सेहत

गोमूत्र और गोबर से कोरोना का इलाज : हैरान कर देने वाला ब्योरा!

भारत के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पिछले रविवार को कोरोना पॉज़िटिव पाए गए, इसी दिन कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी ख़ुद के संक्रमित होने की घोषणा की।

तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित में भी संक्रमण की पुष्टि रविवार को ही हुई। इसी दिन ख़बर आई कि उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और सिंचाई मंत्री महेंद्र सिंह भी संक्रमण का शिकार हो गए हैं जबकि उत्तर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा मंत्री कमलरानी वरुण ने तो कोरोना के चलते दम ही तोड़ दिया।

भाजपा नेताओं में कोरोना संक्रमण पाए जाने की यह तो केवल रविवार दो अगस्त की खबरें हैं। इससे पहले भी पूरे से लगातार भाजपा नेताओं के संक्रमण की चपेट में आने की खबरें आती रही हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी संक्रमित पाए गए थे जबकि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी संक्रमित हो चुके हैं।

मध्य प्रदेश में तो प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश प्रभारी सुहास भगत समेत सरकार में मंत्री अरविंद भदौरिया, ओमप्रकाश सकलेचा, तुलसी सिलावट और अनेक विधायक कोरोना का शिकार बन चुके हैं।


हरियाणा के हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह, पश्चिम बंगाल भाजपा की महासचिव व हुगली सांसद लॉकेट चटर्जी और राजस्थान में भाजपा के सहयोगी दल आएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल और राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाला मीणा भी कोरोना का शिकार हो चुकी हैं।

इस पूरे कोरोना कालखंड के दौरान कोरोना के इलाज संबंधी नुस्ख़े, इस संक्रमण को सामान्य बीमारी बताने वाली टिप्पणियां और संक्रमण फैलाने के लिए विभिन्न वर्गों को दोषी ठहराने वाले बयान भी सबसे अधिक भाजपा नेताओं की तरफ से ही दिए गए हैं।

कभी कोई भाजपा नेता गोमूत्र को कोरोना का इलाज बता रहा था तो कभी कोई कोरोना को महामारी मानने से इनकार कर रहा था।

पार्टी के दिग्गज नेता आलीशान निजी अस्पतालों में संक्रमण का इलाज करा रहे हैं तो सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पर यह चर्चा है कि इलाज के जो नुस्ख़े और सावधानियां वे जनता को बता रहे थे, क्या स्वयं उन्होंने उनका पालन नहीं किया?

4 मार्च को उत्तर प्रदेश के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने दावा किया था कि कोरोना मेरी विधानसभा में नहीं घुस सकता क्योंकि लोनी शहर में गायों की संख्या सबसे ज़्यादा है।

उन्होंने दावा किया था कि जहां गाय होती है, वहां किसी भी तरह का वायरस नहीं आ सकता, गाय एक चलती-फिरती डॉक्टर है।

आज भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या 20 लाख से अधिक है जबकि पूरे भारत में गाय की पूजा होती है।

इनसे पहले भाजपा विधायक सुमन हरिप्रिया भी गोमूत्र और गाय के गोबर में कोरोना का इलाज खोज चुकी थीं।

उन्होंने असम विधानसभा में कहा कि हम सभी जानते हैं कि गाय का गोबर काफी फ़ायदेमंद होता है, जैसे गोमूत्र के छिड़काव जहां किया जाए वह शुद्ध हो जाती है, मुझे लगता है कि इसी तरह गोमूत्र और गाय के गोबर से कोरोना वायरस भी ठीक हो सकता है।

उद्गार उत्तराखंड के भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने भी दावा था कि हवन–यज्ञ और गोमूत्र-गोबर का प्रयोग कोरोना का इलाज है।

कोरोना वायरस का वैक्सीन भले ही अब तक न बना हो, लेकिन भाजपाइयों ने एक समय गोमूत्र को ही कोरोना का वैक्सीन मान लिया था और लोगों को कोरोना से बचाने के लिए वे गोमूत्र पार्टी का आयोजन कर रहे थे.

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता द्वारा आयोजित की गई ऐसी ही एक पार्टी में गोमूत्र के सेवन से एक व्यक्ति के बीमार होने के बाद भाजपा कार्यकर्ता गिरफ्तार तक हो गये।

14 मार्च को भाजपा के ही सहयोगी संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने भी दिल्ली में गोमूत्र पार्टी का आयोजन किया था।

उत्तराखंड के भाजपा विधायक महेंद्र भट्ट गोमूत्र से कोरोना के इलाज का एक और हास्यास्पद तरीक़ा खोज लाए। उन्होंने दावा किया कि यदि कोरोना से बचना है तो रोज सुबह दो चम्मच गोमूत्र पिएं, साथ ही गाय के गोबर की राख को पानी में मिलाकर उसे छानकर तैयार किए गए पानी से नहाएं।

अब सवाल यह है कि भारत में कोरोना से हालात दिन प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं और इस स्थिति में ऐसा लगता है कि स्वयं भाजपा नेताओं ने भी यह नुस्ख़े नहीं आज़माए!

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