगे बढ़ गया। प्रशांत दोहरे ने बताया कि थोड़ी देर बाद उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और हाथों को भी बांध दिया। रास्ते में अपहरण करने के एवज में किसी सरदार को फोन मिलाकर फिरौती की बात की।

इस बीच तमंचे की बट से कई बार उसे पैरों, पीठ व गर्दन में मारा। इसी बीच कार रोकी और उसे सड़क के किनारे फेंककर भाग गए। इसके बाद किसी तरह हाथ व आंख पर बंधी पट्टी हटाई। आसपास जंगल था। काफी दूर गांव जाकर दूसरे से मोबाइल लेकर पुलिस को फोन किया। दिबियापुर पुलिस को सूचना मिली तो पीड़ित को ले आई। पीड़ित के अनुसार अपहरण कर्ता पीड़ित के दो मोबाइल, कार एवं नकदी लूटकर ले गए हैं।

एएसपी कमलेश दीक्षित, सीओ सुरेंद्र नाथ, दिबियापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक अनिल विश्वकर्मा ने पड़ताल शुरू की। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। सीओ औरैया सुरेंद्र नाथ का कहना है कि घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कार की तलाश की जा रही है। पीड़ित से तहरीर देने के लिए कहा गया है।

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