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रूस, ने अमरीकी जासूस विमान को दौड़ाया : ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी-इस्राईली की रणनीति का ख़ुलासा

सीरिया में रूस के हमीमीम सैन्य केन्द्र के एंटी एयर क्राफ़्ट सिस्टम ने लाज़ेक़िया में कई ड्रोन विमानों को निशाना बनाया है।

रूस के हमीमीम सैन्य केन्द्र के एंटी एयर क्राफ़्टर सिस्टम ने फ़ायरिंग करके लाज़ेक़िया के क्षेत्र में अनेक ड्रोन विमानों को तबाह कर दिया।

माना जा रहा है कि यह ड्रोन विमान आतंकवादियों के थे जो लाज़ेक़िया के आसमान में उड़ान भर रहे थे। सीरिया में तरतूस में स्थित नौसेना केन्द्र और लाज़ेक़िया में हमीमीम सैन्य केन्द्र रूस के पास है और सीरिया की अपील पर रूस, आतंकवादी गुटों के विरुद्ध संघर्ष में 2015 से सहयोग कर रहा है और इसी परिधि में विभिन्न अवसरों पर सीरिया में स्थित इन सैन्य केन्द्रों को प्रयोग भी किया जाता है।

रूस, ने फिर दौड़ाया अमरीकी जासूस विमान को, क्या टकराव कभी भी हो सकता है?

रूस के युद्धक विमानों ने जापान सागर पर उड़ान भरने वाले अमरीकी जासूस विमान को भागने पर मजबूर कर दिया।

रूसी रक्षामंत्रालय के अनुसार अमरीका का आरसी-135 प्रकार के जासूस विमान शनिवार को जापान सागर के क्षेत्र में उड़ान भर रहा था कि जिसे रूस के सुख़ोई और मिग-31 लड़ाकू विमानों ने क्षेत्र से मार भगाया।

रूसी रक्षामंत्रालय के बयान के अनुसार रूसी विमान अमरीकी जासूस विमान को अपनी वायु सीमा से बाहर निकालने के बाद, अपने अड्डों पर वापस लौट आए।

बयान में कहा गया है कि रूसी विमान की सारी उड़ानें अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार हैं और उनका मक़सद अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा को सुनिश्चित बनाना है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने किया ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी-इस्राईली नई रणनीति का ख़ुलासा

रूस की स्पूटनिक न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमरीकी अख़बार ने ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी-इस्राईली नई रणनीति के ख़ुलासे का दावा किया है।

अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा है कि अमरीका और इस्राईल की नई रणनीति, युद्ध में फंसे बिना, ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ ख़ुफ़िया हमले करना है।

ग़ौरतलब है कि मई 2018 मे ईरान परमाणु समझौते से बाहर निकलने के अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के एलान के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और इसी साल 3 जनवरी को अमरीकी ड्रोन हमले में ईरान की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर जनरल सुलेमानी की मौत के बाद यह तनाव ख़तरनाक हद तक बढ़ गया है।

विश्लेषकों का कहना है कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प की ख़स्ता हालत ईरान के साथ अमरीका के तनाव को नए चरण में ले जा सकती है।

न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा है कि अमरीका और इस्राईल, नई संयुक्त रणनीति के तहत ख़ुफ़िया हमलों में आईआरजीसी के वरिष्ठ कमांडरों और परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं।

इस रिपोर्ट में ईरान के मामलों में अमरीका के प्रतिनिधि ब्रायन हुक के एक निकट सूत्र के हवाले से यह दावा किया है, जिन्होंने पिछले महीने दावा किया था कि अतीत में हमने देखा है कि कमज़ोरी और कायरता दिखाने से ईरान का साहस बढ़ता है।

अमरीकी अख़बार का यह भी दावा है कि अमरीका, वेनेज़ुएला के लिए तेल ले जाने वाले ईरान के चार टैंकरों को ज़ब्त करने की योजना बना रहा है।

अमरीका के विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि वाशिंगटन, इन टैंकरों को रोकने और उनका तेल ख़ाली करने के लिए यूनान की सरकार का सहयोग हासिल करने का प्रयास कर रहा है।

ग़ौरतलब है कि इससे पहले भी अमरीकी अधिकारी इस तरह के दावे कर चुके हैं, लेकिन तेहरान और काराकास की स्पष्ट कड़ी चेतावनी के बाद, वाशिंगटन ऐसा कोई क़दम उठाने का साहस नहीं कर सका है।

वेनेज़ुएला अमरीका के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के कारण, ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। ईरान अप्रैल के बाद से पांच तेल टैंकरों द्वारा 15 लाख बैरल तेल वेनेज़ुएला पहुंचा चुका है।

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