उत्तर प्रदेश राज्य

…ये नरकलोक है…विकास होते ही सरकार को बचाने के लिए हैं

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को दबिश देने गई पुलिस की टीम पर साथियों के साथ हमला कर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने वाले विकास दुबे को शुक्रवार को एनकाउंटर में मार गिराया गया। उसे मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, इस घटना के बाद से महाकाल मंदिर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 

बता दें कि, गिरफ्तारी के बाद दुबे को कानपुर लाया जा रहा था, तभी रास्ते में एसटीएफ की गाड़ी पलट गई। इसके बाद दुबे ने पुलिस कर्मियों से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विकास को मुठभेड़ में मार गिराया। 

वहीं, उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से विकास दुबे के पकड़े जाने के बाद से यहां की सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैद कर दी गई है। हालांकि, यह मंदिर परिसर में किसी गैंगस्टर के पकड़े जाने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले गैंगस्टर प्रवेश मान को भी यहीं से पकड़ा गया था। 

दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर प्रवेश मान को 27 अक्तूबर, 2018 को उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया था। मान नीरज बवाना गैंग का सदस्य था। स्थानीय सायबर सेल को मुखबिर ने सूचना दी कि मान मंदिर पहुंच रहा है, इसके बाद पुलिस की टीम ने मंदिर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया था। मान को बाद में दिल्ली एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को सौंप दिया गया था। 

मान पर दिल्ली के अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज थे। हालांकि, एक बार फिर उज्जैन शहर दुबे के पकड़े जाने और उसके एनकाउंटर से सुर्खियों में आ गया है। महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु हर रोज यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अपराधियों के भी यहां आने की आशंका बनी रहती है। 

शीघ्र दर्शन टिकट के लिए दिखाना होगा पहचान-पत्र
विकास दुबे की घटना के बाद से मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शीघ्र दर्शन के लिए टिकट खरीदने पर अब श्रद्धालुओं को अपना पहचान-पत्र दिखाना होगा, इसके बाद ही उन्हें टिकट दिया जाएगा। शुक्रवार से इस नियम को लागू कर दिया गया। 

कुछ समय पहले तक 250 रुपये का शीघ्र दर्शन टिकट खरीदने पर श्रद्धालुओं को पहचान-पत्र दिखाना होता था। साथ ही कर्मचारी टिकट खरीदने वाले श्रद्धालु की फोटो भी खींचते थे, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसका विरोध किया गया था। लेकिन गुरुवार को विकास दुबे द्वारा भी इसी टिकट के खरीदे जाने के बाद से नियमों में बदलाव किया गया है और इसे अधिक सख्त बना दिया गया है। 

Mohammad Arif Dagia
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#चित्रकूट…ये नरकलोक है दिल्ली से सैकड़ों किलोमीटर दूर बुंदेलखंड के चित्रकूट में. जहां गरीबों की नाबालिग बेटियां खदानों में काम करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन ठेकेदार और बिचौलिये उन्हें काम की मजदूरी नहीं देते. मजदूरी पाने के लिए इन बेटियों को करना पड़ता है अपने जिस्म का सौदा.

कर्वी की रहने वाली सौम्या (बदला हुआ नाम) कहती है, ‘जाते हैं और काम पता करते हैं तो वो बोलते हैं कि अपना शरीर दो तभी काम पर लगाएंगे, हम मजबूरी में ऐसा करते हैं, फिर भी पैसे नहीं मिलता. मना करते हैं तो बोलते हैं कि काम पर नहीं लगाएंगे. मजबूरन हमें यह सब करना पड़ता है.’

सौम्या की मां (घर के भीतर से) कहती हैं, ‘बोलते हैं कि काम में लगाएंगे जब अपना शरीर दोगे. मजबूरी है पेट तो चलाना है तो कहती है चलो भाई हम काम करेंगे. 300-400 दिहाड़ी है. कभी 200 कभी 150 देते हैं. घर चलाना है परिवार भूखे ना सोए. पापा का इलाज भी कराना है.’

चित्रकूट की पहाड़ियों पर करीब 50 क्रशर चलते हैं. भुखमरी और बेरोजगारी की मार झेल रहे यहां के कोल समाज के लिए यही रोजी रोटी का सहारा है. इनकी गरीबी का फायदा उठाकर बिचौलिये और ठेकेदार बच्चियों का शोषण करते हैं. लोगों की क्या मजाल जो इनके खिलाफ आवाज भी उठा सके.///

इस नरकलोक तक इंडियन पैनल कोड के कानून नहीं पहुंचते. यहां बाल अधिकारों से जुड़ी संस्थाओं के हाथ नहीं पहुंचते. बचपन की रक्षा, उन्हें शोषण से बचाने के तमाम विधि विधान यहां तक नहीं पहुंचते. शोषण से तंग आकर तमाम महिलाओं ने पहाड़ों पर काम छोड़ दिया. बच्चों को वहां भेजना छोड़ दिया. इस बीच आजतक पर चित्रकूट में बच्चियों के साथ यौन शोषण का खुलासा होने के बाद स्वाति मालिवाल ने ट्वीट कर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार से तुरंत सख्त एक्शन लेने की मांग की.///
सभी #5000 मित्रों को #tag

Article19 Broadcast
@Article19B
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‘विकास’ को तो मारा ही जाना था। यह तय था। जब से विकास की प्रक्रिया शुरु हुई है विकास का यही हाल हुआ है। वो चाहे कानपुर का विकास हो या देश का। विकास बस एक नारा है। इस लिंक पर जाइए और देख लीजिए विकास का असली मतलब। विकास होते ही सरकार को बचाने के लिए हैं।

Azhar Shameem
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*एक समसामयिक बनारसी कविता*
गजबै रजा विकास होत हौ
बिन पढ़लै सब पास होत हौ
येहर कोरोना ओहर कोरोना
अदमी जीयतै लास होत हौ
मन्दिर मस्ज़िद बन्द पड़ल हौ
घर बैठल अरदास होत हौ
गेरुवा अउर धानी में जमके
टीवी पर बकवास होत हौ
पपुवा बोलै उछर उछर के
देश क सत्यानास होत हौ
अर्थ व्यवस्था देश क झंडू
गपुवा कहे विकास होत हौ
चीन क टँगरी एक दिन टूटी
अबहीं त अभ्यास होत हौ
एक क सउदा बिकै चार में
ई धन्धा बिन्दास होत हौ
गल्ली गल्ली जमके राजा
जुवा लूडो तास होत हौ
चौचक राजा अच्छे दिन क
जनता के एहसास होत हौ
गजबे रजा विकास होत हौ ।।
आसिफ मंसूरी
जनता स्वाभिमान पार्टी

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